
क्यों भड़के बिहार स्पीकर प्रेम कुमार? अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी, मंत्री विजय चौधरी ने मैनेज किया
स्पीकर ने कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। साथ ही यह निर्देश दिया कि विधानसभा की समितियों की बैठक में भी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव स्तर के पदाधिकारी अनिवार्य रूप से शामिल हों।
बिहार विधानसभा के बजट सत्र को लेकर बुलायी गयी बैठक से वरीय अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने नाराजगी जतायी। कड़े लहजे में भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी भी दी। कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। साथ ही यह निर्देश दिया कि विधानसभा की समितियों की बैठक में भी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव स्तर के पदाधिकारी अनिवार्य रूप से शामिल हों। बिहार विधानसभा का बजट सत्र 2 फरवरी से शुरू हो रहा है। 3 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा।
संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने आश्वस्त किया कि सरकार विधानमंडल के प्रति अपनी जिम्मेवारी के निर्वहन के प्रति सदा मुस्तैद है। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा प्रतिनियुक्त नोडल पदाधिकारियों को भी गंभीर रहने का निर्देश दिया। आगे से पदाधिकारी इस बात पर और अधिक सजग रहेंगे। जो पदाधिकारी किसी कारण बैठक में शामिल नहीं हो पाए थे, उनके द्वारा संबंधित विभाग के वरीय पदाधिकारी को बैठक में उपस्थित रहने के लिए प्राधिकृत किया गया था। श्री चौधरी ने कहा कि आगे से यह सुनिश्चित करें कि किसी विशेष परिस्थिति को छोड़कर इस तरह की महत्वपूर्ण बैठक में स्वयं उपस्थित रहेंगे।
साथ ही, विधानसभा की समितियों की बैठक में भी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव स्तर के पदाधिकारी स्वयं उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे। इसके पहले विधान मंडल के बजट सत्र के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था, चिकित्सा, सफाई, पार्किंग सहित अन्य सभी व्यवस्था सुचारू रूप से करने के उद्देश्य से विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में बैठक हुई। अध्यक्ष ने कहा कि यह लंबा सत्र है। इसमें 19 बैठक होनी हैं।
राज्यपाल के अभिभाषण सहित प्रश्न, वित्तीय कार्य, गैर सरकारी संकल्प सहित अन्य विधायी कार्य होंगे। सदस्यों द्वारा जनहित के कार्यों के लिए जो आवेदन दिए जाते हैं, उसका त्वरित निष्पादन करें। विधानसभा में लंबित आश्वासनों, निवेदनों, याचिकाओं, ध्यानाकर्षण आदि पर चिंता जाहिर की। कहा, इनका जल्द निष्पादन हो। बैठक में विधान परिषद् के सभापति अवधेश नारायण सिंह, विस उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी, डीजीपी विनय कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (विशेष) कुंदन कृष्णन, पटना डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम व नगर आयुक्त यशपाल मीणा उपस्थित थे।





