बिना वैध लाइसेंस दुकान चला रहे 99 संचालकों पर कोर्ट में केस दर्ज

Mar 10, 2026 10:03 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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बिना वैध लाइसेंस के दुकान चला रहे 99 संचालकों पर बिहारशरीफ कोर्ट में केस दर्ज किया गया है। माप-तौल विभाग ने 504 दुकानदारों को नोटिस जारी किया। अगर मार्च तक लाइसेंस नवीनीकरण नहीं कराया गया, तो भारी जुर्माना लगेगा। विभाग ने वित्तीय वर्ष में 1.41 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व वसूला है।

बिना वैध लाइसेंस दुकान चला रहे 99 संचालकों पर कोर्ट में केस दर्ज

बिना वैध लाइसेंस दुकान चला रहे 99 संचालकों पर कोर्ट में केस दर्ज माप-तौल विभाग ने बिना लाइसेंस के कारोबार करने वाले 504 दुकानदारों को दिया नोटिस मार्च तक लाइसेंस नवीनीकरण नहीं कराने पर लगेगा भारी जुर्माना, पूरी प्रक्रिया है ऑनलाइन वित्तीय वर्ष के अंत तक विभाग ने वसूला 1.41 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व ओवरलोडिंग रोकने के लिए टोल प्लाजा के वे इन मोशन सिस्टम और धर्मकांटा की भी होगी जांच बिहारशरीफ, हमारे संवाददाता। वित्तीय वर्ष की समाप्ति के करीब आते ही माप-तौल विभाग ने जिले में राजस्व वसूली और निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। विभाग द्वारा जिले भर में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।

माप-तौल निरीक्षक शत्रुंजय कुमार सिंह ने बताया कि अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक पूरे जिले में करीब 17 सौ दुकानों का निरीक्षण किया गया है। बिना वैध लाइसेंस के कारोबार कर रहे 504 दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया। नोटिस के बावजूद नाप-तौल का लाइसेंस नहीं बनवाने वाले 99 दुकानदारों के खिलाफ बिहारशरीफ न्यायालय में अभियोग (केस) दायर किया गया है। उन्हें लोक अदालत या कोर्ट के माध्यम से जुर्माना (समन शुल्क) जमा करना होगा। प्रति व्यक्ति 5000 रुपये का जुर्माना तय है। जुर्माना नहीं देने पर तीन से छह महीने की सजा का प्रावधान है। अब तक न्यायालय के माध्यम से 1 लाख 68 हजार रुपये समन शुल्क के रूप में प्राप्त हो चुके हैं। एक अप्रैल से डिफाल्टर होंगे दुकानदार, लगेगा फाइन: निरीक्षक ने जिले के सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे 31 मार्च तक अपने नाप-तौल उपकरणों का अनिवार्य रूप से नवीनीकरण करा लें। एक अप्रैल से जो दुकानदार डिफाल्टर होंगे, उन पर मूल फीस का आधा (जैसे 5000 रुपये की फीस पर 2500 रुपये) जुर्माने के तौर पर लगेगा। इसके बाद हर तीन महीने पर यह फाइन जुड़ता चला जाएगा और अंततः उन पर अभियोग दायर होगा। उन्होंने बताया कि लाइसेंस बनवाने और फीस जमा करने की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन है और यह आरटीपीएस से जुड़ी है, जिसमें 30 दिनों के भीतर सेवा देना अनिवार्य है। टोल प्लाजा पर चलती गाड़ियों की होगी जांच: विभाग इस महीने के अंत तक टोल प्लाजा पर भी विशेष जांच अभियान चलाएगा। निरीक्षक ने बताया कि टोल प्लाजा पर वे-इन-मोशन (चलती गाड़ी का वजन नापना) प्रणाली लगी होती है। इसके माध्यम से ओवरलोडेड गाड़ियों की पहचान कर उनसे अतिरिक्त टोल या फाइन वसूला जाता है। इसके सत्यापन के लिए टोल प्लाजा के दोनों ओर धर्मकांटा भी लगा है। विभाग की टीम जल्द ही वहां जाकर इन उपकरणों की जांच करेगी, ताकि वजन तौलने की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे। 1.41 करोड़ रुपये राजस्व की हुई वसूली: निरीक्षक ने बताया कि विभाग को इस वित्तीय वर्ष में 1 करोड़ 43 लाख 69 हजार रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य मिला था। इसके विरुद्ध फरवरी माह तक 1 करोड़ 41 लाख 7 हजार 145 रुपये (लगभग 73 प्रतिशत) की वसूली की जा चुकी है। जो पिछले साल के 91 लाख रुपये के कुल राजस्व से कहीं अधिक है। अनुमंडलवार आंकड़ों के अनुसार, हिलसा ने लक्ष्य से अधिक 101.8 प्रतिशत (35 लाख 64 हजार 456 रुपये) की वसूली की है। बिहारशरीफ सदर में 65.3 प्रतिशत (46 लाख 52 हजार 990 रुपये) और राजगीर क्षेत्र में 60 प्रतिशत (21 लाख 79 हजार 698 रुपये) की वसूली हुई है।

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