
मतदानकर्मी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि से नहीं लेंगे किसी तरह का सहयोग
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतदानकर्मियों को राजनीतिक दलों से सहयोग नहीं लेने की चेतावनी दी गई है। चुनाव की तैयारी के तहत 20 हजार जवानों की तैनाती की गई है। मतदान के दिन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। सभी मतदान केंद्रों पर चिकित्सा टीम की व्यवस्था भी की गई है।
मतदानकर्मी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि से नहीं लेंगे किसी तरह का सहयोग छोटी से छोटी सूचना भी तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष व वरीय अधिकारियों को देने की चेतावनी आरआईसीसी में सेक्टर मजिस्ट्रेटों व मतदानकर्मियों को दी गयी जानकारी शांतिपूर्ण चुनाव के लिए 20 हजार जवानों की तैनाती फोटो : राजगीर वोट : राजगीर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में सोमवार को प्रशिक्षण शिविर में सेक्टर मजिस्ट्रेटों व मतदानकर्मियों के साथ जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार व अन्य। बिहारशरीफ, निज संवाददाता। विधानसभा चुनाव को लेकर मंगलवार की शाम पांच बजे प्रचार-प्रसार का शोर थम जाएगा। चुनाव की तैयारी को लेकर जिला प्रशासन ने सारी तैयारी पूरी कर ली है।

राजगीर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में सोमवार को प्रशिक्षण शिविर में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों व मतदानकर्मियों को मतदान के दिन व उससे पहले और बाद की गतिविधियों की पूरी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कोई भी मतदानकर्मी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि या प्रत्याशियों व उनके संबंधियों से किसी तरह का सहयोग नहीं लेंगे। सुरक्षा के साथ ही आस-पास के माहौल पर पूरी नजर रखेंगे। छोटी से छोटी सूचना भी जिला नियंत्रण कक्ष व वरीय अधिकारियों को तुरंत देंगे। एसपी भारत सोनी ने बताया कि शांतिपूर्ण चुनाव के लिए जिला में 20 हजार जवानों की तैनाती की गयी है। वाहनों की सघन जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से छह नवंबर को बूथ पर जाकर अपना वोट डालने की अपील की है। उन्होंने राजगीर में बिहार विधानसभा आम निर्वाचन को लेकर स्वच्छ, निष्पक्ष, भयमुक्त और शांतिपूर्ण वातावरण में मतदान को आयोजन करने के लिए सेक्टर पदाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को नियमों की जानकारी दी गयी। जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी अवधेश कुमार ने पीपीटी के माध्यम से पदाधिकारियों को मतदान कार्यों से संबंधित पूरी जानकारी दी। सेक्टर और पुलिस पदाधिकारी की अहम भूमिका : पहले चरण में छह नवंबर को जिला के सात विधानसभा क्षेत्र में चुनाव कराया जा रहा है। इसमें सभी सेक्टर और पुलिस पदाधिकारी की अहम भूमिका है। श्री कुंदन कुमार ने कहा कि इस दौरान आप अपना आचरण बनाए रखें। किसी भी हालत में किसी भी स्तर पर किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। निष्पक्षता आपके आचरण में दिखनी चाहिए। निर्वाचन आयोग हर गतिविधि पर नजर रख रहा है। कहीं भी राजनीतिक दलों का भोजन करने, ठहरने की सुविधा ना