ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News बिहार बिहारशरीफपहल : नालंदा के 4 कृषि प्रक्षेत्रों का होगा कायाकल्प

पहल : नालंदा के 4 कृषि प्रक्षेत्रों का होगा कायाकल्प

पहल : नालंदा के 4 कृषि प्रक्षेत्रों का होगा कायाकल्पपहल : नालंदा के 4 कृषि प्रक्षेत्रों का होगा कायाकल्पपहल : नालंदा के 4 कृषि प्रक्षेत्रों का होगा कायाकल्पपहल : नालंदा के 4 कृषि प्रक्षेत्रों का होगा...

पहल : नालंदा के 4 कृषि प्रक्षेत्रों का होगा कायाकल्प
हिन्दुस्तान टीम,बिहारशरीफTue, 28 Nov 2023 10:45 PM
ऐप पर पढ़ें

हिन्दुस्तान एक्सक्लूसिव :
पहल : नालंदा के 4 कृषि प्रक्षेत्रों का होगा कायाकल्प

बनेंगे कर्मी आवास भवन और करायी जाएगी नयी बोरिंग

सुरक्षा के लिए पुरानी चहारदीवारी को तोड़ नयी बनेगी

बिजवनपर, सरमेरा, गिरियक और एकंगरसराय में हैं कृषि प्रक्षेत्र

गेहूं और धान के बीज हर साल किये जाते हैं तैयार

फोटो

कृषि : सरमेरा के कृषि फॉर्म में तैयार धान फसल की क्रॉप कटिंग कराते अधिकारी।

बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि/रामाशंकर कुमार।

जिले के कृषि फॉर्मों (बीज गुणन प्रक्षेत्र) के कायाकल्प होंगे। बेहतर सुविधाएं बहाल की जाएंगी। हलवाहा के रहने के लिए कर्मचारी आवासी आवास बनेंगे। फसलों की सिंचाई के लिए नयी बोरिंग करायी जाएगी। सुरक्षा को ध्यान में रखकर पुरानी चहारदीवारी की जगह नयी बनायी जाएगी। सर्व के बाद प्रस्ताव मुख्यालय को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा।

नालंदा में चार कृषि फॉर्म हैं। इनमें बिहारशरीफ के बिजवनपर, सरमेरा, गिरियक और एकंगरसराय शामिल हैं। कुल रकबा करीब 23 हेक्टेयर है। करीब 17.6 हेक्टेयर में खेती की जाती है। खरीफ सीजन में धान तो रबी सीजन में गेहूं के बीच तैयार किये जाते हैं। बिहार राज्य बीज निगम (बीआरबीएन) के माध्यम से तैयार बीज विभिन्न जिलों के किसानों को अनुदान पर मुहैया कराया जाता है।

बिजवनपर फॉर्म की बोरिंग खराब, खेती बंद:

चार में से तीन कृषि फॉर्मों में खेती हो रही है। जबकि, बिजवनपर फॉर्म की बोरिंग खराब हो गयी है। इसकी बजह से पिछले एक साल से यहां खेती नहीं की जा रही है। गिरियक और एकंगरसराय फॉर्म की चहारदीवारी टूट चुकी है। सुरक्षा की गंभीर समस्या बनी है। आवारा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा देते हैं। जबकि, सरमेरा फॉर्म का मेन गेट टूट गया है। काफी वर्षों से मेंटेनेंस का काम न होने के कारण कर्मचारी आवासों की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है।

बहाल होंगे सुविधाएं तो उपज में बढ़ोतरी:

कृषि फॉर्मों में बेहतर सुविधाएं बहाल हो जाएंगी तो बीज उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। इसका फायदा सीधे तौर पर किसानों को मिलेगा। चारों जगहों पर एक-एक हलवाहा तैनात हैं। लेकिन, सुविधाएं अच्छी नहीं हैं। खेती-बाड़ी में आने वाला खर्च विभाग देता है। जबकि, इसकी मॉनिटरिंग अनुमंडल कृषि पदाधिकारी द्वारा की जाती है।

कहते हैं अधिकारी

जिले के सभी कृषि फॉर्मों में बेहतर सुविधाएं बहाल करने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। वर्तमान में तीन फॉर्मों में खेती की जा रही है। जबकि, एक की बोरिंग खराब है।

महेन्द्र प्रताप सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी

जिले के कृषि फॉर्म :

कृषि फॉर्म कुल रकबा खेती होती है

1. बिजवनपर 3.5 हेक्टेयर 2.5 हेक्टेयर

2. सरमेरा 6.5 हेक्टेयर 5.5 हेक्टेयर

3. गिरियक 5 हेक्टेयर 4 हेक्टेयर

4. एकंगरसराय 8 हेक्टेयर 5.6 हेक्टेयर

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें