परफोर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स : सूबे में शेखपुरा अव्वल, तो अररिया फिसड्डी

हिन्दुस्तान, बिहारशरीफ
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परफोर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स के अनुसार शेखपुरा पहले स्थान पर है, जबकि अररिया सबसे निचले पायदान पर है। पटना ने आठवें से छठे स्थान तक छलांग लगाई है, जबकि नालंदा दूसरे स्थान पर गिर गया। शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। रिपोर्ट में लगभग सभी जिलों की शैक्षणिक प्रदर्शन का आकलन किया गया है।

परफोर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स : सूबे में शेखपुरा अव्वल, तो अररिया फिसड्डी

परफोर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स : सूबे में शेखपुरा अव्वल, तो अररिया फिसड्डी पटना आठवें से छठे, तो पहले से दूसरे स्थान पर पहुंचा नालंदा कुल 10 ग्रेडों में से पहले चार में बिहार का कोई जिला नहीं मुख्य 6 बिन्दुओं के 70 संकेतकों के कुल 600 अंकों के आधार पर की गयी मार्किंग व ग्रेडिंग वर्ष 2023 में 338 अंक के साथ नालंदा, तो 2026 में 304 मार्क्स लाकर शेखपुरा बना अव्वल गत परिणाम से 35 अंक कम लाकर भी पटना 2 पायदान चढ़ा फोटो : स्कूल रीडिंग : नालंदा के स्कूल में पढ़ते विद्यार्थी। बिहारशरीफ, कार्यालय संवाददाता आशुतोष कुमार आर्य।

जिला प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक

जिला प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक (परफोर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स-डी) यानि स्कूल शिक्षा तंत्र के प्रदर्शन आंकने का सूचकांक। वर्ष 2024-25 की रिपोर्ट भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने 30 मई, तो बिहार सरकार ने इसे बुधवार (10 जून) को सार्वजनिक किया है। इसमें सूबे में शेखपुरा अव्वल, तो अररिया फिसड्डी रहा है। पटना आठवें से छठे, तो एक पायदान गिरकर नालंदा पहले से दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। कुल 10 ग्रेडों में से पहले चार में बिहार का कोई जिला स्थान नहीं बना पाया है। इसके पहले वर्ष 2023 में आयी रिपोर्ट के अनुसार 338 अंक के साथ नालंदा शीर्ष पर था, तो 2026 में 304 मार्क्स लाकर शेखपुरा अव्वल बना है। जबकि, गत परिणाम से 35 अंक कम लाकर भी पटना दो पायदान चढ़ा है। इस तरह, परिणाम यह संकेत दे रहा है कि बिहार के तमाम जिलों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की काफी गुंजाइश है।

कैसे हुई ग्रेडिंग

कैसे हुई ग्रेडिंग: छह मुख्य श्रेणियों यथा, परिणाम (290 अंक), प्रभावी कक्षा (90), बुनियादी ढांचे (51), स्कूल सुरक्षा (35), डिजिटल लर्निंग (50) और शासन प्रक्रियाएं (84 अंक) के 70 संकेतकों के कुल 600 अंकों के आधार पर मार्किंग की गयी है। इन महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर गहन जांच के बाद जिलों को 10 ग्रेड में बांटा गया। 90 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले को ग्रेड-वन यानि दक्ष, 81 से 90 ग्रेड-टू को उत्कर्ष, 71 से 80 ग्रेड-थ्री को अति उत्तम, 61 से 70 ग्रेड-फोर को उत्तम, 51 से 60 ग्रेड-फाइव, 41 से 50 सिक्स व 31 से 40 सेवेन को क्रमश: प्रचेष्टा-एक, दो व तीन तो ग्रेड-एट में 21 से 30 फीसदी अंक लाने वाले को आकांक्षी श्रेणी में रखा गया।

