
भ्रष्टाचार के आरोप पर भड़के किसान, कैंप छोड़ भागे सीओ और कर्मी
फोटो: भ्रष्टाचार के आरोप पर भड़के किसान, कैंप छोड़ भागे सीओ और कर्मी भ्रष्टाचार के आरोप पर भड़के किसान, कैंप छोड़ भागे सीओ और कर्मी
फोटो: नालंदा 03: सिलाव अंचल के पांकी गांव में किसान पंजीकरण संख्या के लिए आयोजित शिविर में अधिकारी व कर्मी। नालंदा, निज संवाददाता। सिलाव प्रखंड के पांकी गांव में शनिवार को किसान पंजीकरण संख्या बनाने पहुंचे अधिकारियों को किसानों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोपों के बीच स्थिति ऐसी बिगड़ी कि सीओ और अन्य कर्मियों को कैंप छोड़कर मौके से नौ दो ग्यारह होना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पांकी गांव में आयोजित कैंप में जैसे ही सीओ आकाशदीप सिन्हा, राजस्व अधिकारी और हल्का कर्मचारी पहुंचे, ग्रामीण भड़क गए।
वायरल वीडियो में एक रैयत खुलेआम आरोप लगा रहा है कि जमाबंदी सुधार के नाम पर कर्मचारी ने 15 हजार और सीओ ने 20 हजार रुपये की अवैध राशि ली, फिर भी महीनों से काम लंबित है। अंचल कार्यालय में आम रैयतों का काम बिना पैसे के नहीं होता, जबकि भू-माफियाओं की फाइलें तेजी से आगे बढ़ती हैं। ग्रामीण बबलू सिंह, अजय सिंह और मुखिया प्रतिनिधि गोलू सिंह ने कहा कि जब तक किसानों का परिमार्जन कार्य पूरा नहीं होता, वे किसी भी सरकारी कैंप का हिस्सा नहीं बनेंगे। रविवार को दोबारा पहुंची टीम को भी खाली हाथ लौटना पड़ा। वहीं, सीओ आकाशदीप सिन्हा ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि मामले की जांच की जाएगी। इस घटना ने अंचल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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