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जिला में 306 बीसीए समेत 560 मिनी बैंक ग्रामीणों को दे रहे सेवा

जिला में 306 बीसीए समेत 560 मिनी बैंक ग्रामीणों को दे रहे सेवाजिला में 306 बीसीए समेत 560 मिनी बैंक ग्रामीणों को दे रहे सेवाजिला में 306 बीसीए समेत 560 मिनी बैंक ग्रामीणों को दे रहे सेवाजिला में 306...

जिला में 306 बीसीए समेत 560 मिनी बैंक ग्रामीणों को दे रहे सेवा
हिन्दुस्तान टीम,बिहारशरीफThu, 13 Jun 2024 10:30 PM
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जिला में 306 बीसीए समेत 560 मिनी बैंक ग्रामीणों को दे रहे सेवा
लोन छोड़कर अन्य सभी काम करने में ये मिनी बैंक पूरी तरह से सक्षम

पंचायत मुख्यालय के बाद अब गांवों में भी मिलने लगी बैंकिंग सेवाएं

बैंकिंग सेवाएं देने के लिए चल रही 223 बैंक शाखाएं व 161 एटीएम

गांवों में मिनी बैंक खोल युवा करें कमाई

फोटो :

आईएमए बैंक : बिहारशरीफ आईएमए सभागार में बीसीए संचालकों को बैंकिंग सेवाओं की जानकारी देते दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रिय प्रबंधक अमरनाथ चौधरी व अन्य।

बिहारशरीफ, निज संवाददाता।

ऑनलाइन का प्रचलन तेजी से बढ़ता जा रहा है। अब गांवों में भी हजारों लोग इस सेवा से जुड़ चुके हैं। ऑनलाइन मार्केटिंग में बैंकों का बहुत बड़ा योगदान है। पहले गांव के लोग इससे कोसों दूर थे। अब बैंकों की मुख्य शाखा के अलावा जिला में 306 व्यवसाय संवाददाता अभिकर्ता (बिजनेस क्रॉसपोंडेंस एजेंट-बीसीए) समेत 560 मिनी बैंक ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएं दे रहे हैं। इन मिनी बैंकों में लोन छोड़कर अन्य सभी काम किए जा रहे हैं। खाता खोलने से लेकर जमा निकासी, केवाईसी, जन-धन-खाता व अन्य सेवाएं देने में ये मिनी बैंक पूरी तरह से सक्षम हैं।

कुछ समय पहले तक ये पंचायत मुख्यालय तक ही सेवा देने में सक्षम थे। अब गांवों में भी ये बैंक खुल चुके हैं। बड़े गांवों में तो दो से तीन मिनी बैंक तक काम कर रहे हैं। इसके अलावा जिला में विभिन्न बैंकों की 223 शाखाएं और 161 एटीएम भी चल रही हैं। हालांकि, डिजिटल लेन-देन बढ़ने के कारण अब एटीएम के आगे पहले की तरह लाइन नहीं दिखती है। गांवों में इस तरह के बैंक खुलने का असर भी शहरों के बड़े बैंकों व एटीएम पर पड़ा है। गांवों में इस तरह का मिनी बैंक खोलकर युवा अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं।

समय-समय पर इन मिनी बैंक संचालकों को प्रशिक्षण देकर नई योजनाओं व सेवाओं की भी जानकारी दी जाती है। हाल ही में बिहारशरीफ आईएमए सभागार में जिलेभर के सभी बीसीए संचालकों को बैंकिंग सेवाओं की जानकारी दी गयी थी।

दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रिय प्रबंधक अमरनाथ चौधरी ने बताया कि बैंक गांव का हो या शहर का फ्रॉड की संभावना हर जगह बनी रहती है। बैंक की तरफ से लोगों के बीच शिविर लगाकर वित्तीय साक्षर बनाया जा रहा है। यह शिविर लगातार गांवों में लगायी जाती है। कुछ जानकारियां ग्राहकों को होनी ही चाहिए। फोन के माध्यम से बैंक कभी भी ग्राहकों की निजी या खाता से संबंधित जानकारी नहीं ली जाती है। इस तरह के कॉल मिले, तो उसे तुरंत बंद कर दें। आवश्यक या शक होने पर तुरंत अपने मुख्य बैंक शाखा से संपर्क करें।

लेन-देन में बरतें पूरी सावधानी :

पीडीआर अधिकारी रविकांत गुप्ता बताते हैं कि लेन-देन करते वक्त हमेशा ग्राहक सतर्कता बरतें। मिनी बैंकों से भी पैसा निकालते समय अंगूठा लगाने के बाद संचालक से पर्ची (रसीद) अवश्य मांगें। अगर अंगूठा लगाने के बाद किसी तरह की जमा निकासी नहीं हुई हो, तो भी संचालक से पर्ची लें। हर एक गतिविधि पर पर्ची निकलती है। आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर ही खाता से जुड़ावाएं। खाता में जमा राशि, ओटीपी, एटीएम पीन, गूगल पे, पे-फोन पीन या इस तरह की कोई भी जानकारी किसी अन्य के साथ शेयर न करें। मिनी बैंक में एक दिन में ग्राहक 25 हजार रुपए तक की जमा व 10 हजार तक की निकासी करा सकते हैं। इससे अधिक की जमा निकासी करने के लिए ग्राहकों को एक दिन पहले संचालक को सूचना देनी होगी। इसके बाद वे वहां से पैसे की जमा-निकासी करा सकेंगे। धोखाधड़ी से बचने के लिए एसएमएस अलर्ट भी करवा लें। यह आपके लिए काफी मददगार साबित होगा।

मिनी बैंक पर बढ़ रही जवाबदेही :

एलडीएम श्रीकांत सिंह ने बताया कि पंचायतों या गांवों में फिलहाल नई बैंकिंग शाखाएं खोलने की कोई योजना नहीं है। मिनी बैंक के माध्यम से वहां बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने पर पूरा फोकस है। कई पंचायत सरकार भवनों में वहां के मिनी बैंक संचालकों द्वारा इस तरह की सेवा दी जा रही है। अब लोग डिजिटल लेन-देन करने लगे हैं। यह काफी हद तक सुरक्षित भी है। बदलते दौर में मिनी बैंकों की भूमिका काफी बढ़ने वाली है। इसके साथ ही उनकी जवाबदेही भी बढ़ती जा रही है। ग्राहक व संचालक दोनों को ही लेन-देन में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। ताकि, बैंकों के प्रति लोगों की विश्वसनियता बनी रहे। युवक अपने गांवों में इस तरह के मिनी बैंक खोलकर जहां ग्रामीणों व किसानों की सेवा कर सकेंगे, वहीं उनके लिए आमदनी का यह बेहतर विकल्प भी साबित होगा।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।