Biharsharif News: ढिठई की हद : घूस न देने पर घर चढ़ दीं गालियां-धमकी, डीएम के आदेश पर एफआईआर रहुई नगर पंचायत का मामला, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि समेत 3 के विरुद्ध कार्यपालक पदाधिकारी ने थाने में कराई प्राथमिकी पीड़िता ने कहा-आवास मिलने पर नहीं दी घूस, तो कई बार बिचौलियों ने धमकाया विधायक ने विधानसभा में आवास योजना में घूसखोरी की उठायी थी आवाज, पर कोई कार्रवाई नहीं फोटो : रहुई नगर पंचायत : रहुई नगर पंचायत कार्यालय का भवन। बिहारशरीफ, निज संवाददाता। योजनाओं का लाभ लेने के बदले घूसखोरी अब कोई बड़ी बात नहीं रह गयी है। लेकिन, बिचौलियों की ढिठई इतनी कि आवास योजना की पहली किस्त मिलने के बाद भी लाभुक ने घूस नहीं दी तो उसके घर पर धावा बोल न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि जीभ खिंच लेने की धमकी भी दी। आखिरकार, लाभुक ने मामले को डीएम उदिता सिंह के समक्ष रखा। इनसे संबंधित
मुख्य जांच प्रक्रिया
आदेश के बाद रहुई नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी नवीन कुमार ने मुख्य पार्षद प्रतिनिधि समेत तीन बिचौलियों के खिलाफ एफआईआर करायी है। थानाध्यक्ष ललित विजय ने बताया कि प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू कर दी गयी है। लेकिन, अब तक पुलिस को कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है। एफआईआर में मुख्य पार्षद प्रतिनिधि के अलावा रविशंकर कुमार व ललेन्द्र पासवान पर 50 हजार रुपये घूस मांगने का आरोप लगा है। साथ ही, साक्ष्य के रूप में ऑडियो व वीडियो क्लीप भी थाने को उपलब्ध कराया गया है। रहुई नगर पंचायत के वार्ड एक निवासी पीएम आवास योजना की लाभुक ममता कुमारी ने डीएम को आवेदन देकर कहा है कि मुझे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये बैंक खाता में भेजे गये हैं। राशि मिलने के बाद से मुख्य परिषद प्रतिनिधि समेत तीन व्यक्ति 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। घूस नहीं देने पर फोन के माध्यम से बार-बार धमकी दी जा रही है।
दूसरी किस्त की जानकारी
399 में 152 को ही मिली दूसरी किस्त की राशि : रहुई नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत 399 लोगों को पहली किस्त की राशि दी गयी है। इनमें से 152 लाभुकों को दूसरी किस्त की राशि भेजी गयी है।
विधानसभा में मामला उठना
विधानसभा में गूंज चुका है मामला : बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. सुनील कुमार ने फरवरी में विधानसभा में पीएम आवास योजना में घूसखोरी मामले को जोर-शोर से उठाते हुए कहा था कि जिन लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त मिल चुकी है, उनमें 25 फीसदी नजराना वसूला जा रहा है। साक्ष्य के रूप में इसका वीडियो भी उपलब्ध रहने की बात कही थी। उन्होंने मंत्री से प्रश्नकर्ता सदस्य की मौजूदगी में ही मामले की जांच कराने की मांग की थी। ताकि, घूसखोरी करने वाले बिचौलियों, कर्मियों व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके। लेकिन, अधिकारियों ने मामले की जांच कराना उचित नहीं समझा।