
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का नियम बदला, एजुकेशन लोन की नई शर्तें लागू; बिचौलियों पर शिकंजा
आवेदन के साथ नामांकन प्राप्ति रसीद जिसमें एडमिशन नंबर, विषय, सत्र, आवेदक का नाम और उनके पिता का नाम आदि का सुस्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। आवेदक को लिखित देना होगा कि नियमानुसार वापस किया जाएगा।
बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत शिक्षा ऋण के लिए अब आवेदक छात्र-छात्राओं को हस्तलिखित घोषणा पत्र देना होगा। इसमें स्पष्ट रूप से यह लिखा होगा कि यह शिक्षा ऋण है, जो आवेदक या उनके सह आवेदक द्वारा नियमानुसार वापस किया जाएगा। शिक्षा ऋण लेने के लिए आवेदन में गड़बड़ी की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने इस तरह का प्रावधान किया है।
शिक्षा विभाग के बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के नोडल पदाधिकारी विनायक मिश्र ने इससे संबंधित पत्र गुरुवार को सभी जिला पदाधिकारियों को भेजा है। यह भी प्रावधान किया गया है कि आवेदन के साथ नामांकन प्राप्ति रसीद जिसमें एडमिशन नंबर, विषय, सत्र, आवेदक का नाम और उनके पिता का नाम आदि का सुस्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। साथ ही जहां नामांकन लिया है वहां की विश्वविद्यालय रजिस्ट्रेशन रसीद जिला निबंधन सह परामर्श केंद्रों पर आवेदन सत्यापन के समय या करार करवाने तक उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। जिलाधिकारियों से कहा गया है कि नये प्रावधानों को जिला निबंधन सह परामर्श केंद्रों के अधिकारियों एवं कर्मियों को अनुपालन करने का निर्देश अपने स्तर से दें।
शिक्षा विभाग ने समीक्षा में पायी थी गड़बड़ी
सत्र 2025-26 में जिला निबंधन सह परामर्श केंद्रों पर प्राप्त अत्यधिक आवेदनों की समीक्षा में मिली जानकारी के बाद यह बदलाव किया गया है। समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि शिक्षण संस्थानों के कर्मियों या उनके प्रतिनिधियों द्वारा अधिकांश छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के नाम पर बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत आवेदन करवाये गए हैं।
विभागीय वेबसाइट से समीक्षोपरांत इसकी पुष्टि के लिए जिला स्तर पर समिति बना कर जांच की जा रही है। इसमें बिचौलियों के शामिल होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में जरूरतमंद छात्र-छात्राओं के स्थान पर अगंभीर छात्र-छात्राओं की अत्याधिकता एक गंभीर समस्या हो सकती है। कई शिक्षण संस्थानों में निर्धारित सीटों से अधिक पर नामांकन लेकर शिक्षा ऋण के लिए आवेदन किए गये हैं।

लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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