
मिली मंजूरी, हरनौत के छतियाना में बनेगा पावर सब स्टेशन
हरनौत के छतियाना गांव में 20 एमवीए क्षमता का नया पावर सब स्टेशन बनेगा। यह बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। जमीन का सीमांकन अंतिम चरण में है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। नए पीएसएस से पूर्वी ग्रामीण इलाकों में बिजली की समस्या का समाधान होगा।
हिन्दुस्तान एक्सक्लूसिव : मिली मंजूरी, हरनौत के छतियाना में बनेगा पावर सब स्टेशन 20 एमवीए होगी क्षमता, प्रखंड मुख्यालय के पूरबी भाग के गांवों में निर्बाध मिलेगी बिजली जमीन के सीमांकन की प्रक्रिया अंतिम चरण में, जल्द शुरू होगा निर्माण काम मुख्य बातें : 20 एमवीए है नये पावर सब स्टेशन की क्षमता 10 एमवीए के दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाये गये हैं फोटो पीएसएस : चेरन का पावर सब स्टेशन, जहां से फिलहाल हरनौत के पूरबी हिस्से को मिलती है बिजली। बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। इंतजार खत्म हुआ। स्वीकृति मिल गयी है। एजेंसी का भी चयन हो चुका है। हरनौत प्रखंड का छठा पावर सब स्टेशन (पीएसएस) छतियाना गांव के पास बनेगा।
जमीन चिह्नित कर लिया गया है। जल्द सीमांकन की प्रक्रिया भी शुरू होगी। उसके बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। राहत यह कि नये पीएसएस से प्रखंड के पूर्वी भाग के ग्रामीण इलाकों को निर्बाध बिजली मिलेगी। छतियाना में बनने वाले पीएसएस की क्षमता 20 एमवीए होगी। 10 एमवीए के दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाये जाएंगे। निर्माण कार्य पर करीब 10 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। वर्तमान में पूरबी भाग के गांवों को चेरन पीएसएस से बिजली मिलती है। खासकर गर्मी के दिनों में बिजली की मांग अधिक होने पर निर्बाध आपूर्ति में समस्या आती है। इसके स्थायी समाधान के नये पीएसएस बनाने की मंजूरी दी गयी है। राहत यह भी कि छतियाना पीएसएस से बिजली की आपूर्ति बहाल हो जाएगी तो चेरन पीएसएस से लोड कम हो जाएगा। प्रखंड क्षेत्र में फिलहाल हरनौत, कल्याणबिगहा, चैनपुर, तेलमर और चेरन में पावर सब स्टेशन हैं। साथ ही चेरन में पावर ग्रिड सब स्टेशन भी है। देकपुरा, सोसंदी व रतनपुरा में काम शुरू: ग्रामीण इलाकों में बिना रुकावट बिजली बहाल रखने के लिए रहुई के देकपुरा और सोसंदी तथा नूरसराय के रतनपुरा में पावर सब स्टेशन बनाये जा रहे हैं। तीनों स्थानों पर काम शुरू कर दिया गया है। सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो मई-जून तक बन रहे नये पीएसएस से बिजली की आपूर्ति भी शुरू हो जाएगी। नयी पहल से नूरसराय के साथ ही रहुई इलाके में बिजली की आपूर्ति सहज रूप से हो सकेगी। रिंग सिस्टम से जुड़ेंगे पीएसएस खास यह भी कि बन रहे पीएसएस रिंग सिस्टम से जुड़ेंगे। इन्हें दो स्रोतों से बिजली मिल सकेगी। नालंदा ग्रिड से करण बिगहा पीएसएस को रिंग सिस्टम से जोड़ने के लिए 18 किलोमीटर सर्किट लाइन बिछाने का काम अंतिम चरण में है। जबकि, धमौली से नूरसराय पीएसएस को नयी लाइन से जोड़े का काम लगभग पूरा हो चुका है। सिर्फ ब्रेकर लगना बाकी है। इसके बाद नूरसराय को धमौली के साथ ही बिहारशरीफ बड़ी पहाड़ी ग्रिड से भी बिजली मुहैया होने लगेगी। कहते हैं अधिकारी छतियाना में पावर सब स्टेशन बनाने की स्वीकृति दे दी गयी है। जल्द ही चिह्नित जमीन का सीमांकन कराकर निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास चल रहा है। नये पीएसएस बनेंगे तो हरनौत के पूरबी भाग के ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति बहाल रखने में काफी सहूलियत होगी। रूपक कुमार, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, बिहारशरीफ ग्रामीण बॉक्स : थरथरी के करियावां में भी पीएसएस बनाने की पहल बिहारशरीफ। थरथरी के करियावां में नया पीएसएस बनाने की पहल की जा रही है। इसके लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। वर्तमान में थरथरी प्रखंड में सिर्फ एक पीएसएस है, इसी से यहां के ग्रामीण इलाकों में बिजली मिलती है। मांग बढ़ने पर निर्बाध बिजली बहाल रखने में कठिनाई आती है।

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