
Bihar Results Left Parties Seats: लेफ्ट पार्टियों को झटका, केवल 3 सीटों से करना पड़ा संतोष
Bihar Results Left Parties Seats: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में लेफ्ट पार्टियों को तगड़ा झटका लगा है। माले केवल 2 सीटें जीत पाई। सीपीआई का खाता नहीं खुला और सीपीएम के 1 उम्मीदवार ने विजय पताखा फहराया।
Bihar Result Left Parties Seats: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में लेफ्ट पार्टियों को बड़ा झटका लगा है। माले के केवल 2 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। CPI (M) का एक कैंडिडेट जीत हासिल कर पाया। सीपीआई तो अपना खाता भी नहीं खोल पाई। बिहार चुनाव में महागठबंधन के घटक दलों में वामपंथी पार्टियां प्रमुख भूमिका में थीं। हालांकि, इनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। महागठबंधन में शामिल वाम दलों में मुख्य रूप से भाकपा (माले-लिबरेशन), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) शामिल हैं। माले ने इस चुनाव में 20 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और पार्टी ने अपने सभी 12 मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट दिया था।

लेफ्ट पार्टियों का प्रदर्शन कुछ ऐसा रहा-
रात 8:55 बजे- पालीगंज और काराकाट से माले के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। CPI(M) के कैंडिडेट ने विभूतिपुर से जीत का परचम लहराया है। इस तरह लेफ्ट पार्टियां इस बार 3 सीटों पर सिमटकर रह गई हैं।
शाम 7:40 बजे- चुनाव आयोग के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर वोटों की गिनती अभी जारी है। इस बार लेफ्ट पार्टियों के हाथ निराशा लगी है। वामपंथी दल केवल तीन सीटों पर जीत दर्ज करते दिख रहे हैं।
शाम 6:00 बजे- पालीगंज विधानसभा सीट से माले के उम्मीदवार संदीप सौरव जीत गए हैं। उन्होंने 6655 वोटों के अंतर से जीत अपने नाम की।
शाम 5:20 बजे- पालीगंज विधानसभा सीट से माले के उम्मीदवार संदीप सौरव ने बढ़त बना ली है। वह लोजपा (रामविलास) के सुनील कुमार से 6655 वोटों से आगे चल रहे हैं।
दोपहर 4:48- विभूतिपुर विधानसभा सीट से CPI(M) के कैंडिडेट लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। अजय कुमार को जदयू की उम्मीदवार रवीना कुशवाहा पर 10441 वोटों की लीड हासिल है।
दोपहर 3:55- माले की बढ़त अब 2 सीटों पर पहुंच गई है। पालीगंज और काराकाट विधानसभा सीट से CPIML(L) के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।
दोपहर 3:00- बिहार के इस चुनाव में वामपंथी दलों का बुरा हाल है। लेफ्ट की पार्टियों की बढ़त घटकर 2 सीटों पर आ गई है। माले यानी कि CPIML(L) एक सीट पर आगे चल रही है। CPI(M) का भी एक ही उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए है।
दोपहर 2:05- विभूतिपुर विधानसभा सीट से CPI(M) के कैंडिडेट आगे चल रहे हैं। अजय कुमार को जदयू की उम्मीदवार रवीना कुशवाहा पर 2329 वोटों की बढ़त हासिल है।
दोपहर 1:30- बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार लेफ्ट पार्टियों की बढ़त फिर से घट गई है। वामपंथ दलों के कुल मिलाकर 5 उम्मीदवार अब आगे चल रहे हैं।
दोपहर 12:40- बिहार विधानसभा चुनाव में माले की बढ़त भी घट गई है। चुनाव आयोग के मुताबिक, CPIML(L) के उम्मीदवारों की बढ़त घटकर 4 सीटों पर आ गई है।
सुबह 11:45- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में वामपंथी दलों की बढ़त घट रही है। चुनाव आयोग के मुताबिक, लेफ्ट पार्टियों के उम्मीदवार अब केवल 6 सीटों पर आगे हैं।
