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धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने को सहकारिता मंत्री से मिले विधायक

धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने को सहकारिता मंत्री से मिले विधायक

संक्षेप:

बिहार में धान खरीद के लक्ष्य में 33% की कमी आई है, जिससे किसान औने-पौने दाम पर धान बेचने को मजबूर हो रहे हैं। विधायक डॉ. जितेंद्र ने सहकारिता मंत्री से मुलाकात में पैक्स और व्यापार मंडलों को चावल मिलों से टैग करने पर आपत्ति जताई। उन्होंने लक्ष्य बढ़ाने की मांग की है।

Jan 07, 2026 10:57 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने को सहकारिता मंत्री से मिले विधायक अस्थावां विधायक डॉ. जितेंद्र ने सहकारिता मंत्री डॉ प्रमोद कुमार से की मुलाकात बिना सहमति पैक्सों को राइस मिलों से टैग करने पर जताई आपत्ति कहा: लक्ष्य कम होने से औने-पौने दाम पर धान बेचने को मजबूर हो रहे किसान फोटो: जितेंद्र एमएलए: पटना में बुधवार को सहकारिता मंत्री डॉ प्रमोद कुमार के साथ विधायक डॉ जितेंद्र कुमार। बिहारशरीफ, हमारे संवाददाता। जिले में धान खरीद के दौरान आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को लेकर बुधवार को अस्थावां विधायक सह नालंदा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार ने पटना में सहकारिता मंत्री डॉ प्रमोद कुमार और विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह से मुलाकात की।

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उन्होंने बताया कि जिले में पैक्स और व्यापार मंडलों को चावल मिलों से टैग करते वक्त अध्यक्षों की सहमति नहीं ली गई है। जबकि, पूर्व के वर्षों में जिला प्रशासन या टास्क फोर्स सहमति लेती थी। मिलों की कुटाई क्षमता को नजरअंदाज कर टैगिंग की गई है। अगर भविष्य में सीएमआर आपूर्ति में देरी होती है, तो पूरी व्यवस्था चरमरा सकती है। किसानों और समितियों पर आर्थिक बोझ का खतरा: उन्होंने कहा कि धान खरीद शुरू हुए दो महीने बीत चुके हैं। लेकिन, अब तक मिल टैगिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और न ही जिले को एफआरके उपलब्ध कराया गया है। नालंदा में धान खरीद पूरी तरह को-ऑपरेटिव बैंक के कैश क्रेडिट पर निर्भर है। यदि समय पर चावल तैयार कर आपूर्ति नहीं की गई, तो पैक्स और व्यापार मंडलों को अतिरिक्त ब्याज भरना पड़ेगा, जो किसानों और संस्थाओं के हित में नहीं है। 33% घटा दिया गया लक्ष्य: डॉ. कुमार ने बताया कि इस बार जिले में धान खरीद का लक्ष्य करीब 33 प्रतिशत घटा दिया गया है, जबकि उत्पादन बंपर हुआ है। बाजार में धान की कीमत कम होने के कारण किसान पैक्स में उपज बेचना चाहते हैं, लेकिन लक्ष्य कम होने से समितियां खरीद नहीं पा रही हैं। ऐसे में किसान औने-पौने दाम पर बिचौलियों को धान बेचने को मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने मंत्री से लक्ष्य बढ़ाने की मांग की है। सहकारिता मंत्री ने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है।