
बिहार में राजस्व कर्मियों के ट्रांसफर पर रोक, एक महीने तक कोई सस्पेंड भी नहीं होगा
बिहार के राजस्व कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लग गई है। राज्य में चल रहे राजस्व महाभियान के दौरान किसी भी कर्मचारी को सस्पेंड नहीं किया जाएगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
बिहार में राजस्व कर्मियों के ट्रांसफर पर रोक लग गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अगले एक महीने तक कर्मियों पर किसी तरह का ऐक्शन भी नहीं लेगा। राज्य में चल रहे राजस्व महा–अभियान को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस अवधि में किसी भी कर्मचारी को सस्पेंड नहीं किया जाएगा। इस संबंध में विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त एवं जिलों के डीएम (जिलाधिकारी) को पत्र भेजा है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व कर्मचारियों के तबादले और अनुशासनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई है। अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि हाल में जिन राजस्व कर्मियों का एक अंचल से दूसरे अंचल में ट्रांसफर हुआ है, उन्हें अभी उनके पुराने हलके में ही प्रतिनियुक्त किया जाए। नए हलके से परिचित न होने के कारण जमाबंदी वितरण और शिविर में आवेदन लेने में कठिनाई और देरी हो रही है। इस वजह से यह निर्णय लिया गया है।
पत्र में कहा गया है कि राजस्व महाभियान की सफलता में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए 20 सितंबर तक कोई भी निलंबन या अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की जाएगी, जब तक कि परिस्थिति अपरिहार्य न हो। विभाग का मानना है कि इस दौरान की गई कार्रवाई से नकारात्मक तत्व सक्रिय हो सकते हैं। इससे अभियान की गति धीमी हो सकती है।
20 सितंबर तक चलेगा राजस्व महाभियान
बिहार में जमीन के कागजात में सुधारों को लेकर सरकार ने 16 अगस्त से राजस्व महाभियान की शुरुआत की। यह अभियान आगामी 20 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान राज्य में गांव-टोलों तक शिविर लगाए जा रहे हैं। जिन रैयतों के जमीन के दस्तावेजों में किसी तरह की गड़बड़ी है, वे इन शिविरों में जाकर सुधार करवा सकते हैं। जमीन के खाता, खेसरा, रकबा आदि को सही करवाया जा सकता है।
साथ ही जिन लोगों की जमीन की जमाबंदी ऑनलाइन नहीं हुई है, वे भी डिजिटाइज्ड करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस अभियान के लिए विभाग द्वारा व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार भी किया गया है।



