
कोहरे में लिपटा पूरा बिहार, दोपहर तक नहीं निकली धूप; पटना से पूर्णिया तक हाहाकार
बिहार में शुक्रवार को लगभग सभी जिलों में घने कोहरे का असर देखा गया। दोपहर तक कहीं धूप नजर नहीं आई। इससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। विजिबिलिटी कम होने से ट्रेनें लेट हैं, सड़क पर गाड़ियां चलाने में दिक्कत हो रही है।
ठंड के प्रकोप के बीच पूरा बिहार शुक्रवार को कोहरे की चादर में लिपट गया। दोपहर तक किसी भी जिले में धूप नहीं निकली। पटना से लेकर गयाजी, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, मुंगेर, छपरा और पूर्णिया तक सभी जगहों पर कोहरे की चादर आसमान में छाई रही। इससे शहरों से लेकर गांवों तक लोगों को कनकनी का अहसास हुआ। कोहरे की वजह से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली समेत अन्य शहरों से बिहार आने वालीं कई ट्रेनें देरी से आ रही हैं। इससे हर जगह हाहाकार की स्थिति है।
पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 23 दिसंबर तक बिहार में घना कोहरे का असर बना रहेगा। इसका प्रभाव रेल, सड़क और हवाई यातायात पर भी पड़ेगा। सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है। विभाग ने यह भी कहा है कि ठंड में और बढ़ोतरी होगी। कोहरे के कारण धूप नहीं निकलने से दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी।
बीते 24 घंटों में बिहार का मौसम पूरी तरह शुष्क रहा, लेकिन धूप नहीं निकलने से तापमान में तेज गिरावट आई है। पटना में अधिकतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। औरंगाबाद और गया में अधिकतम तापमान में करीब 7 डिग्री, नालंदा में 6 डिग्री और वैशाली में 6.2 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को पटना, समस्तीपुर, नालंदा, बेगूसराय, सहरसा, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, आरा, बक्सर, औरंगाबाद समेत 33 जिलों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की।
ठंड से विद्युत सप्लाई प्रभावित, बिजली गुल से परेशान लोग
मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। ठंड बढ़ने के साथ ही विद्युत आपूर्ति भी चरमराने लगी है। जगह-जगह तार टूटने, ट्रांसफार्मर ट्रिप करने और बार-बार बिजली गुल होने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण इलाकों में स्थिति अधिक गंभीर बनी हुई है।
जानकारों के मुताबिक, ठंड में तापमान गिरने से बिजली के तार सिकुड़ जाते हैं। पुराने और जर्जर तारों पर अचानक दबाव बढ़ने से वे टूटकर गिर रहे हैं, जिससे न केवल आपूर्ति बाधित हो रही है बल्कि हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। कोहरे और नमी के कारण इंसुलेटर गीले हो जाते हैं, जिससे फ्लैशओवर और फ्यूज उड़ने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)





