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नालंदा व शेखपुरा के चार को यूपीएससी में मिली सफलता

नालंदा व शेखपुरा के चार को यूपीएससी में मिली सफलता

हाल में हुई यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में नालंदा से तीन लड़के-लड़कियों ने सफलता हासिल की है। इनमें दो लड़कियां भी शामिल हैं। इसी तरह बरबीघा के एक लड़के ने इस परीक्षा में सफलता हासिल कर इलाके का नाम रोशन किया है। सफलता प्राप्त करने वालों ने नालंदा की अभिलाषा अभिनव, नूपुर ऐश्वर्या और संतोष कुमार शामिल हैं। इसी तरह बरबीघा से सफल छात्र अभिषेक कुमार खोजगाछी गांव का रहने वाला है। इन लड़के-लड़कियों की सफलता पर उनके गांवों में खुशी का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग उनके घरों पर आकर बधाई दे रहे हैं। परिजन खुश हैं। मिठाइयां भी बांटी जा रही है। नालंदा की बेटी ने लहराया परचम बिहारशरीफ। नालंदा की बेटी अभिलाषा अभिनव ने यूपीएससी परीक्षा में पहले ही प्रयास में 308वां रैंक लाया है। अभिलाषा ने बताया कि देश सेवा के लिए यह सबसे बेहतर रास्ता है। भ्रष्टाचार मिटाकर ही देश के विकास को गति दी जा सकती है। अपनी सफलता का श्रेय माता कल्याणी सिन्हा व पिता सेवानिवृत आईपीएस भोलानाथ सरकार को देते हुए अभिलाषा ने दूरभाष पर कहा कि उनके मार्गदर्शन के बिना इस मुकाम तक पहुंचना असंभव था। वहीं उसके ममेरा भाई पत्रकार शैलेंद्र नाथ विश्वास ने कहा कि बचपन से ही अभिलाषा काफी मेघावी थी। दसवीं की पढ़ाई पटना के दीघा डॉन वॉस्को स्कूल में व बारहवीं बोकारो के डीपीएस से की है। इसके बाद मुंबई से बीटेक करने के बाद वहीं दो साल आईबीएम कंपनी में काम करने के दौरान तैयारी भी करती रही। पहले ही प्रयास में सिविल सर्विसेज में परचम लहराकर अभिलाषा ने अपना इरादा जता दिया है। नूरसराय के लाल ने यूपीएससी की परीक्षा में पाया 855वां रैंक नूरसराय के लाल ने यूपीएससी की परीक्षा में 855वां रैंक लाकर नूरसराय ही नहीं बल्कि बिहार का मान सम्मान बढ़ाया है। प्रखंड क्षेत्र के नोसरा गांव निवासी रमेश कुमार सिन्हा के इकलौता पुत्र 29 वर्षीय संतोष कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में उतीर्ण होकर 855 वां स्थान हासिल किया है। संतोष की इस कामयाबी पर पिता रमेश कुमार सिन्हा सहित माता सावित्री देवी, 71 वर्षीय वृद्ध दादी मांगों देवी, बहन सीमा कुमारी व शिम्पी कुमारी काफी खुश हैं। संतोष के पिता ने बताया कि 2003 में आरबी हाई स्कूल नालंदा से मैट्रिक की परीक्षा में प्रथम डिवीज़न से पास किया था। 2015 में साइंस कॉलेज पटना से इंटरमीडिएट की भी परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास किया था। इंटरमीडिएट के बाद संतोष ने विश्वेरैया राष्ट्रीय प्रौधौगिकी संस्थान नागपुर से बी टेक किया। बीटेक करने के बाद संतोष ने इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी दिल्ली से पी-एच.डी. की। इसके बाद संतोष महानदी कोल्ड फील्ड उड़ीसा में इंजीनियर की नौकरी करते हुए यूपीएससी की तैयारी करता ही रहा। एक माह पूर्व से संतोष गोवरमेन्ट ऑफ इंडिया,मिनिस्ट्री ऑफ लेवर, इमप्लॉइ प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन में असिस्टेंट पीएफ कमिश्नर के पद पर कार्यरत है। आखिरकार संतोष यूपीएससी 2016 की परीक्षा में उतीर्ण हो ही गया। आज संतोष की इस कामयाबी पर परिवार समेत पूरा गांव काफी खुश नजर दिख रहे हैं। संतोष के पिता रमेश कुमार सिन्हा मध्य विद्यालय, भुई राजगीर के प्रधानाध्यापक हैं। माता गृहिणी हैं। बड़ी बहन सीमा अपने ससुराल में रहती है। छोटी बहन शिम्पी उदयपुर में इलेक्ट्रिक इंजीनियर है। पथरौरा की बेटी ने यूपीएससी की परीक्षा में पायी सफलता, किया गांव का नाम रोशन राजगीर। राजगीर के पथरौरा गांव की बेटी नूपुर ऐश्वर्या ने यूपीएससी की परीक्षा में 866वां स्थान लाकर अपने परिवार के साथ गांव के मान को बढ़ाया है। नूपुर ऐश्वर्या पथरौरा गांव के प्रबोध कुमार व नीलम कुमारी की इकलौती