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नालंदा खुला विवि में निबंध में जागृति तो पेंटिंग में सुप्रिया ने मारी बाजी

नालंदा खुला विवि में निबंध में जागृति तो पेंटिंग में सुप्रिया ने मारी बाजी

संक्षेप:

नालंदा खुला विवि में निबंध में जागृति तो पेंटिंग में सुप्रिया ने मारी बाजीनालंदा खुला विवि में निबंध में जागृति तो पेंटिंग में सुप्रिया ने मारी बाजीनालंदा खुला विवि में निबंध में जागृति तो पेंटिंग में...

Aug 26, 2025 05:06 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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निबंध में जागृति तो पेंटिंग में सुप्रिया ने मारी बाजी नालंदा खुला विश्वविद्यालय में हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान को ले हुआ नुक्कड़ नाटक विजेता प्रतिभागियों को कुलपति ने किया पुरस्कृत फोटो : नालंदा विश्वविद्यालय : नालंदा खुला विश्वविद्यालय में हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान कार्यक्रम के दौरान विजेता प्रतिभागियों के साथ कुलपति नुक्कड़ नाटक करते कलाकार। बिहारशरीफ, निज संवाददाता। नालंदा खुला विश्वविद्यालय में ‘हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान कार्यक्रम के तहत कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक कर लोगों को संविधान के बारे में बताया। इसके तहत कई प्रतियोगिताएं हुईं। निबंध प्रतियोगिता में जागृति कुमारी ने बाजी मारी। ललिता कुमारी दूसरे तो सुप्रिया सोनी और कृति शरण तीसरे नंबर पर रहीं।

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पेंटिंग-पोस्टर प्रतियोगिता में सुप्रिया निधि अव्वल रही। संस्कार पुरी दूसरे तो सलोनी कुमारी और रानी कुमारी तीसरे नंबर पर रहीं। कुलपति प्रो. रवींद्र प्रसाद ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया। कुलपति ने बताया कि यह 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा अंगीकृत किया गया। वहीं, 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, जिसे हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। समय के साथ संशोधन भी होते रहे हैं, जिससे यह एक जीवंत विधान बन गया है। इसका प्रस्ताव भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, लोकतांत्रिक, लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करता है, जो सभी नागरिकों को न्याय, स्वतंत्रता, अधिकार और बंधन प्रदान करता है। संविधान में मूल अधिकार, नीति निर्देशक सिद्धांत, एकल नागरिकता, स्वतंत्र संविधान और संघीय संवैधानिक मान्यताएं शामिल हैं। यह विभिन्न देशों के संविधानों से प्रेरित भारतीय संदर्भ में अनुकूलित है। उन्होंने बताया कि हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान है। पूरा देश इसी संविधान से चल रहा है। सबों को इसका आदर करना चाहिए। नुक्कड़ नाटक का थीम शिक्षा का अधिकार था। समाज में लोगों को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक एक सशक्त माध्यम है। इस नुक्कड़ नाटक का मंचन अनीशा सोनी, अरविंद कुमार, केसरीकांत यादव, दिबांग सिंह, नीतीश कुमार, रानी कुमारी, साक्षी गोस्वामी, कुमारी रिया रानी, और जागृति कुमारी ने किया। मौके पर डॉ. संगीता कुमारी, डॉ. किरण पांडेय, डॉ. अमरनाथ पाण्डेय, डॉ. पल्लवी, डॉ. मीना कुमारी, आफताब अहमद, रवि कुमार, शुभम कुमार, संजय कुमार, मुकेश गौरव, पवन कुमार, सतीश यादव, लक्ष्मण कुमार व अन्य मौजूद थे।