सदर के ओपीडी में 3, तो इंडोर में 4 तरह की नहीं हैं दवाएं
सदर अस्पताल के ओपीडी में 3 और इंडोर में 4 प्रकार की दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। ठंड के कारण पारासिटामोल और एंटीबायोटिक्स की मांग बढ़ी है, लेकिन दवाओं का भंडारण उचित नहीं है। डेढ़ साल में दवा भंडारण कक्ष नहीं बन पाया है, जिससे जीवन रक्षक दवाएं खुले में रखी जा रही हैं।

सदर के ओपीडी में 3, तो इंडोर में 4 तरह की नहीं हैं दवाएं ठंड बढ़ने से पारासिटामोल व एंटीबायोटिक्स दवाओं की बढ़ी खपत सिविल सर्जन कार्यालय कक्ष में जहां-तहां रखी रहती हैं जीवन रक्षक दवाएं सदर अस्पताल में डेढ़ साल बाद भी नहीं बन पाया है दवा भंडारण कक्ष जगह चिह्नित होने के बावजूद फाइलों में अटकी योजना ओपीडी में 266 तो इंडोर में 155 तरह की रखी जाती हैं दवाएं फोटो : सीएस सदर : सिविल सर्जन कार्यालय में खुले में रखा दवाओं से भरा कार्टन। बिहारशरीफ, निज संवाददाता। सदर अस्पताल के ओपीडी में तीन, तो इंडोर में चार तरह की दवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
ठंड बढ़ने से पारासिटामोल व एंटीबायोटिक्स की खपत काफी बढ़ी हुई है। बावजूद, सदर समेत कई अस्पतालों में दवाओं के भंडारण की अच्छी व्यवस्था नहीं है। मौसम को देखते हुए मानक के अनुसार उपयोग में आने वाली लगभग सभी दवाएं अस्पतालों में उपलब्ध हैं। लेकिन, सदर अस्पताल में भंडारण की व्यवस्था नहीं होने से सिविल सर्जन कार्यालय कक्ष के पास बरामदा या कमनों में जहां तहां जीवन रक्षक दवाएं रखी रहती हैं। स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही से मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। सदर अस्पताल में डेढ़ साल बाद भी दवा भंडारण कक्ष नहीं बन पाया है। जगह चिन्हित होने के बावजूद यह योजना फाइलों में अटकी हुई है। जबकि, यहां ओपीडी में 266 तो इंडोर में 155 तरह की दवाएं रखी जाती हैं। दवा भंडारण कक्ष नहीं होने से करोड़ों रुपये की दवाएं खुले में ही रखी जा रही हैं। स्वास्थ्यकर्मी मजबूरी में खुले वातावरण में, बरामदा या अन्य कमरों में ही दवाओं को जैसे-तैसे सहेजने को विवश हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के विभिन्न अस्पतालों में 266 तरह की मेडिकल, 118 सर्जिकल दवाएं और 14 प्रकार के रीजेंट रसायन की आपूर्ति की जाती है। मरीजों को दी जाने वाली इन दवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विभाग ने आईपीडी में डीप फ्रीजर, आइस पैक और फ्रीज की व्यवस्था तो कर दी है, लेकिन ओपीडी में दवा वितरण के लिए कोई समुचित कोल्ड स्टोरेज या रेफ्रिजरेशन सिस्टम नहीं दिया गया है। वहां आवश्यकता व खपत के अनुसार दवाओं को खुले में ही रखा जाता है। दवाओं की उपलब्धता आंकड़ों में : सदर अस्पताल : ओपीडी : 266 में से 265, इंडोर : 155 में से 151 अनुमंडलीय अस्पताल : 293 में से 264 रेफरल अस्पताल : 283 में से 252 सीएचसी : 270 में से 251 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र : 277 में से 254 उपस्वास्थ्य केंद्र : ओपीडी 137, आइपीडी में 50 दवाएं नियमित रूप से मिल रही हैं। यूपीएचसी : ओपीडी में 174 और आईपीडी में 62 तरह की दवाएं उपलब्ध हैं। कहते हैं अधिकारी : अस्पतालों में दवाओं का पर्याप्त भंडारण है। दवाओं की स्टॉक की ऑनलाइन मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। दवा खत्म होने से पहले ही खपत के अनुसार अस्पतालों को उपलब्ध करा दिया जाता है। दवा भंडारण कक्ष को जल्द से जल्द बनवाने का प्रयास किया जाएगा। श्याम कुमार निर्मल, डीपीएम, जिला स्वास्थ्य समिति

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