
जी राम जी: ग्रामसभा में ही तय होगी विकास कार्यों की रूपरेखा
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना का नाम बदलकर विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) रखा गया है। 24 से 26 दिसंबर तक गांवों में शिविर लगाकर लोगों को इस नये बिल की जानकारी दी जा रही है। इसमें बेरोजगारी भत्ता और काम के अधिकार को कानूनी रूप दिया गया है।
गांवों में शिविर लगाकर दी जा रही नये बिल की जानकारी 26 दिसंबर तक लोगों को जागरूक करने के लिए चलेगा अभियान फोटो : जी राम जी-बेरथू गांव में ग्राम शिविर में जी राम जी बिल की जानकारी देते कर्मी। बिहारशरीफ, निज प्रतिनिधि। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना का नाम अब विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) हो गया है। इसके उद्देश्य और कार्यों को जानकारी देने के लिए 24 से लेकर 26 दिसंबर तक गांवों में ग्राम शिविर का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। यह अभियान 26 तक चलेगा। अब ग्रामसभा में ही पंचायत में विकास कार्यों की रूपरेखा तय की जाएगी।
डीपीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि बुधवार को 15 जगहों पर शिविर लगाया गया। 26 तक सभी पंचायतों में शिविर आयोजित किये जाने का आदेश दिया गया है। इस योजना से अब मजदूरों को साल में 125 दिन काम मिलेगा। इससे मेहनतकश ग्रामीणों को अधिक काम और आय का अवसर मिलेगा। नये अधिनियम की बड़ी खासियत यह है कि अब काम मांगने पर रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता स्वत मिलेगा। पहले मनरेगा में कई शर्तों के कारण यह लगभग असंभव था। अब रोजगार का अधिकार वास्तव में कानूनी अधिकार बन गया है। मजदूरी भुगतान में देरी होती है, तो प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा मजदूरी के साथ दिया जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रमिकों को समय पर उनका हक मिलेगा। अब विकास कार्यों की योजना ग्रामसभा में ही तय होगी। कोई भी काम उपर से नहीं थोपा जाएगा। ग्राम पंचायत ग्रामीणों के सहयोग से विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार होगी। स्थानीय जरूरतों के अनुसार काम होंगे। मनरेगा के तहत चल रहे सभी कार्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। कोई भी काम नहीं रुकेगा।

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