Hindi NewsBihar NewsBiharsharif NewsEncroachment Threatens Existence of Small Pond in Chewada Water Crisis Looms
अतिक्रमण के कारण छोटी पोखर का अस्तित्व संकट में

अतिक्रमण के कारण छोटी पोखर का अस्तित्व संकट में

संक्षेप: अतिक्रमण के कारण चेवाड़ा की छोटी पोखर का अस्तित्व संकट में है। पहले यह पोखर 5 एकड़ में फैला था, अब सिकुड़कर छोटा हो गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे जलसंकट की समस्या और बढ़ गई है, और भू-जल स्तर भी गिर रहा है।

Wed, 19 Nov 2025 04:46 PMNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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अतिक्रमण के कारण छोटी पोखर का अस्तित्व संकट में पहले सालोंभर रहता था पानी, अब जलसंकट की समस्या शिकायत के बाद भी प्रशासन नहीं कर रहा कोई पहल फोटो चेवाड़ा तालाब - अतिक्रमणकारियों की चपेट में चेवाड़ा का छोटी पोखर। चेवाड़ा, निज संवाददाता। अतिक्रमण के कारण नगर पंचायत के छोटी पोखर का अस्तित्व मिटता जा रहा है। नौबत ऐसी कि पहले पांच एकड़ में फैला पोखर सिकुड़कर काफी छोटा हो गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई लोग पोखर को भरकर घर और दुकान बना लिये हैं। कई बार इसकी शिकायत प्रखंड स्तरीय प्रशासन की गयी है। लेकिन, कार्रवाई नहीं हो रही है।

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यही कारण है कि अतिक्रमण करने वालों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि 25 साल पहले तक छोटी पोखर लोगों के लिए जल का मुख्य स्रोत था। चेवाड़ा की आधी आबादी इस पोखर के पानी का इस्तेमाल घरेलू कार्यों में करते थे। पानी सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ रहती थी। पोखर हर वर्ष टेंडर होता था और लाखों रुपये का राजस्व आता था। देख-रेखा के अभाव में पोखर अब अतिक्रमणकारियों की भेंट चढ़ गया है। मनोज कुमार , कारु कुमार , दिनेश कुमार, महेश कुमार व अन्य ने बताया कि पहले पोखर में सालों भर पानी रहता था। अब गंदगी का अम्बार लगा है। पोखर का स्वरूप बदलने से लोगों के साथ पशुपालकों को भी परेशानी हो रही है। हो रही है। साथ ही भू-जलस्तर की समस्या भी बन गयी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर पंचायत के आधे दर्जन से अधिक जलस्रोत पर अवैध कब्जा हो जाने से भू-जलस्तर में लगातार गिरावट आ रही है।