सुबह 10:55 बजे- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में लेफ्ट पार्टियों को तगड़ा झटका लगता दिख रहा है। ताजा रुझान में माले 12 से 4 सीटों पर आती दिख रही है। सीपीआई 2 से 0 पर जा सकती है। वहीं, सीपीएम ने पिछले बार 2 सीटें जीती थीं मगर इस बार 1 पर ही बढ़त मिली है।
सुबह 10:00 बजे- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के वोटों की गिनती लगातार जारी है। ताजा रुझानों में महागठबंधन में शामिल लेफ्ट पार्टियों की बढ़त घटकर 6 सीटों पर हो गई है।
सुबह 9:05- CPI (ML) को 7, CPI को 1 और सीपीएम को 2 सीट पर बढ़त हासिल है। वोटों की गिनती चल रही है और आंकड़े लगातार बदल भी रहे हैं।
सुबह 9:01 बजे- बिहार विधानसभा चुनाव के वोटों की गितनी चल रही है। शुरुआती रुझान देखें तो महागठबंधन में शामिल लेफ्ट पार्टियों की बढ़त 10 सीटों पर हो गई है।
सुबह 8:30 बजे- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के वोटों की गितनी चल रही है। शुरुआती रुझान की बात करें तो महागठबंधन में शामिल लेफ्ट पार्टियों को 6 सीटों पर बढ़त हासिल है।
सुबह 8 बजे- 8 बजे से मतगणना शुरू। शुरुआत पोस्टल बैलट से 30 मिनट तक गिनती होगी। ईवीएम की गिनती 8:30 बजे प्रारंभ होगी।
सुबह 7:38 बजे -बिहार विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती आज निर्धारित है। राज्य के 38 जिलों के 46 मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था अत्यधिक कड़ी रखी गई है। अधिकारियों की ओर से सूचना है कि पटना में मतगणना के मद्देनजर शुक्रवार को सभी स्कूल अवकाश पर रहेंगे।
वामपंथी खेमे के प्रमुख नेताओं में भाकपा (माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य शामिल हैं, जो गठबंधन में वामदलों की भूमिका को लेकर लगातार मुखर हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वामपंथी दल ने इस बार भी अपने पुराने गढ़ों पर ध्यान केंद्रित रखा। वामपंथी दलों का कहना रहा कि वे महागठबंधन के भीतर अपनी स्थिति मजबूत करने और जनता के मुद्दों पर चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम किया। 2020 के विधानसभा चुनाव में वामदलों ने अच्छा प्रदर्शन किया था। भाकपा (माले) ने उस चुनाव में 19 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 12 पर जीत दर्ज की थी। भाकपा ने 4 सीटों पर चुनाव लड़ा और 2 जीतीं। भाकपा-एम ने भी 4 सीटों में से 2 पर जीत हासिल की थी।
भाकपा (माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सामाजिक न्याय, बदलाव की लहर और सत्ता-विरोधी भावना को प्रमुख मुद्दा बनाते नजर आए। उन्होंने कहा कि महागठबंधन ने पलायन मुक्त बिहार, रोजगार सृजन, शिक्षा-स्वास्थ्य सुधार और महिलाओं के सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ा। भट्टाचार्य ने कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर तीखा प्रहार किया। चुनाव के बीच हो रही हत्याओं को जंगलराज करार देते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है। महागठबंधन के संकल्प पत्र में हर परिवार में एक नौकरी, महिलाओं को मासिक 2500 रुपये, 200 यूनिट बिजली मुफ्त, 500 रुपये में गैस सिलेंडर, 25 लाख तक मुफ्त इलाज, आरक्षण सीमा 50% से बढ़ाना, एमएसपी की कानूनी गारंटी, मनरेगा मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन और पुरानी पेंशन बहाली जैसे वादे शामिल रहे।



