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कमरा के अभाव में स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम में चल रही क्लास

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कमरा के अभाव में स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम में चल रही क्लास
हिन्दुस्तान टीम,बिहारशरीफTue, 28 May 2024 09:45 PM
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कमरा के अभाव में स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम में चल रही क्लास
बरसात में हाई स्कूल फिर बनेगा तालाब

18 माह का एकरारनामा और आठ माह में प्लिंथ भी नहीं हुआ तैयार

हरनौत हाईस्कूल में 2 करोड़ से बनाया जाना है तीन तल्ला भवन

8 वर्ग कक्ष, एक-एक बालक व बालिका कॉमन रूम समेत बनेंगे 16 कमरा

फोटो :

हरनौत हाईस्कूल : हरनौत फुटबॉल स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम में परीक्षा देते छात्र।

हरनौत, निज संवाददाता।

स्थानीय हाई स्कूल में वर्ग कक्ष की घोर कमी है। इस कारण फुटबॉल स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम में छात्रों को बैठाकर मासिक परीक्षा ली जा रही है। हाई स्कूल में दो करोड़ की लागत से तीन तल्ला भवन बनाया जाना है। इसके लिए टेंडर निकल चुका है। 18 माह में इसे बनाने का लक्ष्य रखा गया है। आठ माह बीत चुका है। लेकिन, प्लिंथ भी तैयार नहीं हुआ है। इससे आठ वर्ग कक्ष, एक-एक बालक व बालिका कॉमन रूम समेत 16 कमरा बनाया जा रहा है। इस बरसात में हाई स्कूल फिर तालाब बनेगा।

ठेकेदार द्वारा पुराना भवन को तोड़कर नया भवन के लिए गड्ढा खोदा गया है। शिक्षकों का कहना है कि बाउंड्री टूटने के बाद विद्यालय असुरक्षित है। बरसात के दिनों में एक बार फिर विद्यालय तालाब बन जाएगा। वहीं अधिकारी का कहना है कि बिहार शैक्षणिक आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड द्वारा भवन का निर्माण कार्य कराया जाना है।

वर्षा मतलब पढ़ाई बंद :

एचएम सुनील कुमार गावस्कर ने बताया कि वर्ष 1942 में स्कूल की स्थापना हुई थी। कभी नामी-गिरामी स्कूलों में गिनती होने वाला यह स्कूल आज बदहाल स्थिति में है। स्कूल में एक हजार दो सौ छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इंटर में नामांकन होना अभी बाकी है। छात्रों की पढ़ाई के लिए महज सात कमरे हैं। कमरा कम होने के कारण स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम में छात्रों की मासिक परीक्षा लेनी पड़ रही है। बरसात में शहर का गंदा पानी स्कूल परिसर में भर जाता है। इससे यह तालाब बन जाता है। स्कूल प्रशासन को मोटर लगाकर पानी निकालना पड़ता है। कभी कभार तो अधिक बारिश होने पर अधिकतर बच्चों की पढ़ाई बंद हो जाती है।

16 कमरों का होगा स्कूल :

दो करोड़ की लागत से विद्यालय में वर्ग कक्ष, तीन लैब रूम, एक कम्प्यूटर कक्ष, एक कार्यालय कक्ष, एक प्राचार्य कक्ष, बाथरूम से एटैच छात्र व छात्राओं के लिए अलग-अलग एक-एक कॉमन रूम बनना है। सुरक्षा के ख्याल से चहारदीवारी भी की जानी है।

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