बांस की झोपड़ी में मशरूम की खेती में रुचि नहीं ले रहे उत्पादक
बिहार के नालंदा में बांस की झोपड़ी में मशरूम खेती के लिए 15 किसानों का चयन हुआ है, लेकिन अब तक किसी ने झोपड़ी का निर्माण नहीं किया है। प्रति यूनिट 89,750 रुपये का अनुदान मिलेगा, जिससे किसान सालाना 2.5 लाख रुपये का लाभ कमा सकते हैं। सरकार ने मशरूम किट वितरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

बांस की झोपड़ी में मशरूम की खेती में रुचि नहीं ले रहे उत्पादक स्वीकृति पत्र मिलने के बाद भी अबतक एक भी झोपड़ी का निर्माण पूरा नहीं प्रति यूनिट 89 हजार 750 रुपया सरकार देगी किसानों को अनुदान 15 किसानों को झोपड़ी में खेती की शुरुआत करने का मिलेगा मौका फोटो मशरूम : मशरूम की खेती। बिहारशरीफ,कार्यालय प्रतिनिधि। कम जगह में बांस की झोपड़ी (मशरूम हट) बनाकर खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। इस बार नालंदा के 15 किसानों को झोपड़ी में मशरूम खेती की शुरुआत करने का मौका मिलेगा। दो माह पहले ही आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
चयनित किसानों को वर्क ऑर्डर (स्वीकृति पत्र) दे दिया गया है। विडंबना यह कि अबतक एक भी किसान ने झोपड़ी का निर्माण शुरू नहीं किया है। इतना ही नहीं कब से निर्माण प्रारंभ करेंगे, इसकी जानकारी तक विभाग को नहीं दी है। अब विभाग ऐसे किसानों से मिलकर उन्हें प्रेरित करेगा। ताकि, मशरूम की खेती से जुड़कर अच्छी कमाई कर सकें। अन्नदाताओं के लिए राहत देने वाली बात यह कि फसल की अच्छी तरह देखभाल और मौसम का साथ मिलने पर झोपड़ी में मशरूम की खेती से एक साल में ढाई लाख तक का मुनाफा ले सकते हैं। इतना ही नहीं झोपड़ी का निर्माण करने के लिए प्रति यूनिट 89 हजार 750 रुपया सरकार अनुदान देगी। इसके लिए 50 वाई 30 यानी 1500 वर्गफीट जमीन की जरूर होती है। इसका आकार 50 फीट लम्बा, 30 फीट चौड़ा और 12 फीट ऊंचा होता है। झोपड़ी के अंदर मशरूम किट को रखने के लिए रैक बनाये जाते हैं। प्रति यूनिट लागत एक लाख 79 हजार 500 रुपए तय की गयी है। 50 फीसद अनुदान का प्रावधान किया गया है। हालांकि, इसमें बटन मशरूम की खेती नहीं होती है। वैसे, जाड़े के दिनों में की जा सकती है। लेकिन, ऑयस्टर मशरूम इसमें सालोंभर तैयार किया जा सकता है। किट का वितरण शुरू होगा जल्द : इस बार उद्यान विभाग ऑयस्टर के साथ बटन मशरूम किट भी किसानों को अनुदान पर देगा। किसानों से आवेदन ले लिये गये हैं। जल्द ही वितरण शुरू होने वाला है। जिले में 18000 बटन मशरूम किट बांटने का लक्ष्य रखा गया है। एक की लागत 90 रुपया है। 90 फीसद अनुदान काटकर प्रति किट महज नौ रुपए किसान को देना होगा। जबकि, 11500 ऑयस्टर मशरूम किट बांटी जाएंगी। एक किट की लागत 75 रुपया है। 90 फीसद अनुदान के बाद प्रति किट सात रुपए 50 पैसा को देना होगा। सुकून देने वाली बात यह भी कि इसबार नियम में बदलाव किया गया है। मशरूम किट लेने के लिए प्रशिक्षण सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। क्या कहते हैं अधिकारी: कम जगह में बांस की झोपड़ी बनाकर सालोंभर मशरूम का उत्पादन किया जा सकता है। चयनित किसानों को स्वीकृति पत्र दे दिया गया है। लेकिन, अबतक एक भी किसान द्वारा झोपड़ी निर्माण शुरू करने की सूचना नहीं दी है। प्रखंडस्तरीय पदाधिकारियों को भेजकर चयनित किसानों को जल्द निर्माण शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ताकि, योजना का लाभ उन्हें मिल सके। राकेश कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी, नालंदा मुख्य बातें : 01 लाख लाख 79 हजार 750 रुपया एक यूनिट की लागत 89 हजार 750 रुपया प्रति यूनिट मिलेगा अनुदान
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