कुंडलपुर राजकीय महोत्सव का आज होगा आगाज

Mar 29, 2026 10:03 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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पहले दिन निकाली जाएगी भव्य शोभा यात्रा कुंडलपुर राजकीय महोत्सव आज और कल, निकाली जाएगी भव्य शोभा यात्रा

कुंडलपुर राजकीय महोत्सव का आज होगा आगाज

पहले दिन निकाली जाएगी भव्य शोभा यात्रा शीर्षा रक्षित, सौम्या मिश्रा समेत कई नामचीन कलाकार मंच पर बिखेरेंगे जलवा बच्चों की बीच करायी जाएगी रंगोली, पेंटिंग व मेंहदी प्रतियोगिता फोटो : कुंडलपुर महोत्सव 01 : कुंडलपुर राजकीय महोत्सव का मुख्य मंच। कुंडलपुर महोत्सव 02 : कुंडलपुर का नंदावर्त महल। कुंडलपुर महोत्सव 03 : कुंडलपुर में स्थापित भगवान महावीर को प्रतिमा। दीपक : जैन भजन गायक दीपक जैन। सौम्या : कलाकार सौम्या मिश्रा। सत्य प्रकाश : जैन गायक सत्य प्रकाश। सुमित : मुख्य कलाकार सुमित श्री बाबा। हर्षप्रीत कौर : हर्षप्रीत कौर बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान संवाददाता। कुंडलपुर राजकीय महोत्सव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है।

दो दिवसीय महोत्सव का आगाज सोमवार को किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य मंच को सजाया गया है। पर्यटन विभाग और जिला प्रशाासन द्वारा जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती के मौके पर सोमवार व मंगलवार को धूमधाम से महोत्सव मनाया जाएगा। पहले दिन कुंडलपुर समिति द्वारा गाजे-बाजे के साथ नंधावर्त महल तीर्थ से नालंदा म्यूजियम तक भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। आठ बजे मुख्य मंदिर में भगवान महावीर की प्रतिमा का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। 11 से एक बजे तक जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय बच्चों के बीच रंगोली, चित्रकला व मेंहदी प्रतियोगिता करायी जाएगी। इसके बाद ढाई बजे भगवान ऋषभदेव मंदिर में आए हुए भक्तों द्वारा पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। साढ़े तीन बजे नवग्रह जिन मंदिर में अभिषेक होगा। शीर्षा रक्षित, सौम्या मिश्रा समेत कई नामचीन कलाकार मंच पर जलवा बिखेरेंगे। पौने पांच बजे होगा उद्धाटन : मुख्य अतिथियों द्वारा शाम पौने पांच बजे कुंडलपुर में सांस्कृतिक कार्यक्रम के मंच से उद्धाटन किया जाएगा। शाम छह बजे से 10 बजे रात तक सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम होगा। इसी तरह, दूसरे दिन मंगलवार 31 मार्च को सुबह 6:30 बजे नित्य अभिषेक व पूजन और 7:30 बजे विश्व शांति महावीर मण्डल विधान का आयोजन होगा। शाम 6 बजे से फिर से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होंगे। कलाकारों का लगेगा जमघट : कार्यक्रम में शीर्षा रक्षित व सुमित श्री बाबा मुख्य कलाकार के रूप में शामिल होंगे। नवादा शहर के दीपक जैन द्वारा भगवान महावीर के जीवन चरित्र से संबंधित जैन भजन की प्रस्तुति दी जाएगी। सोमवार को मुख्य कलाकार शीर्षा रक्षित के अलावा जैन भजन गायक सत्य प्रकाश व लोकनृत्य व शास्त्रीय नृत्क शशांक एंड ग्रुप द्वारा प्रस्तुती दी जाएगी। वहीं, मंगलवार को मुख्य कलाकार सुमित श्री बाबा के अलावा सौम्या मिश्रा व हर्षप्रीत कौर सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुती से शोभा बढ़ाएंगी। कुमार गौरव संस्थान एवं नालंदा संगीत कला विकास संस्थान, पटना के कलाकारों द्वारा नृत्य व नाटिका की प्रस्तुती होगी। 2003 से मनाया जा रहा महोत्सव : कुंडलपुर महोत्सव आयोजक समिति के प्रबंधक आरडी शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2003 से महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। वर्ष 2009 में इस महोत्सव को राजकीय महोत्सव का दर्जा मिला। इसके बाद पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से महोत्सव मनाया जा रहा है। बताया जाता है कि भगवान महावीर 30 वर्ष तक कुंडलपुर में रहे थे। उनके महल का नाम ‘नंदावर्त महल’ था। उसी तर्ज पर भव्य महल बनाया गया है। भगवान महावीर की जीवन परिचय : 6ठी शताब्दी में राजा सिद्धार्थ और रानी त्रिशला के घर में भगवान महावीर का जन्म हुआ था। इनका बचपन का नाम वर्द्धमान था। उनका विवाह यशोदा से हुआ था। उनकी एक पुत्री थी। 30 वर्ष की आयु में सांसारिक सुख त्याग कर आत्मज्ञान की खोज में घर छोड़ दिया। 12 वर्षों की कठोर तपस्या के बाद 42 वर्ष की आयु में ऋजुपालिका नदी के तट पर शाल वृक्ष के नीचे ‘कैवल्य’(सर्वोच्च ज्ञान) की प्राप्ति हुई। उन्होंने ‘अहिंसा परमो धर्म’ का संदेश दिया और जीयो और जीने दो का सिद्धांत दिया। राजगीर के विपुलाचल पर्वत पर भगवान महावीर ने प्रथम उपदेश (देशना) दिया। उन्होंने अहिंसा, सत्य, चोरी नहीं करना, ब्रह्मचर्य व संपत्ति नहीं रखने का पालन करने का उपदेश दिया। पावापुरी में कार्तिक कृष्ण अमावस्या को 72 वर्ष की आयु में निर्वाण प्राप्त किया। उन्होंने जैन धर्म को एक सुव्यवस्थित दर्शन व संघ के रुप में स्थापित किया। जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है। कई राज्यों के लोग होंगे शामिल : कुंडलपुर समिति के मंत्री विजय कुमार ने बताया कि दिल्ली, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तिसगढ़, राजस्थान, बिहार, झारखंड आदि से हजारों भक्तगण सम्मिलित हो रहे हैं। यहां पर महाराजा सिद्धार्थ का सोने का नंद्यावर्त महल रहने का उल्लेख मिलता है। यहां महारानी त्रिशला ने तीर्थंकर बालक महावीर को जन्म देकर इस कुण्डलपुर ही नहीं बिहार की पावन धरती को पवित्र कर दिया। लेकिन काल के थपेड़ों के साथ यह नगरी वैभवहीन हो गयी। इसी क्रम में जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी परमपूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी का ध्यान इस ओर गया। उनकी पावन प्रेरणा और मंगल आशीर्वाद से समिति के यशस्वी अध्यक्ष पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति महास्वामी ने समिति के सदस्यों के साथ मिलकर क्षेत्र का विकास प्रारंभ किया। इसमें मुख्य रूप से भगवान महावीर का 108 फुट उंचा मंदिर बनाया गया।

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