
हेरिटेज वॉक में शामिल हुए देसी-विदेशी प्रतिनिधि
तीन दिवसीय इंटरनेशल कांफ्रेंस का दूसरा दिन हेरिटेज वॉक में शामिल हुए देसी-विदेशी प्रतिनिधि हेरिटेज वॉक में शामिल हुए देसी-विदेशी प्रतिनिधि
तीन दिवसीय इंटरनेशल कांफ्रेंस का दूसरा दिन युवा वर्ग को पर्यटन से जोड़ने पर हुई चर्चा फोटो : हेरिटेज वॉक-राजगीर में इंटरनेशनल कांफ्रेंस के दौरान गुरुवार को हेरिटेज वॉक में शामिल प्रतिनिधि। राजगीर, निज संवाददाता। एबीटीओ (एसोसिएशन ऑफ बुद्धिस्ट टूर ऑपरेटर्स) द्वारा आयोजित पांचवें इंटरनेशल कांफ्रेंस के दूसर दिन गुरुवार को हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया। देसी-विदेशी प्रतिनिधियों ने हेरिटेज वॉक के दौरान कृष्ण रथ पहिया निशान स्थल से साइक्लोपियन वॉल तक की दूरी तय की। इसमें भारत, नेपाल, लाओस, कंबोडिया, बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, वियतनाम समेत कई देशों के प्रतिनिध शामिल हुए। इसके बाद आयोजित कांफ्रेंस में युवा वर्ग को पर्यटन से जोड़ने पर चर्चा की गयी।
एबीटीओ के सचिव डॉ. कौलेश कुमार ने प्रतिनिधियों को राजगीर के प्राकृतिक, पौराणिक, आध्यात्मिक, पुरातात्विक व ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पांच हजार साल पहले दुनिया में कहीं सभ्यता नहीं थी। वहीं, मगध साम्राज्य व इसकी राजधानी राजगृह अपने चरम पर था। राजगीर में ढाई हजार साल पहले का बुद्धिज्म का इतिहास था। कांफ्रेंस स्थल पर दूसरे दिन के सत्र में बुद्धिस्ट सर्किट के लिए भारत सरकार के पर्यटन व कला संस्कृति विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी गयी। कार्यक्रम में प्रतिनिधियों को मोमेंटो व अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी को सिलाव का खाजा भी उपहार के तौर पर दिया गया। कार्यक्रम में भंते करुमानंद थेरो, पोन पुत्थानुकोर्न, साओरिन सिम, अनामुल्लाह फकीर, हरि प्रसाद ज्ञानवाली, रवि बनकर, संतोष सिंह आदि शामिल हुए।

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