ले, सुरक्षित ईवीएम की सुरक्षा हर हाल में करें, मतदाता का मोबाइल मतदान केंद्र के बाहर हैंगर में रखने की व्यवस्था करें, वीवीपैट की सुरक्षा बल्ब की रोशनी और धूप से सुरक्षा की भी व्यवस्था करेंगे। सभी मतदान केंद्रों पर मेडिकल टीम के साथ डॉक्टर का संपर्क नंबर उपलब्ध कराया गया है। किसी भी प्रकार का कोई चुक नहीं होनी चाहिए। लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील बूथों पर अलर्ट रहें कर्मी : एसपी ने कहा कि आप सभी सेक्टर पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी बुनियाद हैं। चार नवंबर को प्रचार प्रसार की समय सीमा समाप्त होने के बाद साइलेंस पीरियड में गांव के सुदूर क्षेत्रों के मतदान केंद्रों की सुरक्षा खासकर संवेदनशील बूथों के प्रति कर्मी अलर्ट रहें। आम मतदाता को सुरक्षा का विश्वास दिलाएं। पुलिस बल से लगातार संपर्क में रहें। उनका पूरा सहयोग लें। किसी भी समस्या का निदान तुरंत करें। अपने क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग करते रहें। वोट पड़ने के बाद पोल्ड ईवीएम बज्र गृह पहुंचने तक अपने क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग करते रहेंगे। मतदान के दिन चुनाव अभिकर्ता के पास मोबाइल नहीं होनी चाहिए। देर रात में मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद पोल्ड ईवीएम का एस्कॉर्ट कर उसकी सुरक्षा करेंगे। बूथों के पास भीड़ जमा नहीं होने दें। इस दौरान संदिग्धों पर निगरानी रखेंगे। सेक्टर और पुलिस पदाधिकारी स्थानीय थानाध्यक्ष से संपर्क में रहेंगे, ताकि किसी भी समस्या का समाधान तुरंत हो सके। मौके पर नगर आयुक्त दीपक कुमार मिश्रा, उप विकास आयुक्त श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर, किरण कुमारी, अर्चना कुमारी, गुप्तेश्वर कुमार व अन्य मौजूद थे। सेक्टर पदाधिकारी के दायित्व : 1. मतदान केंद्र पर बल्ब, सॉकेट, मोबाइल हैंगर के लिए दीवार पर कील की जांच करना। 2. बूथ के ताले की चाबी व उसे रखने वाले का नाम एवं मोबाइल नंबर, रसोईया का नाम और मोबाइल नंबर अपने पास रखेंगे। 3. सभी सेक्टर पदाधिकारी सुरक्षित ईवीएम रिजर्व डिस्पैच सेंटर से लेंगे। 4. वीवीपैट ले जाते समय उसका नॉब लेटा हुआ होना चाहिए। मतदान के समय इसे सीधा कर लेना है। 5. बैलेट यूनिट में बैलेट पेपर सीधा लगा रहना चाहिए। इसका स्लाइड स्विच एक पर रहेगा। 6. वीवीपैट को बल्ब के नीचे या सीधे सूर्य की रौशनी में नहीं रखना है। 7. मॉक पोल क्लियर करने के बाद वीवीपैट की पर्ची को काले लिफाफे में रखकर सील करना है। 8. प्रपत्र 17 सी में कुल मत को कंट्रॉल यूनिट के टोटल बटन से प्राप्त करना है। 9. प्रपत्र 17 सी में भरे गए आंकड़ों से प्रो ऐप में कुल मत भरा जाएगा। 10. सीयू, प्रपत्र 17 सी और प्रो ऐप में एक समान मत अंकित होना चाहिए। 11. मतदान के बाद प्रपत्र 17 सी की प्रति सभी पोलिंग एजेंट को देना है। उसकी रिसीविंग भी लें। 12. बिना काम किए कोई मतदान कर्मी मतदान केंद्र नहीं छोड़ेंगे। 13. रिप्लेस किए गए बीयू, सीयू या वीवीपैट का आईडी नंबर अवश्य नोट करेंगे। मतदान दिवस के पहले की जवाबदेही : 1. मतदान दल एवं मतदान सामग्री मतदान केन्द्र पर पहुंचा, इसकी जानकारी की सूचना नियंत्रण कक्ष को देंगे। 