
चुप्पी ही शोषण का बन रही सबसे बड़ा कारण, आवाज उठाना सीखें
राष्ट्रीय बालिका दिवस पर छात्राओं ने जागरूकता रैली निकाली। डीएम कुंदन कुमार ने कहा कि सशक्त बेटी से ही सशक्त समाज बनेगा। चुप्पी शोषण का कारण है, इसलिए अधिकारों के लिए आवाज उठाना सीखें। शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सरकार ने कई योजनाएं चलाई हैं, जिनका लाभ समाज में जागरूकता लाने पर ही मिलेगा।
चुप्पी ही शोषण का बन रही सबसे बड़ा कारण, आवाज उठाना सीखें सशक्त बेटी से ही बनेगा सशक्त समाज, डरें नहीं मुकाबला करें डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा बड़ी चुनौती शिक्षा सबसे सशक्त माध्यम, लोगों को करें जागरूक राष्ट्रीय बालिका दिवस पर छात्राओं ने शहर में निकाली जागरूकता रैली दिया समानता व शिक्षा के अधिकार का संदेश फोटो : बेटी रैली : कलेक्ट्रेट में शनिवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते डीएम कुंदन कुमार, आईसीडीएस डीपीओ अर्चना कुमारी, महिला एवं बाल विकास निगम के डीपीएम कैलाश कुमार साहु, डीपीसी राजीव कुमार व अन्य।
बिहारशरीफ, निज संवाददाता। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर शनिवार को शहर में छात्राओं ने जागरूकता रैली निकालकर समाज को सशक्त संदेश दिया। कलेक्ट्रेट में डीएम कुंदन कुमार, आईसीडीएस डीपीओ अर्चना कुमारी व अन्य जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डीएम ने कहा कि सशक्त बेटी से ही सशक्त समाज बनेगा। आप सभी किसी भी परिस्थिति में डरें नहीं, बल्कि उसका मुकाबला करें। आज के समय में आपकी चुप्पी ही शोषण का सबसे बड़ा कारण है। इसलिए अपने हक के लिए आवाज बुलंद करना सीखें। कल की मुश्किलों से लड़ने की बजाय आज अपने अधिकार के लिए लड़ें। उन्होंने बहा कि बालिकाओं को समान अवसर और सुरक्षित वातावरण देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन इनका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब समाज में जागरूकता आएगी। उन्होंने छात्राओं से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित अधिकारियों व हेल्पलाइन 181 का सहारा लेने की अपील की। आईसीडीएस डीपीओ अर्चना कुमारी ने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को आत्ममंथन का अवसर है। आज भी बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव और शिक्षा से वंचित रखने जैसी समस्याएं मौजूद हैं। इन्हें समाप्त करने के लिए परिवार, विद्यालय और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा। डिजिटल युग में जहां अवसर बढ़े हैं, वहीं खतरे भी बढ़े हैं, ऐसे में बच्चों और अभिभावकों दोनों को सतर्क रहना होगा। डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा बड़ी चुनौती बनती जा रही है। इससे बचना होगा। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा ही वह सबसे सशक्त माध्यम है, जिसके जरिए बालिकाएं अपने अधिकारों को समझ सकती हैं और किसी भी प्रकार के शोषण का डटकर सामना कर सकती हैं। आज भी कई मामलों में डर और चुप्पी के कारण शोषण करने वालों के हौसले बढ़ते हैं, इसलिए जरूरी है कि बेटियां आवाज उठाना सीखें और समाज भी उनके साथ खड़ा हो। रैली कलेक्ट्रेट से भैंसासुर चौक, अस्पताल चौक होते हुए प्रखंड परिसर में जाकर समाप्त हुआ। वहां डीपीओ ने बालिकाओं को कई संदेश दिए। रैली में महिला एवं बाल विकास निगम के डीपीएम कैलाश कुमार साहु, डीपीसी राजीव कुमार, लैंगिक विशेषज्ञ पूजा कुमारी, परामर्शी संजय कुमार, सूरज कुमार, सागरमल, कासिब अख्तर, सिंपी कुमारी, एसएस बालिका हाई स्कूल की रागिनी कुमारी, अंजनी कुमारी, दिव्या कुमारी, सोगरा हाई स्कूल की अलिशा प्रवीण, सिमरन, आफिया, साना, आइशा खातून व अन्य मौजूद थीं।

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