एक मंच पर बही गंगा-जमुनी संस्कृति की धारा
शेखपुरा में आयोजित एक भव्य साहित्यिक कार्यक्रम में गंगा-जमुनी संस्कृति का जश्न मनाया गया। उर्दू शायरी और हिंदी कविताओं ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। जिलाधिकारी ने कहा कि भारत की पहचान गंगा-जमुनी है, और ऐसे कार्यक्रम सामाजिक सौहार्द को मजबूत करते हैं। इस आयोजन में कई प्रसिद्ध शायरों और कवियों ने भाग लिया।

एक मंच पर बही गंगा-जमुनी संस्कृति की धारा उर्दू शायरी और हिंदी कविताओं से सराबोर हुए श्रोता शेखपुरा, हिन्दुस्तान संवाददाता। बाजार में भव्य साहित्यिक कार्यक्रम में एक ही मंच से गंगा-जमुनी संस्कृति की धारा प्रवाहित हुई। सैकड़ों श्रोता भारत की एकता में अनेकता वाली सभ्यता और संस्कृति वाले खुले वातावरण में देर शाम तक गोते लगाते रहे। यह कार्यक्रम अंजुमन गंगोजमन शेखपुरा ने शनिवार की संध्या में आयोजित किया। इसका उद्घाटन जिलाधिकारी शेखर आनंद तथा एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने किया। एक ही मंच से उर्दू के शायरों ने अपने मुशायरों से शमां बांधा वहीं हिंदी के कवियों ने अपनी कविता से श्रोताओं को आनंदित किया।
शहर के दल्लू चौक हुसैनाबाद रोड स्थित निजी सभागार में इस आयोजन में शेखपुरा के साथ नवादा,पटना, आजमगढ़, कोलकाता, बनारस, दिल्ली सहित कई बड़े शहरों से आए शायरों तथा कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को कई संदेश दिए। डीएम शेखर आनंद ने कहा भारत की संस्कृति और पहचान ही गंगा-जमुनी रही है। इसे कोई अलग नहीं कर सकता है। ऐसे कार्यक्रम और साहित्यिक गतिविधियां होती रहनी चाहिए। ऐसे आयोजनों से सामाजिक सौहार्द मजबूत होता है। कार्यक्रम में खालिद आजमी, अशद भैरवी, डॉ. एजाज, रजा तस्लीम, इरशाद खान, डॉ. एसएन झा, भगवान प्रसाद गुप्ता, उपेंद्र प्रेमी, डॉ. नूतन सिंह, ममता पांडेय, कायम मेंहदी, जफर हसन, अफाक शेखपुरबी, मुंशी रजा, गणनायक मिश्र, राहुल कुमार, शंभू यादव, संजीत प्रभाकर व अन्य ने अपनी रचनाएं पेश की।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


