Video: बिहार के लाल ने किया कमाल, 188 दिन, 15,000 KM; साइकिल से चारधाम-12 ज्योतिर्लिंग यात्रा की पूरी
Bihar News Today: नालंदा के बिक्कु कुमार ने युवाओं को नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए 188 दिनों में 15 हजार किलोमीटर साइकिल चलाकर चारधाम और 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा पूरी की
Bihar News Today: बिहार के नालंदा जिले के एक युवा ने अपने मजबूत इरादों और साहस से पूरे इलाके में एक नई प्रेरणा जगा दी है। परवलपुर प्रखंड की मई पंचायत के अस्तुपुर गांव निवासी बिक्कु कुमार ने महज 188 दिनों में 15 हजार किलोमीटर की दुर्गम साइकिल यात्रा पूरी कर एक ऐतिहासिक मिसाल कायम की है। इस चुनौतीपूर्ण यात्रा के दौरान उन्होंने चारधाम और देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए। जब बिक्कु अपने इस कठिन संकल्प को पूरा कर पैतृक गांव लौटे, तो स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और 'भारत माता की जय' के नारों के साथ इस साहसी युवा का भव्य स्वागत किया।
दुर्गम रास्तों और खराब मौसम को दी मात
बिक्कु कुमार की यह साइकिल यात्रा बिल्कुल भी आसान नहीं थी। 188 दिनों के इस लंबे सफर में उन्हें सैकड़ों किलोमीटर की कठिन पहाड़ी चढ़ाई, खराब मौसम और खतरनाक रास्तों का सामना करना पड़ा। यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे दुर्गम चारधाम के साथ-साथ 12 ज्योतिर्लिंगों तक साइकिल से पहुंचना धैर्य, अनुशासन की सबसे बड़ी परीक्षा थी। बिक्कु ने बताया कि रास्ते में कई बार भारी बारिश और परेशानियां सामने आईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इस दौरान देश भर में जगह-जगह लोगों ने भोजन और पानी की व्यवस्था कर उनका भरपूर उत्साह बढ़ाया।
नशामुक्ति, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
बिक्कु ने स्पष्ट किया कि उनकी इस 15 हजार किलोमीटर लंबी यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक दर्शन तक सीमित नहीं था। उनका मुख्य मकसद आज की भटकी हुई युवा पीढ़ी को नशामुक्त जीवन, योग, शारीरिक फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। उन्होंने कहा कि आज का युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में जा रहा है। ऐसे में साइकिल यात्रा के जरिए उन्होंने संदेश दिया कि अच्छी सोच और फिटनेस ही जीवन का आधार है। साथ ही, साइकिल का उपयोग कर उन्होंने पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखने की भी मजबूत अपील की।
कदम से कदम मिलाकर चले दो अन्य साथी
बिक्कु के इस साहसिक और सामाजिक जागरूकता अभियान में उनके साथ दो अन्य साथी भी मजबूती से डटे रहे। इनमें तेलंगाना के महबूबनगर निवासी विक्रम कुमार और मुजफ्फरपुर जिले के साहिबगंज निवासी दीपक कुमार गुप्ता शामिल थे। इन युवाओं ने यह साबित कर दिया कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।


