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41 रुपए हर रोजेदार को देना होगा सदका-ए-फित्र

41 रुपए हर रोजेदार को देना होगा सदका-ए-फित्र41 रुपए हर रोजेदार को देना होगा सदका-ए-फित्र41 रुपए हर रोजेदार को देना होगा सदका-ए-फित्र41 रुपए हर रोजेदार को देना होगा सदका-ए-फित्र41 रुपए हर रोजेदार को...

41 रुपए हर रोजेदार को देना होगा सदका-ए-फित्र
हिन्दुस्तान टीम,बिहारशरीफSun, 18 Apr 2021 09:33 PM
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41 रुपए हर रोजेदार को देना होगा सदका-ए-फित्र

इमारत-ए-शरिया के स्थानीय काजी ने किया ऐलान

रोजे में हुई कमी-बेसी सदका से होता है दूर

बिहारशरीफ। हिन्दुस्तान संवाददाता

इस बार हर आदमी पर 41 रुपया सदका-ए-फितर तय किया गया है। बाजार में गेहूं व चावल की कीमत के हिसाब से ये कीमत तय की गई है। इमारत-ए-शरिया के स्थानीय काजी मौलाना मंसूर आलम कासमी ने बताया कि रोजे के दौरान रोजेदार से जो भी कमी या ज्यादती हो जाती है, सदका के जरिए अल्लाह तआला उसे दूर कर देते हैं।

उन्होंने बताया कि फितरा भी एक तरह का दान है, जो सिर्फ ईद से पहले गरीबों को पैसा या अनाज के तौर पर देना होता है। उसका मकसद सिर्फ इतना है कि मजबूरी की हालत में ईद के दिन भी किसी को भीख ना मांगना पड़े। अगर कोई व्यक्ति नकद पैसा न देकर अनाज देना चाहें तो उन्हें एक किलो 633 ग्राम गेहूं या उसके बराबर कीमत ईद की नमाज से पहले अदा करना होगा।

उन्होंने बताया कि ऐसे तो फितरा के लिए गेंहू, किशमिश या जौ दे सकते हैं। लेकिन वक्त के साथ अनाज के बदले पैसे देने का चलन आ गया है। आसान शब्दों में समझें तो एक शख्स को एक किलो 633 ग्राम गेहूं या उसके बराबर कीमत ईद की नमाज से पहले अदा करना होगा। फितरे की रकम भी गरीब, विध्वा, यतीम और जरूरतमंदों को दी जाती है। इस सबके पीछे सोच यही है कि ईद के दिन कोई खाली हाथ न रहे, क्योंकि यह खुशी का दिन है और खुशी मनाने में कोई किसी से पीछे न रहे।

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