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नालंदा जिले में शीघ्र शुरू होगी कैब सेवा, सुरक्षित व सहज होगा सफर

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नालंदा जिले में शीघ्र शुरू होगी कैब सेवा, सुरक्षित व सहज होगा सफर
हिन्दुस्तान टीम,बिहारशरीफMon, 24 Jun 2024 10:30 PM
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हिन्दुस्तान एक्सक्लूसिव :
नालंदा जिले में शीघ्र शुरू होगी कैब सेवा, सुरक्षित व सहज होगा सफर

पहले चरण में बिहारशरीफ व राजगीर में सेवा शुरू करने की जिला परिवहन कार्यालय कर रहा तैयारी

कैब सेवा देने वाली कंपनियों के साथ अगले हफ्ते डीटीओ करेंगे बैठक

बनी सहमति तो कैब सेवा देने वाली कंपनियों के अधिकारी व कर्मी सर्वे करके तय करेंगे रूट

राज्य परिवहन प्राधिकार ने नालंदा समेत 9 शहरों में कैब सेवा बहाली के लिए मंथन करने को भेजा है पत्र

फोटो :

ऑटो बिहारशरीफ : बिहारशरीफ के अस्पताल चौक पर ऑटो व ई-रिक्शा, जिनका फिलहाल उपयोग किया जा रहा है।

बिहारशरीफ, कार्यालय संवाददाता।

नालंदा जिले में शीघ्र ही कैब सेवा शुरू होने वाली है। इसके शुरू होने से सफर अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित व सहज हो जाएगा। पहले चरण में बिहारशरीफ व राजगीर में सेवा शुरू करने की जिला परिवहन कार्यालय तैयारी कर रहा है। इसके लिए कैब सेवा देने वाली कंपनियों के साथ अगले हफ्ते जिला परिवहन पदाधिकारी बैठक करेंगे। सेवा प्रदाता कंपनियों को इसकी सूचना दी जा चुकी है। बैठक के बाद कैब सेवा शुरू करने की सहमति बनती है तो सेवा प्रदाता कंपनियों के अधिकारी व कर्मी सबसे पहले जिले के यातायात रूटों का सर्वे करेंगे।

इसके बाद यह तय करेंगे कि पहले में किन-किन स्थानों से कैब सेवा शुरू की जाये। राज्य परिवहन प्राधिकार ने नालंदा समेत सूबे नये नौ शहरों में में कैब सेवा की बहाली के लिए संबंधित डीटीओ (जिला परिवहन पदाधिकारी) को पत्र भेजकर इसपर मंथन करने व आवश्यक सुझाव देने को कहा है।

अगले हफ्ते होने वाली बैठक में कैब सेवा प्रदान करने वाली ओला, उबेर, रैपिडो जैसी कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए संबंधित कंपनियों को आवश्यक सहयोग प्रदान किए जाने का भी निर्देश दिया गया है। इन नौ जिलों में नालंदा के अलावा मुंगेर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, रोहतास, कटिहार, किशनगंज और पटना शामिल हैं। चौपहिया वाहनों के लिए प्रति किलोमीटर 20 से 30 रुपए का खर्च आ सकता है। हालांकि, यह सेवा पटना व मुजफ्फरपुर में पहले से ही यात्रियों को मिल रही है।

कंपनियां करेंगी सर्वे, लोगों को मिलेगा रोजगार:

रैपिडो कंपनी के बिहार, झारखंड,ओडिशा व असम के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम कुमार ने बताया कि नालंदा जिले के परिवहन पदाधिकारी ने पत्र भेजकर कैब सेवा शुरू करने से संबंधित मीटिंग में शामिल होने का न्योता भेजा है। उनका कहना है कि वे नालंदा जिले के ही रहने वाले हैं। ऐसे में उन्हें यह मालूम है कि जिले में कैब सेवा की अपार संभावनाएं हैं। चूंकि, यह पर्यटन क्षेत्र है। ऐसे में हर सैलानी सुरक्षित व सहज सफर करने को प्राथमिकता देता है। ऐसे में यह सेवा नालंदा जिले के लिए काफी बेहतर साबित होगी। वहीं, उबेर के सिटी ऑपरेशन पदाधिकारी शेखर भारती ने बताया कि डीटीओ के साथ बैठक के बाद कंपनी एक सर्वे करेगी। इसमें देखा जाएगा कि लोगों को इस सेवा की कितनी जरूरत है और शहर में कितने कॉमर्शियल व्हीकल (व्यावसायिक वाहन) मौजूद हैं। इसके अलावा प्रमुख जगहों के दूरी का पता करेगी और इस सेवा से कितने लोगों को रोजगार प्राप्त होगा इसका भी जायजा लेगी। सर्वे के बाद सेवा शुरू की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि यहां कितनी छोटी गाड़ियां व्यावसायिक वाहन के रूप में चल रही हैं।

युवाओं को मिलेगा रोजगार:

कैब सेवा चालू होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर के द्वार खुलेंगे। छोटी गाड़ियों को व्यावसायिक वाहन के रूप में निबंधित किया जा सकता है। जो निबंधित हैं, उन्हें नियमित तौर पर कमाई का बढ़िया अवसर मिलेगा। कैब सेवा के तहत बाइक, ऑटो व छोटे चार चक्का वाहनों के उपयोग किये जाएंगे। इन वाहनों के मालिकों को इससे जुड़ने और चालकों को काम मिलेगा।

कैब सेवा क्या है :

व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए वाहन किराये पर लेने के सिस्टम को ही कैब सेवा कही जाती है। यह सेवा कर्मचारियों और व्यावसायिक भागीदारों के लिए सवारी बुक करने की अनुमति देती है। सभी सेवा प्रदाता कंपनियों का अपना एप होता है। उसी एप के माध्यम से यात्री वाहन बुक करते और उसमें बतायी गयी राशि किराया के रूप में भुगतान करते हैं।

क्यों कहते हैं कैब सेवा :

घोड़ों द्वारा खींची जाने वाली गाड़ियों के दिनों में एक प्रकार की गाड़ी को कैब्रियोलेट कहा जाता था, जो फ्रांसीसी शब्द से लिया गया है। इसका अर्थ होता है-छलांग। यह नाम उस वक्त काफी उपयुक्त था। क्योंकि, गाड़ी इतनी हल्की होती थी कि वह उस समय की उबड़-खाबड़ सड़कों पर उछलती या ‘छलांग लगाती हुई एक से दूसरी जगह जाती थी। समय के साथ कैब्रियोलेट नाम को छोटा करके कैब कर दिया गया। इस तरह, इस सेवा को कैब सेवा नाम से जाना जाने लगा।

अधिकारी बोले :

• जिले में कैब सेवा शुरू करने के लिए अगले हफ्ते सेवा प्रदाता कंपनियों के साथ बैठक बुलायी जानी है। इसमें इनकी सेवा शुरू करने के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श होगा। लेकिन, हर हाल में यात्रियों की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

अनिल कुमार दास, जिला परिवहन पदाधिकारी

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
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