Biharsharif News: सौगात: जिले का पहला मछली कोल्ड स्टोरेज सितंबर तक होगा चालू
Biharsharif News: इस्लामपुर के सोहजना में 20 टन क्षमता वाले पहले मछली कोल्ड स्टोरेज का निर्माण अंतिम चरण में है। इससे नालंदा के मछली पालकों को ताजा मछलियां सुरक्षित रखने में आसानी होगी। इसकी लागत 80 लाख रुपये है, जिसमें 60 फीसद सब्सिडी मिलेगी। यह सितंबर अंत तक चालू होने की उम्मीद है।

Biharsharif News: हिन्दुस्तान एक्सक्लूसिव : सौगात: जिले का पहला मछली कोल्ड स्टोरेज सितंबर तक होगा चालू इस्लामपुर के सोहजना में 20 टन क्षमता वाले स्टोरेज का निर्माण अंतिम चरण में माइनस 4 से 7 डिग्री तापमान में ताजी व संक्रमणरहित रहेंगी मछलियां सोहजना में 10 टन क्षमता वाले एक अन्य फिश स्टोरेज भी बन रहा
निर्माण की प्रक्रिया
फोटो कोल्ड स्टोरेज : इस्लामपुर के सोहजना गांव में निर्माणाधीन मछली कोल्ड स्टोरेज। बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। नालंदा के मछली पालकों और कारोबारियों की एक बड़ी परेशानी जल्द ही खत्म होने वाली है। मंडी में मछलियां न बिकने पर उनके खराब होने या औने-पौने दाम पर बेचने की मजबूरी अब नहीं रहेगी। जिले का पहला मछली कोल्ड स्टोरेज इस्लामपुर प्रखंड के सोहजना गांव में तेजी से आकार ले रहा है। इसके भवन की छत ढलाई का काम पूरा हो चुका है, अब सिर्फ दीवार और आधुनिक मशीनें लगनी बाकी हैं। निर्माण की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए इसके सितंबर अंत तक काम पूरा होने की पूरी उम्मीद है। इसके चालू होने से ग्राहकों को भी सालों भर बिल्कुल ताजी और संक्रमणरहित मछलियां खाने को मिलेंगी। 80 लाख की लागत, 60 फीसद सब्सिडी: फिश कोल्ड स्टोरेज प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत करीब दो कट्ठे जमीन पर बनाया जा रहा है। इसकी क्षमता 20 टन मछलियों को सुरक्षित रखने की होगी। इसके निर्माण पर कुल 80 लाख रुपये का खर्च आ रहा है। राहत की बात यह है कि सरकार लाभुक को कुल लागत का 60 फीसद (48 लाख रुपये) हिस्सा अनुदान के रूप में दे रही है। अच्छी बात यह भी है कि इसी गांव में 36 लाख 500 रुपये की लागत से 10 टन क्षमता का एक और कोल्ड स्टोरेज बनाया जा रहा है। इस पर भी 60 फीसद की सब्सिडी मिल रही है। अगले चार-पांच महीने में यह भी काम करने लगेगा। इसके बाद जिले में कुल 30 टन मछलियों को सुरक्षित रखने की पुख्ता व्यवस्था हो जाएगी। 10 दिन तक सुरक्षित रहेंगी मछलियां: मत्स्य विभाग के अनुसार, इन कोल्ड स्टोरेजों में मछलियों को सुरक्षित रखने के लिए बेहद आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। यहां मछलियों को माइनस चार से माइनस सात डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच रखा जाएगा। इस जमा देने वाले तापमान में मछलियां पांच से 10 दिनों तक बिल्कुल ताजी और संक्रमण मुक्त रहेंगी। हर साल 35 हजार टन होता है उत्पादन जिले में मछलियों का कारोबार काफी बड़ा है। सरकारी (829 जलकर, 1978 हेक्टेयर) और निजी तालाबों (1150 हेक्टेयर) को मिलाकर नालंदा में सालाना करीब 35 हजार टन मछलियों का उत्पादन होता है। इसके अलावा हर रोज आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल से भी मछलियों की बड़ी खेप (करीब 600 टन) यहां की मंडियों में आती है। कई बार खपत से अधिक मछली आ जाने पर उन्हें सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती होती थी, जो अब आसान हो जाएगा। क्या कहते हैं अधिकारी: जिले का पहला मछली कोल्ड स्टोरेज इस्लामपुर के सोहजना में बनाया जा रहा है। सितंबर तक इसके चालू होने की उम्मीद है। इसके बनने से मछली पालकों को अपनी उपज सुरक्षित रखने में काफी सहूलियत मिलेगी और उनका आर्थिक नुकसान घटेगा। खरीदारों को भी ताजी मछलियां मिल सकेंगी। शंभु प्रसाद, जिला मत्स्य पदाधिकारी, नालंदा
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