बिहार के सभी निजी स्कूल बस चालकों का होगा सत्यापन, फिटनेस की भी जांच
बसों में कौन ड्राइवर है, ड्राइवर के पास लाइसेंस है कि नहीं, फिटनेस वाला बस है कि नहीं। इन तमाम बिंदुओं पर आये दिन लापरवाही होती है। दुर्घटना होने के बाद स्कूल की पोल भी खुलती है। ऐसे में अब परिवहन विभाग जांच में गलत पाये जाने पर कार्रवाई करेगी।

बिहार के सभी निजी स्कूली बसें और चालकों का सत्यापन होगा। इस बाबत निर्देश जारी किया गया है। बस के साथ ही चालक के फिटनेस की जांच भी होगी। बस कितनी पुरानी है। प्रदूषण सर्टिफिकेट है कि नहीं। चालक को किसी तरह की शारीरिक दिक्कत तो नहीं है। इन तमाम बिंदुओं पर जांच की जानी है। इसके लिए परिवहन विभाग ने सभी जिला परिवहन कार्यालय को त्वरित कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
15 जनवरी तक सभी जिला परिवहन कार्यालयों को स्कूली बस और चालकों का सत्यापन का काम कर देना है। पटना जिला परिवहन कार्यालय के डीटीओ उपेंद्र कुमार पाल ने बताया कि जिले के सभी निजी स्कूलों को इसकी सूचना एक दो दिनों में भेजी जाएगी। जिस भी निजी स्कूल की बसें चलती हैं, उनके ड्राइवर के तमाम कागजात की जांच होगी। जांच में गलत पाये जाने पर बस चालक पर कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए सभी स्कूलों से बसों की सूची मांगी गयी है। इसके साथ ही बस चालक की पूरी जानकारी मांगी जाएगी।
बच्चों के लाने-ले जाने जिम्मेवारी स्कूल प्रशासन की
अगर किसी स्कूल में दो हजार या उससे अधिक बच्चे हैं तो ऐसे में स्कूल की जिम्मेवारी है कि वो बच्चे को घर से लाये और घर तक छोड़ें।
मोटर यान अधिनियम 2019 में संशोधन किया गया
स्कूलों को इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए मोटर यान अधिनियम 2019 में संशोधन किया गया है। ऐसे में तमाम स्कूलों को अपने स्तर पर इस जिम्मेवारी को निभाना है। लेकिन ज्यादातर स्कूलों के पास निजी ठेके पर बस का परिचालन किया जाता है। अब इन बसों में कौन ड्राइवर है, ड्राइवर के पास लाइसेंस है कि नहीं, फिटनेस वाला बस है कि नहीं। इन तमाम बिंदुओं पर आये दिन लापरवाही होती है। दुर्घटना होने के बाद स्कूल की पोल भी खुलती है। ऐसे में अब परिवहन विभाग जांच में गलत पाये जाने पर कार्रवाई करेगी।



