
कांग्रेस में नहीं थम रही अंतर्कलह, 10 निष्काषित
कांग्रेस में नहीं थम रही अंतर्कलह, 10 निष्काषितकांग्रेस में नहीं थम रही अंतर्कलह, 10 निष्काषितकांग्रेस में नहीं थम रही अंतर्कलह, 10 निष्काषितकांग्रेस में नहीं थम रही अंतर्कलह, 10 निष्काषित
कांग्रेस में नहीं थम रही अंतर्कलह, 10 निष्काषित जिलाध्यक्ष ने 7 प्रखंड अध्यक्षों समेत 8 को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला पार्टी सिद्धांतों के उलट कार्य करने व अनुशासन भंग करने का आरोप राष्ट्रीय कमेटी के सदस्य ने कहा-जिलाध्यक्ष को नहीं है पार्टी से निकालने का अधिकार बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। नालंदा जिला कांग्रेस में अंतर्कलह थमने का नाम नहीं ले रहा है। दो गुटों के बीच जमकर खींचतान चल रही है। पिछले दिनों जिला कार्यालय राजेन्द्र आश्रम में जमकर हंगामा हुआ था। मारपीट के बाद कार्यालय में ताला लगा दिया गया था। शनिवार को दूसरे गुट के लोगों ने कार्यालय में ताला लगा दिया।
साथ ही, जिलाध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला ने 10 लोगों को पार्टी से निष्कासित करने का पत्र जारी किया है। इनमें सात प्रखंड अध्यक्ष हैं। इन्हें छह साल के लिए पार्टी से निकाला गया है। इनके खिलाफ पार्टी के विपरित कार्य करने व अनुशासन भंग करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने प्रेस बयान जारी कर यह जानकारी दी। दूसरी तरफ, राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य दिलीप कुमार का कहना है कि जिलाध्यक्ष को इन्हें निकालने का अधिकार ही नहीं है। किन्हें किया गया निष्कासित : बेन प्रखंड अध्यक्ष राजीव कुमार उर्फ गुड्डू, बिहारशरीफ-वन प्रखंड अध्यक्ष महताब आलम उर्फ गुड्डू, हरनौत प्रखंड अध्यक्ष सुभाष यादव, गिरियक प्रखंड अध्यक्ष राजेश रौशन, थरथरी प्रखंड अध्यक्ष बुंदेला यादव, नूरसराय प्रखंड अध्यक्ष राजेश्वर प्रसाद, इस्लामपुर प्रखंड अध्यक्ष सर्वेश कुमार के साथ मुन्ना पांडेय को छह साल के लिए निकाला गया है। वहीं, उदय कुशवाहा को छह माह तो जीतेन्द्र कुमार उफ जीतू को दो साल के लिए निष्कासित किया गया है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि सर्वेश के खिलाफ वित्तीय अनियमितता का भी आरोप है। राष्ट्रीय कमेटी ने किया है प्रखंड अध्यक्षों का चयन : पूर्व जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार का कहना है कि प्रखंड अध्यक्षों को राष्ट्रीय कमेटी द्वारा चयनित किया जाता है। इस वजह से जिलाध्यक्ष को इन्हें निष्कासित करने का अधिकार ही नहीं है। पार्टी के मंच पर सदस्यों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। सदस्यों ने जिले में चल रही अनियमितता के खिलाफ प्रदेश में भी शिकायत की है। बिना किसी तरह के नोटिस दिये इनके खिलाफ कार्रवाई करना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष ने आपराधिक छवि के लोगों को राहुल गांधी से मिलवाया। इसका विरोध करना कार्यकर्ताओं का नैतिक अधिकार है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




