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नालंदा विश्वविद्यालय में बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की नीतिगत तैयारियों पर होगा मंथन

नालंदा विश्वविद्यालय में बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की नीतिगत तैयारियों पर होगा मंथन

संक्षेप:

नालंदा विश्वविद्यालय में 12 और 13 जनवरी को इंडिया थिंक टैंक फोरम का आयोजन होगा। इस फोरम में 75 से अधिक थिंक टैंकों के 80 विशेषज्ञ भाग लेंगे। चर्चा का विषय 'बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत: आंतरिक दृढ़ता का निर्माण' होगा। सत्रों में भू-राजनीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक परिवर्तन पर विचार विमर्श होगा।

Jan 11, 2026 11:06 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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नालंदा विश्वविद्यालय में बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की नीतिगत तैयारियों पर होगा मंथन ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के सहयोग से 12 व 13 जनवरी को होगा आयोजन बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की नीतिगत तैयारियों पर होगा मंथन देशभर के 75 से अधिक थिंक टैंकों से 80 से ज्यादा विशेषज्ञ लेंगे भाग भू राजनीति अर्थव्यवस्था तकनीक और सामाजिक बदलाव पर केंद्रित होंगे सत्र फोटो: नालंदा थिंक: नालंदा विश्वविद्यालय का प्रवेश द्वार। राजगीर, निज प्रतिनिधि। नालंदा विश्वविद्यालय के राजगीर परिसर में 12 और 13 जनवरी को इंडिया थिंक टैंक फोरम के आठवें संस्करण का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन नालंदा विश्वविद्यालय और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) के संयुक्त तत्वावधान में होगा।

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दो दिवसीय फोरम में देशभर के नीति अनुसंधान संस्थानों, शिक्षाविदों और थिंक टैंक प्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी। इंडिया थिंक टैंक फोरम ओआरएफ की वार्षिक पहल है। इसका उद्देश्य नीति संवाद को मजबूत करना और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को साझा मंच प्रदान करना है। आयोजकों के अनुसार, इस बार फोरम का विषय “बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत: आंतरिक दृढ़ता का निर्माण” रखा गया है। इसमें वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों और उनके संदर्भ में भारत की नीति तैयारियों पर मंथन किया जाएगा। फोरम के दौरान भू-राजनीति, अर्थव्यवस्था, सतत विकास, प्रौद्योगिकी और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े विषयों पर सत्र आयोजित होंगे। इन सत्रों में आने वाले दशक की चुनौतियों के लिए भारत की नीतिगत तैयारी, घरेलू मजबूती और वैश्विक परिस्थितियों के आपसी संबंधों पर चर्चा होगी। साथ ही नीति निर्माण में थिंक टैंकों की भूमिका को लेकर विचार रखे जाएंगे। इस आयोजन में देश के 75 से अधिक थिंक टैंकों के 80 से ज्यादा प्रतिनिधि भाग लेंगे। प्रमुख वक्ताओं में ओआरएफ के अध्यक्ष समीर सरन, नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी, ओआरएफ के उपाध्यक्ष हर्ष वी. पंत, नेशनल मैरीटाइम फाउंडेशन के महानिदेशक प्रदीप चौहान, केरल इंटरनेशनल सेंटर के महानिदेशक टी.पी. श्रीनिवासन सहित कई नीति विशेषज्ञ और शोधकर्ता शामिल हैं। आयोजकों का कहना है कि नालंदा जैसे ऐतिहासिक ज्ञान केंद्र में इस फोरम का आयोजन देश के अलग-अलग क्षेत्रों में नीति विमर्श को विस्तार देने की दिशा में एक कदम है। इसके माध्यम से वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की भूमिका और नीति प्राथमिकताओं पर ठोस संवाद को आगे बढ़ाया जाएगा।