बिहार के शूटरों का ऋषिकेश में एनकाउंटर, सीतामढ़ी पुलिस के इनपुट पर चलीं ताबड़तोड़ गोलियां; 2 दबोचे गए
Bihar Police In News: सीतामढ़ी पुलिस के इनपुट पर उत्तराखंड के ऋषिकेश में हुई मुठभेड़ में सीएसपी संचालक सुंदर के हत्यारे अनवारूल हक और आमिर को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया गया है।

Bihar Police In News: बिहार की सीतामढ़ी पुलिस को अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सीतामढ़ी के नानपुर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित सीएसपी (CSP) संचालक हत्याकांड के फरार शातिर बदमाशों को पुलिस ने उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक लाइव एनकाउंटर के बाद दबोच लिया है। यह पूरी कामयाबी सीतामढ़ी पुलिस की सटीक खुफिया जानकारी और तकनीकी सर्विलांस की वजह से मिली है। ऋषिकेश में जब पुलिस टीम ने इन बदमाशों को घेरने की कोशिश की, तो उन्होंने पुलिस पर ही सीधे फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों खूंखार बदमाशों के पैर में गोली मारकर उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।
17 मई को सीएसपी संचालक सुंदर की गोली मारकर की गई थी हत्या
मिली जानकारी के अनुसार, नानपुर थाना क्षेत्र के रुन्नीसैदपुर स्टेट हाईवे पर बीते 17 मई की रात को बदमाशों ने सीएसपी बंद कर घर लौट रहे संचालक सुंदर की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के बाद से ही पूरे इलाके के ग्रामीणों ने सड़क जाम कर भारी बवाल और प्रदर्शन किया था। पुलिस जांच में वसीम, अनवारूल हक और आमिर की संलिप्तता सामने आई थी। हत्याकांड के बाद वसीम अख्तर को तो पहले ही दबोच लिया गया था, लेकिन अनवारूल हक उर्फ अनवर और आमिर फरार होकर ऋषिकेश में छिपे हुए थे। रविवार की रात जब पुलिस दून मार्ग स्थित इंद्रमणि बडोनी चौक पर चेकिंग कर रही थी, तभी बाइक सवार इन दोनों नकाबपोशों ने बैरिकेडिंग तोड़कर भागने का दुस्साहस किया।
दोनों तरफ से हुईं 15 राउंड फायरिंग
जब पुलिस टीम ने भाग रहे बदमाशों का पीछा किया, तो अपराधियों ने पुलिस की गाड़ी पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं, जिससे एक गोली पुलिस के वाहन पर भी जा लगी। ऋषिकेश के कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि इस मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने 7 राउंड और पुलिस टीम ने आत्मरक्षार्थ 8 राउंड सहित कुल 15 राउंड फायरिंग की। अंत में पुलिस की गोली दोनों बदमाशों के पैर में लगी और वे जमीन पर गिर पड़े। सीतामढ़ी के एसपी अमित रंजन ने बताया कि बिहार पुलिस की टीम लगातार तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर उत्तराखंड पुलिस के संपर्क में थी और पल-पल का इनपुट दे रही थी। इसी सटीक तालमेल के कारण दोनों हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया गया है।


