Bihar Weather: बिहार में चार दिनों तक गर्मी का टॉर्चर, मानसून कमजोर होने से कम बरसेंगे बदरा; मौसम का हाल

Nishant Nandan हिन्दुस्तान प्रतिनिधि, पटना
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Bihar Weather: बता दें कि मानसून भारत की समस्त अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है। बारिश कम होने से कृषि उत्पादन प्रभावित होगा। नदियों, जलाशयों में पानी की कमी बिजली उत्पादन को प्रभावित करती है। गर्मी अधिक होती है जिससे बिजली की मांग बढ़ जाती है।

Bihar Weather: बिहार में चार दिनों तक गर्मी का टॉर्चर, मानसून कमजोर होने से कम बरसेंगे बदरा; मौसम का हाल

Bihar Weather: अगले तीन-चार दिनों में पटना समेत बिहार के अनेक भागों में दिन और रात में गर्मी सताएगी। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान अधिकतम तापमान में 2-4° डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी होने के आसार हैं। दो दिनों के दौरान पटना समेत सारण, सीवान, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, कैमूर, सासाराम, भोजपुर, बक्सर, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, गया, लखीसराय, शेखपुरा, जमुई, बांका, भागलपुर और मुंगेर में दिन का तापमान 36 से 40 डिग्री, जबकि अन्य जिलों में 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

इस बीच राज्य के अधिकतर भागों में साफ आसमान साफ रहेग। साथ ही 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का पूर्वानुमान है। सोमवार को राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान डेहरी रोहतास में 39. 2 डिग्री जबकि सर्वाधिक न्यूनतम तापमान वाल्मीकिनगर में 18.4 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य का मौसम शुष्क बना रहा।

मानसून आगमन की तिथि

केरल में मानसून का आगमन की सामान्य तिथि 1 जून है। बिहार में 10 से 15 जून के बीच आगमन होता है। इस बार बिहार में मानसून कब पहुंचेगा, इसका पूर्वानुमान मई के दूसरे या तीसरे सप्ताह में किया जाएगा। इस बार जून-सितंबर के दौरान मानसूनी बारिश बिहार समेत देशभर में सामान्य से आठ फीसदी कम यानी 92 फीसदी होने की आशंका है। इस अवधि में अल नीनो की भी आशंका है।

आईएमडी के महानिदेशक डॉ. एम. महापात्र ने सोमवार को मानसून का दीर्घावधि पूर्वानुमान जारी किया। सामान्य तौर पर जून-सितंबर के बीच कुल 870 मिलीमीटर औसत बारिश होती है, पर इस बार 800 मिलीमीटर ही बारिश होगी। पिछले छह सालों के दौरान लगातार सामान्य या सामान्य से अच्छा मानसून रहा है। इससे कृषि उत्पादन सुधरा है तथा भूजल स्तर भी बढ़ा है। बता दें कि केरल में मानसून का आगमन की सामान्य तिथि एक जून है।

बता दें कि मानसून भारत की समस्त अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है। बारिश कम होने से कृषि उत्पादन प्रभावित होगा। नदियों, जलाशयों में पानी की कमी बिजली उत्पादन को प्रभावित करती है। गर्मी अधिक होती है जिससे बिजली की मांग बढ़ जाती है।

भविष्यवाणी कितनी सटीक होगी, ऐसे समझें

सूखा पड़ने की संभावना यानी बारिश सामान्य से 90 फीसदी या इससे कम रहने की संभावना 35 फीसदी है। सामान्य से कम यानी 90-95 फीसदी रहने की संभावना 31 फीसदी है। सामान्य यानी 96-104 फीसदी रहने की संभावना 27 फीसदी है। सामान्य से अधिक यानी 105-110 फीसदी रहने की संभावना महज 6 फीसदी है। अत्यधिक यानी 110 फीसदी से ज्यादा बारिश की संभावना महज एक फीसदी है।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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