जेनेटिक कारणों से भी कम उम्र में होता है हार्ट अटैक
आईएमए के मिलन समारोह चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर चिकित्सकों ने साझा किया ज्ञान भारती, आईएमए के अध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार व अन्य। बिहारशरीफ, निज प्रतिनिधि। जवान लोगों की हार्ट अटैक से मौत होने...

आईएमए के मिलन समारोह चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर चिकित्सकों ने साझा किया ज्ञान साइंटिफिक सत्र में हर्ट , कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियों पर हुई चर्चा फोटो: आईएमए: रविवार को आईएमए हॉल में आयोजित मिलन समारोह में हद़्य रोग विशेषज्ञ डॉ.बीबी भारती, आईएमए के अध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार व अन्य। बिहारशरीफ, निज प्रतिनिधि। जवान लोगों की हार्ट अटैक से मौत होने का मुख्य कारण जेनेटिक होता है। साइंटिफिक भाषा में इसे कॉडियो मायोपैथी कहते है। यह बातें आईएमए के मिलन समारोह में हद़्य रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कही। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बी बी भारती ने किया।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा आयोजित मेडिकल साइंटिफिक सत्र में हार्ट अटैक, कैंसर रोग समेत अन्य गंभीर बीमारियों के कारण और बचाव के बारे में चिकित्सकों को अवगत कराया। पैट्रन डॉ श्याम नारायण प्रसाद ने कहा कि दो तरह के अटैक के मामले अभी आ रहे है। इसमें एक 45 साल से उपर के लोगों की और दूसरा नौजवानों की। 45 उम्र के लोगों के हार्ट अटैक के सैकड़ों कारण होते है। लेकिन नौजवानों के मामले में मांसपेशियां सख्त या कमजोर हो जाता है। इसके कारण शरीर में खून का संचार कठिन हो जाता है। यह जेनेटिक भी होता है। डॉ अजय कुमार सिन्हा, सह संपादक डॉ प्रशांत कुमार, डॉ सुजीत कुमार व डॉ दयानन्द प्रसाद द्वारा संपादित स्मारिका का मुख्य अतिथि द्वारा विमोचन किया गया। बिहारशरीफ आईएमए के अध्यक्ष डॉ अरुण कुमार, डॉ. चन्द्रेश्वर प्रसाद ने अतिथियों का स्वागत किया। पैट्रन डॉ. श्याम नारायण प्रसाद, डॉ अरविन्द कुमार सिन्हा, डॉ जवाहर लाल, डॉ ममता कौशांबी, डॉ रश्मि नारायण ने ईलाज के नई पद्वतियों के बारे में बताया। सचिव डॉ. अभिषेक ने 2025-26 के लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। डॉ. स्वाति सिन्हा, डॉ रिचा व डॉ. नीतू ने मंच संचालन किया। समारोह में 500 चिकित्सकों ने भाग लिया। धन्यवाद ज्ञापन आयोजक सचिव व शिशु विशेषज्ञ डॉ धनंजय कुमार ने किया। इस मौके पर संतोष कुमार, शंकर कुमार, मनोज चौधरी, ओझा अन्य मौजूद थे। साइंटिफिक सेशन में इन चिकित्सकों ने साज्ञा किया अनुभव: साइंटिफिक सेशन में बच्चों की मनोचिकित्सा पर डॉ. अमरदीप कुमार ने विचार रखे। जौंडिस पर डॉ. वैभव राज, कैंसर पर डॉ. नवीन कुमार, चिकित्सीय कानून पर डॉ. ललित कुमार सिंह, डॉ पुलक राज, डॉ नीरु जनेश्वर सिंह, डॉ प्रशांत कुमार, डॉ सुमन प्रकाश, डॉ वैभव राज, डॉ अजय कुमार सिंह, डॉ कीर्ति पराशर, डॉ ब्रजेश कुमार, डॉ मनोज कुमार, डॉ अनंत कुमार वर्मा व डॉ. अमरदीप कुमार ने अनुभव साझा किया। साइंटिफिक सेशन का संचालन डॉ. पुलक व डॉ अभिनव द्वारा किया गया। वैज्ञानिक सत्रों में नयी नयी वैज्ञानिक जानकारियां दी गयी। पैनल डिस्कशन में महत्वपूर्ण विषयों पर भ चर्चा हुई।
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