Contempt of court notice to jail superintendent - जेल अधीक्षक को थमाया अवमानना की नोटिस, आज देना होगा जवाब DA Image

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जेल अधीक्षक को थमाया अवमानना की नोटिस, आज देना होगा जवाब

न्यायिक आदेश के बाद भी महिला कैदी को जेल से नहीं छोड़े जाने पर कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया है। न्यायाधीश संगीता कुमारी ने इसे न्यायिक आदेश की अवहेलना मानते हुए बिहारशरीफ मंडल कारा के जेल अधीक्षक से शोकॉज मांगा है। उन्होंने इसका जवाब 9 जून शुक्रवार को सदेह उपस्थित रहकर कोर्ट में देने को कहा है। उन्होंने यह भी पूछा है कि क्यों नहीं आपके खिलाफ वरीय अधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिखा जाए। आरोपित महिला बंदी के वकील सत्यदेव प्रसाद सिंह ने बताया कि जेल अधीक्षक न्यायाधीश द्वारा जारी मुक्ति आदेश को यह कहते हुए लौटा दिया था कि आरोपित का रिमांड एसीजेएम-चार मंजूर आलम द्वारा की गई थी, जबकि मुक्ति आदेश न्यायाधीश संगीता कुमारी की ओर से जारी की गई है। ऐसी स्थिति में इस अभिलेख का स्थानांतरण कहां किया गया है। इसकी जानकारी दी जाए। आरोपित के वकील श्री सिंह ने इस संबंध में कोर्ट में आवेदन देकर बिना किसी ठोस कारण के बंदी को अनाधिकृत रूप से जेल में रखने को गंभीर मामला मानते हुए कार्रवाई की मांग की थी। जिस पर न्यायाधीश ने जेल अधीक्षक से स्पष्टीकरण की मांग की। विदित हो कि दहेज के लिए प्रताड़ना से जुड़े मामले में नालंदा थाना पुलिस ने आरोपित सास को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में प्रस्तुत किया था, जहां से उसे 25 मई को जेल भेज दिया गया था। इसके बाद 6 जून को प्रभारी जिला जज शशिभूषण प्रसाद सिंह ने आरोपित को जमानत दे दी। तब न्यायाधीश संगीता कुमारी ने आरोपित को मुक्ति के लिए आदेश जारी किया था। इस मामले में नालंदा थाना के तुलसी बिगहा गांव की गणिता देवी ने पति समेत अन्य लोगों पर मुकदमा किया था। यह मामला पहले एसीजेएम-चार मंजूर आलम के कोर्ट में लंबित था, जहां से इसे स्थानांतरण कर सुनवाई के लिए संगीता कुमारी के कोर्ट में भेजा गया था।

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  • Web Title:Contempt of court notice to jail superintendent