संतान हैं। प्रबोध कुमार सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं। नूपुर ऐश्वर्या ने बताया कि सफलता पाने के लिए कठिन मेहनत जरुरी है। परीक्षा के दौरान पेशेंस रखें और मेहनत से पढ़ाई करें। हिम्मत ना हारें। उन्होंने बताया कि वह रोज 8 से 9 घंटे पढ़ाई करती है। नूपुर ऐश्वर्या ने बताया कि उसने अंग्रेजी विषय में दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से स्नातक की है। उसके बाद उसने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही वकालत की पढ़ाई भी की है। पिछले 3 सालों से यूपीएससी की तैयारी कर रही थी। इससे पहले भी एक बार वह परीक्षा में बैठ चुकी है। दोबारा मौका था जब उसने सफलता पायी। ऐश्वर्या ने बताया कि उसने अपनी तैयारी के दौरान कोचिंग का थोड़ा बहुत सहारा लिया था। हालांकि ऐश्वर्या का मानना है कि बिना कोचिंग के भी सेल्फ स्टडी कर सफलता हासिल की जा सकती है। बस अपने लक्ष्य को सामने रखकर तैयारी करनी है। उसने बताया कि वह पिछले तीन साल से अपने गांव पथरौरा नहीं आ सकी है। उसका लक्ष्य आईएएस बनना है। इसके लिए वह 18 जून को होने वाली परीक्षा की तैयारी में लगी हुई है ताकि बेहतर रैंक आए और आईएएस बनकर देश की सेवा कर सकें। उसने बताया कि अब मेरे पास अपने लक्ष्य पाने के लिए 16 दिन ही शेष बचे हैं। प्रबोध कुमार दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं। ऐश्वर्या की माता नीलम कुमारी भी वकालत पढ़ी हुई हैं। पथरौरा गांव में उसके घर में चाचा सुबोध कुमार, चाची इन्दु देवी, चाचा पत्रकार शिवनंदन प्रसाद, छोटे दादा सेवानिवृत शिक्षक सुरेन्द्र प्रसाद सभी ऐश्वर्या की सफलता से खुश हैं। चाचा सुबोध कुमार, जो एनजीओ चलाते हैं, ने बताया कि नुपूर ऐश्वर्या उर्फ निकी बचपन से ही मेधावी है। पूरे परिवार की दुलारी है। वह दिल्ली में पली-बढ़ी है। वह कभी-कभार पथरौरा आती है। उसके पिता पहले एयरफोर्स में थे जो सेवानिवृत होने के बाद सुप्रीमकोर्ट में वकालत करने लगे। ऐश्वर्या की चाची इन्दु देवी, जो ज्ञान जीविका महिला संकुल संघ भूई की चेयरमैन हैं, ने कहा कि सबको ऐसी ही बेटी मिले। बेटी किसी से कम नहीं होती है। हम सबों को उस पर गर्व है। चाचा पत्रकार शिवनंदन प्रसाद ने बताया कि उनकी भतीजी ऐश्वर्या की तमन्ना आईएसएस बनने की है। वह दोबारा परीक्षा देगी और आईएएस बनकर ही दम लेगी। दूसरी बार यूपीएससी की परीक्षा में सफल हुआ अभिषेकक्षेत्र में खुशी का माहौल घर पर बांटी गई मिठाइयां बरबीघा। शेखपुरा जिले के बरबीघा के खोजगाछी गांव निवासी अभिषेक कुमार ने यूपीएससी की परीक्षा में दूसरी बार भी सफलता हासिल कर युवाओं के लिए प्रेरणा का कार्य किया है। अभिषेक ने इस बार 773 रैंक हासिल की है। अभिषेक के पिता विजय सिंह बिहार पुलिस के रूप में लखीसराय जिले में एस आई पद पर तैनात हैं। इस परीक्षा में अभिषेक ने पहली बार भी 1028 रैंक हासिल किया और अभी इनकम टैक्स कमिश्नर (ट्रेनी) के पद पर तैनात है।पटना में की पढ़ाई-लिखाई अभिषेक की पढ़ाई-लिखाई पटना में अपने बहन के यहां रहकर हुई है। दसवीं तक की पढ़ाई लोहानीपुर देवी दयाल हाईस्कूल से की जबकि इंटर की पढ़ाई राम मनोहर सेमिनरी, मखनीया कुंआ स्कूल से हुई। इसके बाद मद्रास के सत्यभामा यूनिवर्सिटी से बी टेक करने के बाद अभिषेक ने वायु सेना में कमीशन्ड ऑफिसर की परीक्षा में सफलता हासिल की। इसी दौरान उसने यूपीएससी की परीक्षा दी और पहली ही बार 1028 बैंक लाकर सफलता हासिल कर लिया था।गांव में है खुशी का माहौल अभिषेक के यूपीएससी की परीक्षा में दूसरी बार सफलता हासिल करने पर गांव में खुशी का माहौल है। गांव के लोग अभिषेक के घर पर पहुंचकर उसके पिता जी को बधाई दे रहे हैं। अभिषेक के पिता विजय सिंह ने बताया कि अभिषेक ने उनके सपनों को साकार किया है। यदि नौजवान इमानदारी से प्रयास करें तो किसी भी तरह की सफलता हासिल की जा सकती है।

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  • Web Title:Four of Nalanda & Shekhpura succeeds in UPSC