ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News बिहार बिहारशरीफवकील से हूं समस्याएं जानता हूं, होगा समाधान : न्यायमूर्ति सत्यव्रत

वकील से हूं समस्याएं जानता हूं, होगा समाधान : न्यायमूर्ति सत्यव्रत

वकील से हूं समस्याएं जानता हूं, होगा समाधान : न्यायमूर्ति सत्यव्रतवकील से हूं समस्याएं जानता हूं, होगा समाधान : न्यायमूर्ति सत्यव्रतवकील से हूं समस्याएं जानता हूं, होगा समाधान : न्यायमूर्ति...

वकील से हूं समस्याएं जानता हूं, होगा समाधान : न्यायमूर्ति सत्यव्रत
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,बिहारशरीफSat, 21 Jan 2023 10:30 PM
ऐप पर पढ़ें

वकील से हूं समस्याएं जानता हूं, होगा समाधान : न्यायमूर्ति सत्यव्रत

अधिवक्ता भवन व बाइक पार्किंग शेड बनेगा

कोर्ट परिसर में आने-जाने की समस्याओं का किया ऑन द स्पॉट निपटारा

वकीलों व मुवक्किलों के लिए आने-जाने का अलग-अलग रास्ता

फोटो :

हाई कोर्ट : बिहारशरीफ कोर्ट का शनिवार को निरीक्षण करते पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश सत्यव्रत वर्मा व अन्य।

बिहारशरीफ, विधि संवाददाता।

पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश सह नालंदा न्याय मंडल के निरीक्षी न्यायाधीश सत्यव्रत वर्मा ने बिहारशरीफ कोर्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने न्यायिक कार्यों, व्यवस्थाओं व सुरक्षा का जायजा लिया। वे अधिवक्ता संघ भवन पहुंचे। जहां महासचिव कमलेश कुमार ने उन्हें सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि वे 22 साल तक वकालत करने के बाद न्यायाधीश बने। वकीलों की समस्याओं से भली-भांति अवगत हैं। इनकी हर समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा और समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वे सभी जजों से अपने विवेक पर निर्भय होकर आदेश दें। कभी-कभी हाईकोर्ट के आदेश भी सुप्रीम कोर्ट में जाकर बदल जाते हैं। इससे विचलित होने की जरूरत नहीं है। आदेशों के बदलने से सीखने का पर्याप्त अवसर मिलता है।

अधिवक्ताओं व बाइक पार्किंग के लिए शेड लगाने व अधिवक्ता भवन बनवाने का आदेश दिया। वकीलों के कोर्ट परिसर में आने-जाने में आ रही समस्याओं का ऑन द स्पॉट निपटारा किया। वकीलों व मुवक्किलों के लिए अलग-अलग रास्ता खुलवाया।

जिला जज हसमुद्दीन अंसारी ने कहा कि अधिवक्ता का सहयोग मिलता रहा है। सीजेएम देवप्रिय कुमार ने कविता पढ़कर सत्य और निष्ठा से कार्य करने को सर्वोत्तम बताया। श्री वर्मा ने कोर्ट परिसर में मुवक्किलों की सुविधा के लिए बने ई-सेवा केंद्र का भी जायजा लिया। नकलखाना, सर्वर रूम, जेजे कोर्ट, पॉक्सों कोर्ट भी गए। वहां पीड़िता द्वारा गवाही के समय की व्यवस्था देखी। उन्होंने जिला के वरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विधि-व्यवस्था व अन्य पहलुओं पर चर्चा की।

मौके पर डीएम शशांक शुभंकर, एसपी अशोक मिश्रा, जेल सुप्रिंटेंडेंट प्रभात कुमार, कोर्ट मैनेजर शहजाद इकबाल, अंजनी कुमार, सुनील कुमार, पूर्व महासचिव दिनेश कुमार, दीपक कुमार, विनोद कुमार, संजय कुमार आचार्या, अजय कुमार, अमीर सिंह, दशरथ प्रसाद, कमलेश कुमार, राकेश सिंह, महेश कुमार यादव, राजेंद्र यादव, सत्येंद्र कृष्णम, कुमारी शिवानी, माया सिंह, राजेश कुमार झूलन, संजय कुमार भारद्वाज, पुरुषोत्तम राम व अन्य मौजूद थे।

श्री वर्मा के सामने सम्मान समारोह में अधिवक्ता जितेंद्र कुमार, विनोद कुमार, अमीर प्रसाद सिंह, अजय कुमार व अन्य ने न्यायिक आदेशों का महीनों तक पालन नहीं होने, निर्धारित तिथि पर अभिलेख नहीं मिलने, ई कोर्ट सर्विस एप पर मुकदमे की अगली तिथि में गड़बड़ी, आदेशों का अपलोड नहीं करना, नकल खाना में महीनों तक रिकॉर्ड रखे रहना, कोर्ट परिसर में वकीलों को आने जाने में बाधा उत्पन्न होने समेत कार पार्किंग व अन्य समस्याओं की ओर उनका ध्यान दिलाया। पेशकार द्वारा जूनियर वकीलों को कार्यों में सहयोग नहीं करने की बातें कहीं। एक पेशकार पर लोगों ने जमकर भड़ास निकाली। उसे वहां से हटाने तक की मांग की।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें