Hindi NewsBihar NewsBiharsharif NewsHigh-Tech Floriculture Center in Nalanda to Provide Free Marigold Plants to Farmers
नालंदा में तैयार हो रहे गेंदा फूल के पौधे, सूबे के किसान करेंगे खेती

नालंदा में तैयार हो रहे गेंदा फूल के पौधे, सूबे के किसान करेंगे खेती

संक्षेप:

नालंदा में मॉडल फ्लोरीकल्चर सेंटर में गेंदा फूल के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। किसानों को प्रति हेक्टेयर 28,000 पौधे नि:शुल्क मिलेंगे, साथ ही 12,000 रुपए की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। रबी सीजन में 6.6 करोड़ पौधों का लक्ष्य है। पौधे बिहार की मिट्टी और वातावरण के अनुकूल हैं।

Nov 24, 2025 10:58 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
share Share
Follow Us on

हिन्दुस्तान एक्सक्लूसिव : नालंदा में तैयार हो रहे गेंदा फूल के पौधे, सूबे के किसान करेंगे खेती नि:शुल्क मिलेंगे पौधे, प्रति हेक्टेयर 12 हजार की आर्थिक मदद भी दी जाएगी आदर्श फ्लोरीकल्चर सेंटर को 6 करोड़ 60 लाख पौधे तैयार करने का मिला लक्ष्य फोटो फूल : भागनबिगहा के मॉडल फ्लोरीकल्चर सेंटर की हाईटेक नर्सी में तैयार हो रहे फूल के पौधे का मुआयना करते परियोजना पदाधिकारी राकेश कुमार। बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। भागनबिगहा में एनएच 20 के किनारे स्थापित सूबे का पहला मॉडल (आदर्श) फ्लोरीकल्चर सेंटर की हाईटेक नर्सरी में तैयार हो रहे गेंदा फूल के पौधे से पूरे बिहार में खेती होगी।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

रबी सीजन में छह करोड़ 60 लाख पौधे तैयार करने का लक्ष्य मिल गया है। अच्छी बात यह कि प्रति हेक्टेयर 28 हजार पौधे किसानों को नि:शुल्क मिलेंगे। साथ ही 12 हजार रुपए की आर्थिक सहायता खेती की देखरेख के लिए भी सरकार देगी। रबी सीजन में नालंदा में 70 हजार तो पूरे सूबे में दो हजार हेक्टेयर में गेंदा फूल की खेती होनी है। अबतक करीब एक हजार हेक्टेयर में खेती के लिए पौधे की मांग विभिन्न जिलों से चुकी है। नालंदा, अररिया, जमुई समेत अन्य जिलों में करीब 50 हेक्टेयर में खेती के लिए पौधे भेजे भी जा चुके हैं। आधा फरवरी तक मांग के अनुसार किसानों को पौधे मुहैया कराये जाएंगे। प्रति हेक्टेयर में खेती पर 80 हजार की लागत आएगी। 50 फीसद यानी 40 हजार अनुदान मिलना है। प्रति पौधा की दर एक रुपया निर्धारित है। एक हेक्टेयर में खेती के लिए 28 हजार पौधे की जरूरत होती है यानी 28 हजार रुपए के पौधे नि:शुल्क दिये जाएंगे। साथ ही शेष 12 हजार की आर्थिद मदद मिलेगी। राहत यह भी कि फ्लोरिकल्चर सेंटर के वाहन से ही पौधे जिलावार बिना किसी किराया के पहुंचाये जाएंगे। पौधों की खासियत: यहां की हाइटेक नर्सरी में अच्छी क्वालिटी के बीज से तैयार पौधे निरोग रहते हैं। खास यह भी कि पौधे बिहार की मिट्टी और वातावरण के अनुकूल होते हैं। लागत कम के साथ ही अधिक उपज देने वाली किस्मे होती हैं। इसबार पूसा बसंती लाल, पूसा बसंती ऑरेंज, बंगाल ऑरेंज और बंगाल लाल के पौधे तैयार किये जा रहे हैं। सुविधाओं से लैस : करीब चार एकड़ में फैला आदर्श फ्लोरीकल्चर सेंटर आधुनिक सुविधाओं से लैस है। पौधे तैयार करने के लिए हाइटेक नर्सरी है। ऑटोमेटिक ड्रीप एरीगेशन सिस्टम लगा है। खासियत यह कि एक बार में करीब 50 लाख पौधे तैयार करने की क्षमता है। 15 से 20 दिन में पौधे रोपने लायक हो जाते है। पीपीपी मोड पर संचालन : सेंटर का संचालन पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर किया जाता है। उद्यान विभाग देखरेख तो निजी कंपनी पौधे तैयार करती है। अनुदान पर गेंदा फूल लेने के इच्छुक किसानों को उद्यान विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन देना होता है। जिलों के उद्यान पदाधिकारियों द्वारा इसकी रिपोर्ट उद्यान निदेशाल को भेजी जाती है। निदेशालय से सेंटर को जिलावार पौधों की डिलेवरी का आर्डर भेजा ताता है। कहते हैं अधिकारी : मॉडल सेंटर की हाईटेक नर्सरी में गेंदा फूल के पौधे तैयार किये जा रहे हैं। जिन जिलों से पौधों की मांग आ रही है, वहां भेजे भी जा रहे हैं। इच्छुक किसान आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं। राकेश कुमार, परियोजना पदाधिकारी, मॉडल फ्लोरीकल्चर सेंटर