Hindi NewsBihar NewsBiharsharif NewsDigital Crop Survey in Bihar 119 015 Plots Yet to be Surveyed Before Harvest
डिजिटल क्रॉप सर्वे: अब भी 1.19 लाख प्लॉटों का सर्वे बाकी

डिजिटल क्रॉप सर्वे: अब भी 1.19 लाख प्लॉटों का सर्वे बाकी

संक्षेप:

बिहार में खरीफ मौसम में लगभग 10 लाख 37 हजार 560 प्लॉटों का डिजिटल क्रॉप सर्वे होना है। अगस्त में शुरू हुए विशेष सर्वे में अब भी 1.19 लाख प्लॉटों का सर्वे बाकी है। कृषि समन्वयक और अन्य कर्मियों को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग का कहना है कि समय सीमा में लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।

Nov 03, 2025 09:53 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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डिजिटल क्रॉप सर्वे: अब भी 1.19 लाख प्लॉटों का सर्वे बाकी धनकटनी खत्म होने से पहले लक्ष्य को पूरा करना बनी चुनौती खरीफ मौसम में 10.37 लाख प्लॉटों का होना है डिजिटल फसल सर्वे फोटो कृषि : खेत में लगी धान की फसल। बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। जिले में खरीफ मौसम में करीब 10 लाख 37 हजार 560 प्लॉटों का डिजिटल क्रॉप सर्वे होना है। विशेष सर्वे अभियान की शुरुआत अगस्त में हुई थी। धान की कटनी खत्म होने से पहले सभी प्लाटों का सर्वे कर लेना था। बावजूद, अबतक करीब 1,19,015 प्लाटों का सर्वे करना बाकी है। जबकि, करीब 10 फीसद धनकटनी हो चुकी है।

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सर्वे करने की जवाबदेही कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, एटीएम (सहायक तकनीकी प्रबंधक) और बीटीएम (प्रखंड तकनीकी प्रबंधक) को दी गयी है। इसबार डिविटल क्रॉप सर्वे के लिए करीब 910 राजस्व गांवों का चयन किया गया है। करीब 220 सर्वेयर लगाये गये हैं। हर खेत तक सर्वेयरों को जाना है। फसल के साथ ही उपलब्ध सिंचाई संसाधनों की पूरी रिपोर्ट एप पर लोड करना है। शहर के टाउन हॉल में 28 अगस्त को सर्वे टीम में शामिल कर्मियों को डिजिटकल क्रॉप सर्वे का प्रशिक्षण दिया गया था। सर्वे के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और एप पर तस्वीर के साथ डाटा लोड करने की बारीकियां बतायी गयी थी। चेतावनी दी गयी थी कि सर्वेयर नियमों का पालन करने के साथ ही समयसीमा का जरूर ध्यान रखें। बावजूद, अब भी लक्ष्य पूरा होना बाकी है। हालांकि, विभाग का कहना है कि फसल सर्वे की रैंकिंग में नालंदा की स्थिति सूबे में काफी अच्छी है। तय समय सीमा पर लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। तो होंगे कई फायदे: डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत हर मौसम में उगायी जाने वाली वास्तविक फसलों एवं सिंचाई संसाधनों के बारे में धरातल पर जाकर जानकारी जुटायी जाती है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। इससे एक क्लिक पर यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि किस गांव व इलाके में किन-किन फसलों की खेती किसान करते हैं। उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाने में सहूलियत मिलती है। क्या कहते हैं अधिकारी डिजिटल फसल सर्वे का लक्षय तय समय सीमा के अंदर हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। कर्मियों को शेष बचे प्लाटों का सर्वे जल्द से जल्द पूरा कर लेने का आदेश दिया गया है। जिलास्तर पर हर दिन मॉनिटरिंग भी की जा रही है। अभिमन्यु कुमार, नोडल पदाधिकारी