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परिवार व समाज की आधारशिला हैं बेटियां, अधिकारों का न करें हनन

हिन्दुस्तान टीम,बिहारशरीफPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 09:50 PM
परिवार व समाज की आधारशिला हैं बेटियां, अधिकारों का न करें हनन

परिवार व समाज की आधारशिला हैं बेटियां, अधिकारों का न करें हनन

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ समाज बनेगा सशक्त

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर दी गयी अधिकार व हक की जानकारी

जिला विधिक सेवा प्राधिकार व डाक विभाग ने चलाया अभियान

फोटो:

बालिका दिवस: बिहारशरीफ के एसएस बालिका हाई स्कूल परिसर में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मौके पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश देते डाक अधीक्षक उदयभान सिंह व अन्य।

बिहारशरीफ। निज संवाददाता

आज हम आधुनिकता की दौड़ में जितनी तेज से भाग लें। लेकिन, बेटा और बेटी में अब भी फर्क किया जा रहा है। कुछ हद तक बदलाव आए हैं। पहले लोग बेटों की चाह में सात, आठ या नौ का आंकड़ा भी पार कर लेते थे। अब वैसी बात नहीं है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ तभी हमारा समाज सशक्त बनेगा। किसी भी परिवार व समाज की आधारशिला हमारी बेटियां ही होती हैं। उनके सपनों व अधिकारों का हनन न करें। उन्हें स्वच्छंद होकर उड़ने दें। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार व डाक विभाग ने अभियान चलाकर लोगों को यह जानकारी दी।

आजादी की 75वीं वर्षगांठ को अमृत महोत्सव के तौर पर मनाया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष जिला जज रमेश चंद्र द्विवेदी व सचिव मंजूर आलम ने लोगों से बेटियों का उनका वाजिब व बेटों के बराबर हक देने की बात कही। इस समारोह में नालंदा मंडल के डाक अधीक्षक उदयभान सिंह ने कहा कि हर क्षेत्र में बेटियां परचम लहरा रही हैं। किसी भी क्षेत्र में वे बेटों से पीछे नहीं हैं। लोगों को सुकन्य समृद्धि योजना की भी जानकारी दी।

पैनल अधिवक्ता मुसर्रत परवेज ने बालिका भ्रूण हत्या, बाल विवाह कानून, पॉक्सो, मूल अधिकार एवं मूल कर्तव्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार अब लोक अदालत, मध्यस्थता, आपसी सुलह के आधार पर सभी विवादों का शीघ्र निपटारा करती है। गरीबों व असाह लोगों के लिए नि:शुल्क विधिक सलाह की भी व्यवस्था है। समाजसेवी दीपक कुमार ने ‘बेटी पैदा नहीं हुई तो बहू कहां से लाओगे, बिन बेटी आंगन में बोलो खुशी कहां से पाओगे कविता सुनाकर बालिका संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक डॉ. अभय कुमार, पीएलवी राजीव रंजन कुमार, शिक्षक डॉ. प्रभाकर सिन्हा, अनिरुद्ध कुमार सिंह व अन्य छात्र-छात्राएं मौजूद थीं।

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