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लू से मौत होने पर मुआवजा के लिए कराना होगा पोस्टमार्टम

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लू से मौत होने पर मुआवजा के लिए कराना होगा पोस्टमार्टम
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हिन्दुस्तान टीम,बिहारशरीफThu, 13 Jun 2024 10:30 PM
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लू से मौत होने पर मुआवजा के लिए कराना होगा पोस्टमार्टम
नालंदा में अब तक लू से मौत की नहीं हुई है पुष्टि

बिहारशरीफ, निज प्रतिनिधि।

जिले में पिछले 15 दिनों से भीषण गर्मी व लू का प्रकोप जारी है। जिला प्रशासन से लेकर सरकार ने हीटवेव (लू) का अलर्ट भी जारी किया है। लू से बचाव के लिए एडवाइजरी भी जारी की गयी है। लू से किसी की मौत होने की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम कराया जाना अनिवार्य है। पोस्टमार्टम में लू से मौत की पुष्टि होने की स्थिति में ही मुआवजा दिये जाने का प्रावधान है।

लू से मौत होने पर पिछले कई साल से जिला प्रशासन द्वारा किसी को मुआवजा नहीं दिया गया है। जिला प्रशासन ने भी यह घोषणा कर चुकी है कि अब तक लू से जिले में किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। आपदा प्रबंधन के एडीएम मो. शफीक ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लू से मौत की पुष्टि होने पर ही मुआवजा देने का प्रावधान है।

क्या कहते है चिकित्सक:

जाने-माने चिकित्सक डॉ. फैसल अरशद का कहना है कि लू से मौत होने के कई पहचान होते हैं। पोस्टमार्टम के क्रम में पेशाब की थैली सूखी पायी जाती है। आंख एकदम से धंस जाती है। पेट एकदम से सूख जाता है। शरीर की चमड़ी खींचने से खिंचा जाना इसकी पहचान है।

जरूरी काम होने पर ही निकलें दोपहर में:

आपदा प्रबंधन ने एडवाइजरी जारी कर रखी है कि जरूरी काम होने पर ही दोपहर में घर से निकलें। खासकर 12 से साढ़े तीन बजे तक धूप में न निकलें। इस अवधि में खतरे की आशंका अधिक होती है। भूखे पेट नहीं रहें। घर से निकलने से पहले पानी अवश्य पीयें।

एहतियात:

शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक जगहों पर स्थानीय निकायों द्वारा प्याऊ की व्यवस्था व्यवस्था की जानी चाहिए। इन स्थानों पर गर्म हवाओं व लू से बचाव से संबंधित सूचनाओं एवं अलर्ट को कलर कोडिंग के साथ प्रदर्शित किया जाना चाहिए। ताकि, आम-जन इससे अवगत हो सकें। खराब चापाकलों की मरम्मत करायी जाएं। आश्रय स्थलों व स्लम में रहने वालों के लिए पेयजल की व्यवस्था कराना नगर निकाय का मुख्य काम है। सभी सरकारी अस्पतालों में लू से प्रभावितों के इलाज की पूरी व्यवस्था करनी होती है। पर्याप्त मात्रा में ओआरएस पैकेट, आईवी फ्लूड एवं जीवनरक्षक दवा की व्यवस्था करने का भी आदेश जारी किया गया है। अस्पतालों में आईसोलेशन वार्ड की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।

वाहनों का परिचालन रोकने का भी है प्रावधान:

लू चलने की अवधि में सुबह 11 से अपराह्न 3.30 बजे तक गाड़ियों के परिचालन को नियंत्रित किये जाने का भी आदेश आपदा प्रबंधन द्वारा जारी किया गया है। सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियों से पेय जल के साथ-साथ उपचार की भी व्यवस्था करने का आदेश दिया गया है। पर्यटक स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था करने का भी आदेश जारी किया गया है।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।