
मछलीपालन की बारीकियां जानने गया जी के मत्स्यपालक पहुंचे मोहनपुर
गया के मछलीपालकों का एक दल मोहनपुर पहुंचा, जहां उन्होंने आधुनिक तकनीक से मछलीपालन और बीज उत्पादन की जानकारी हासिल की। बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ के निदेशक शिवनंदन प्रसाद ने उन्हें कम जगह और लागत में मछली उत्पादन के लिए बायोफ्लॉक विधि के बारे में बताया। मछलीपालन को आय का बेहतर स्रोत माना गया।
मछलीपालन की बारीकियां जानने गया जी के मत्स्यपालक पहुंचे मोहनपुर कम जगह व कम लागत में अधिक मछली उत्पादन के सीखे गुर मछली बीज का उत्पादन और तालाबों की देखरेख के तरीके भी जाने फोटो मछली : मोहनपुर हैचरी में गया के मछलीपालकों को उत्पादन के गुर बताते बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ के निदेशक शिवनंदन प्रसाद व अन्य। बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। मछलीपालन के गुर सीखने गया जी के मत्स्यपालकों का दल सोमवार को नालंदा पहुंचा। नालंदा मोड़ के मोहनपुर मत्स्य हैचरी का भ्रमण किया। हैचरी में आधुनिक तकनीक के माध्यम से किये जा रहे मछलीपालन और बीज उत्पादन को देखकर काफी प्रभावित हुए।
हैचरी के संचालक सह बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ के निदेशक शिवनंदन प्रसाद ने गया जी से पहुंचे किसानों को मत्स्यपालन , मछली बीज उत्पादन, मछलियों का रखरखाव, तालाब व नर्सरी की तैयारी, हैचरी प्रबंधन के साथ-साथ कम जगह और कम लागत में बायोफ्लॉक विधि से मछली उत्पादन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मछलीपालन कमाई का बेहतर जरिया है। जरूरी सावधानियां और नियमों का पालन कर अच्छा मुनाफा लिया जा सकता है। दल में टीम लीडर के तौर पर मत्स्य विकास पदाधिारी मृत्युंजय कुमार के अलावा मछलीपालक नरेन्द्र कुमार, ब्रजेश कुमार, चंचल देवी, मंजू देवी, किरण गुप्ता, देवंती देवी, गीता देवी, सुमित्रा देवी, प्रभा कुमारी व अन्य शामिल थे।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