2. पुलिस बल बूथ पर पहुंच चुके हैं, इसकी सूचना भी वे देंगे। 3. मतदान दल को ईवीएम, वीवीपैट संबंधित अंतिम क्षण में होने वाले किसी प्रकार की शंका-दुविधा को दूर करना। 4. मतदान केन्द्र संबंधी ओके रिपोर्ट नियंत्रण कक्ष को भेजेंगे। मतदान दिवस की जवाबदेही : 1. मतदान शुरू होने के समय से 90 मिनट पहले मॉक पोल सुनिश्चित कराना। इसके बाद मॉक पोल सर्टिफिकेट भेजेंगे। 2. यदि किसी तरह की समस्या है, तो इसको दूर करते हुए नियंत्रण कक्ष को सूचित करेंगे। 3. मतदान केन्द्र पर उपलब्ध आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की जांच कर आश्वस्त हो लें। 4. दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केन्द्र पर दिव्यांग समन्वयक द्वारा मतदान हेतु लाया जा रहा है और मतदान करने में किसी तरह की कोई परेशानी तो नहीं हो रही है। 5. बिना पॉलिंग एजेंट के मॉक पोल वाले बूथों की भ्रमण कर जांच करते रहना। 6. मतदान केन्द्र पर उपलब्ध आगंतुक बही यानि विजिट शीट पर प्रत्येक भ्रमण के समय हस्ताक्षर करेंगे। 7. मतदान शुरू होने की सूचना नियंत्रण कक्ष को देंगे। 8. मतदान केन्द्र पर तैनात पुलिस बल अपने तैनाती के स्थान पर कार्यरत हैं, इसकी जांच करेंगे। 9. खराब ईवीएम, वीवीपैट के बदलने की व्यवस्था समय पर करेंगे। 10. अभिकर्ताओं की मतदान केन्द्र पर उपस्थिति या अनुपस्थिति पर नजर रखेंगे। जहां बिना अभिकर्ता के मॉक पोल हुआ है, उस बूथ पर विशेष नजर रखेंगे। 11. फोटोयुक्त निर्धारित पहचान पत्रधारी ही मतदान केन्द्र पर कतार में खड़े रहेंगे। 12. संवेदनशील बूथ या टोले के मतदाता मतदान कर रहे हैं या नहीं इसकी जानकारी रखेंगे। वैसे टोले में जकर उन्हें मतदान के लिए प्रेरित करेंगे। 13. प्रत्येक दो घंटे पर मतदान प्रतिशत की जानकारी नियंत्रण कक्ष को देंगे। 14. मतदान के दिन प्राप्त शिकायतों का तुरंत निपटारा करेंगे। 15. मतदान के लिए निर्धारित अवधि के बाद भी यदि मतदाता कतार में खड़े हैं, तो उन्हें संख्यात्मक पर्ची दिलाकर मतदान कराएंगे। 16. मतदान पूरा होने पर ईवीएम और वीवीपैट एवं अन्य कागजातों को सही ढंग से सील किया जा रहा है या नहीं इसपर नजर रखेंगे। 17. मतदान के बाद ईवीएम व अन्य कागजातों को मतदान दल द्वारा निर्धारित स्थान पर बज्रगृह में जमा कराने के लिए प्रस्थान कराएंगे। मतदान पूरा होने के बाद की जवाबदेही : 1. पीठासीन पदाधिकारी द्वारा पीओ डायरी वोटर के बारे में पूरी जानकारी ठीक से भरी गयी है या नहीं यह सुनिश्चित करेंगे। 2. ईवीएम ठीक ढंग से सील होना चाहिए। 3. प्रपत्र 17 सी की प्रति अभिकर्ताओं को उपलब्ध कराएंगे। 4. 17 सी की पंजी को सही ढंग से भरा जा रहा है अथवा नहीं एवं मतदान के बाद अंतिम प्रविष्टि के नीचे लकीर खींचकर कुल मतदाता जिन्होंने मतदान किया की संख्या अंकित करते हुये पीठासीन पदाधिकारी से हस्ताक्षर करवाएंगे। 5. माईक्रो ऑब्जर्वर द्वारा मतदान की समाप्ति के बाद प्रेक्षक को प्रतिवेदित किये जाने संबंधी प्रतिवेदन भेजा गया है अथवा नहीं। 6. मतदान के दिन ईवीएम, वीवीपैट जो सुरक्षित रखे गये हैं, मतदान केन्द्र पर बदले गए हों, तो उसके संबंध में सेक्टर पदाधिकारी द्वारा निर्वाची पदाधिकारी को प्रतिवेदन देंगे।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