क्या है पीजीआई

क्या है पीजीआई : पीजीआई-डी एकमात्र राष्ट्रीय सर्वेक्षण रिपोर्ट है, जो स्कूल के प्रदर्शन के आधार पर जिलों को एकसमान पैमाने पर वर्गीकृत करता है। समग्र शिक्षा के तहत वार्षिक योजना बनाने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए इसे जरूरी माना गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें रैंकिंग नहीं, बल्कि ग्रेडिंग का उपयोग किया जाता है। इसमें शामिल देश के 782 जिले एक निरपेक्ष मानदंड के विरुद्ध प्रतिस्पर्धा करते हैं, न कि एक-दूसरे के विरुद्ध। इसका अंतिम लक्ष्य प्रत्येक जिले का एक साथ उच्चतम ग्रेड यानि दक्ष श्रेणी प्राप्त करना है।

अंक नहीं, सिर्फ पायदान बढ़े

अंक नहीं, सिर्फ पायदान बढ़े : पीजीआई-डी वर्ष 2020 से प्रकाशित किया जा रहा है। नालंदा को 2023 में 338, तो इस वर्ष महज 300 अंक मिले हैं। इसी तरह, शेखपुरा को गत वर्ष 305 की जगह इस बार 304, तो पटना को पिछले साल 312 की जगह 2026 में महज 277 अंक मिले हैं। किस ग्रेड में कौन जिले : ग्रेड-फाइव (प्रचेष्टा-एक) : शेखपुरा (304) व नालंदा (300)। ग्रेड-सिक्स (प्रचेष्टा-दो) : वैशाली (288), अरवल (282), बेगूसराय (280), पटना व मुंगेर (277), कैमूर (275), दरभंगा (273), भोजपुर व औरंगाबाद (272), जहानाबाद, खगड़िया व लखीसराय (271), मुजफ्फरपुर (270), नवादा व जमुई (268), रोहतास (267), समस्तीपुर (266), सीवान (265), गया (264), पश्चिम चंपारण व भागलपुर (262), बक्सर (256), बांका (254), मधेपुरा (252), शिवहर, सुपौल, व सहरसा (247), कटिहार (241), सारण (240)। ग्रेड-सिक्स (प्रचेष्टा-तीन) : पूर्वी चंपारण (239), पूर्णिया (230), किशनगंज (228), मधुबनी (227), सीतामढ़ी (226), गोपालगंज (224), अररिया (217)।

टॉप टेन जिलों में यूपी-बिहार के कोई जिले नहीं

टॉप टेन जिलों में यूपी-बिहार के कोई जिले नहीं : केरलम् के सभी 14 जिले उत्तम-दो में शामिल हैं। जबकि, पहली दो श्रेणियों में देश का कोई भी जिला शामिल नहीं है। वहीं, यूपी-बिहार का कोई भी जिला प्रचेष्टा-एक से ऊपर की ग्रेडिंग में नहीं है। बिहार-यूपी के जिलों के लिए संतोषप्रद तथ्य यह कि भले ही टॉप टेन जिलों में इनके कोई जिले नहीं हैं, लेकिन, फिसड्डी 10 जिलों में भी इन राज्यों का कोई जिला शामिल नहीं है। रैंक : जिला : राज्य : अंक : श्रेणी 1. दीव : दमन और दीव : 469 : उत्तम-2 2. कोल्हापुर : महाराष्ट्र : 463 : उत्तम-2 3. बरनाला : पंजाब : 461 : उत्तम-2 4. मुक्तसर : पंजाब : 456 : उत्तम-2 5. नवांशहर : पंजाब : 453 : उत्तम-2 6. एर्नाकुलम : केरलम् : 438 : उत्तम-2 7. होशियारपुर : पंजाब : 437 : उत्तम-2 8. संगरुर : पंजाब : 437 : उत्तम-2 9. चंडीगढ़ : केन्द्र शासित : 430 : उत्तम-2 10. नई दिल्ली : दिल्ली : 427 : उत्तम-2 अधिकारी बोले : पीजीआई-डी की नई रिपोर्ट में नालंदा एक पायदान गिरा है। इसमें सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाये जाएंगे। स्कूलों की गतिविधियों में बदलाव के साथ ही मॉनिटरिंग व्यवस्था बेहतर की जाएगी। आधारभूत संरचनाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कई कदम उठाये गये हैं। आने वाले समय में इनके और भी बेहतर परिणाम मिलेंगे। कुंदन कुमार, डीएम

सामान्य प्रश्न

परफोर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में शेखपुरा का स्थान क्या है?
परफोर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स के अनुसार शेखपुरा पहले स्थान पर है।
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