बड़ी सौगात: खत्म होने वाला है इंतजार, 30 जून से काम करने लगेगा चंडी ग्रिड

हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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चंडी के जैतीपुर मोड़ पर निर्माणाधीन ग्रिड सब-स्टेशन का काम अंतिम चरण में है। 30 जून से बिजली आपूर्ति शुरू होने पर चंडी, नगरनौसा, थरथरी, नूरसराय और हिलसा प्रखंडों को निर्बाध बिजली मिलेगी। इससे ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्याएं समाप्त होंगी।

बड़ी सौगात: खत्म होने वाला है इंतजार, 30 जून से काम करने लगेगा चंडी ग्रिड

हिन्दुस्तान एक्सक्लूसिव : बड़ी सौगात: खत्म होने वाला है इंतजार, 30 जून से काम करने लगेगा चंडी ग्रिड 5 प्रखंडों के उपभोक्ताओं को बिना रुकावट मिलेगी बिजली काम अंतिम चरण में, लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग का झंझट खत्म फोटो बिजली ग्रिड: चंडी के जैतीपुर मोड़ के पास निर्माणाधीन ग्रिड सब स्टेशन (जीएसएस)। बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। इंतजार अब खत्म होने वाला है। चंडी के जैतीपुर मोड़ के पास निर्माणाधीन जिले के 8वां ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस 132/33) का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। अगर सब कुछ इसी रफ्तार से चलता रहा तो 30 जून से इस ग्रिड से बिजली की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इसके चालू होते ही चंडी, नगरनौसा, थरथरी, नूरसराय व हिलसा प्रखंडों के उपभोक्ताओं को निर्बाध व गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी। चंडी ग्रिड में 50 एमवीए के दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। पैनल और कंट्रोल रूम का निर्माण पूरा हो चुका है। सर्किट लाइन बिछाने के लिए करीब 187 टाबर लगाने हैं, जिसमें से 90 फीसद का काम पूरा कर लिया गया है।

रिंग सिस्टम से बिजली, 4 सर्किट लाइन होंगी:

चंडी ग्रिड को 132 केवी की चार सर्किट लाइनों के जरिए रिंग सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। इसे अस्थावां ग्रिड (220/132/33 केवी) और चेरन ग्रिड (132/33 केवी) से कनेक्ट किया जा रहा है। चंडी से चेरन के बीच करीब 20 किलोमीटर और अस्थावां के बीच 40 किलोमीटर लंबी लाइन बिछाई जा रही है। रिंग सिस्टम का फायदा यह कि अगर एक ग्रिड या एक सर्किट लाइन से सप्लाई में कोई तकनीकी खराबी आती है, तो दूसरे ग्रिड व सर्किट लाइन से तुरंत बिजली चालू हो जाएगी। दूरी घटेगी तो नहीं होगी ट्रिपिंग : वर्तमान में चंडी और नगरनौसा के पावर सब स्टेशनों (पीएसएस) को हरनौत के चेरन ग्रिड से बिजली दी जाती है। वहीं, नूरसराय और थरथरी को बिहारशरीफ बड़ी पहाड़ी ग्रिड तो हिलसा को एकंगरसराय से बिजली मिलती है। दूरी अधिक होने के कारण लाइन ट्रिप व लो वॉल्टेज की समस्या आम बात है। खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है।

घटेगा 3 ग्रिडों से लोड:

चंडी ग्रिड से बिजली की आपूर्ति बहाल होने के बाद ट्रीपिंग की समस्या खत्म हो जाएगी। बड़ी पहाड़ी, चेरन ग्रिड और एकंगरसराय ग्रिड का ओवरलोड घटेगा। जबकि, नये ग्रिड से जुड़ने वाले पावर सब स्टेशनों को भरपूर वोल्टेज मिलने लगेगा तो उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। कहते हैं अधिकारी: चंडी ग्रिड में पावर ट्रांसफॉर्मर लग चुके हैं। पैनल और कंट्रोल रूप का निर्माण हो चुका है। सर्किट लाइन बिछाने का काम तेज रफ्तार से चल रहा है। 30 जून तक यहां से आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी तो उपभोक्ताओं को बिना रुकावट बिजली मिलने लगेगी शैलेश कुमार सिंहा, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, ट्रांसमिशन डिपार्टमेंट, बिहारशरीफ इन पावर सब स्टेशनों को चंडी मिलेगी बिजली: 1. चंडी 2. नगरनौसा 3. भोभी 4. नूरसराय 5. थरथरी 6. हिलसा जिले में संचालित ग्रिड सब स्टेशन : 1. सुपर ग्रिड कैंपस (पुलिस लाइन के पास) 2. बिहारशरीफ बड़ी पहाड़ी 3. राजगीर 4. नालंदा 5. एकंगरसराय 6. चेरन (हरनौत) 7. बेनार (अस्थावां)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंडी ग्रिड सब-स्टेशन कब चालू होगा?
30 जून से चंडी ग्रिड सब-स्टेशन से बिजली की आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है।
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