
गजब है बिहार पुलिस! नाबालिग से गैंगरेप के केस में SC-ST एक्ट की धारा लगाना ही भूल गई
लिस इस मामले में पीड़िता व आरोपितों के कपड़े एवं घटनास्थल जब्त साक्ष्यों को कोर्ट में पेश करेगी। इसका एफएसएल व डीएनए जांच के लिए विशेष कोर्ट से अनुमति देने की प्रार्थना की जाएगी।
बिहार पुलिस अक्सर अपने अलग-अलग कारनामों की वजह से चर्चा में रहती है। अब यहां की पुलिस गैंगरेप जैसे संवेदनशील मामले में जरुरी धारा लगाना ही भूल गई। मुजफ्फरपुर जिले के करजा थाना क्षेत्र में अनुसूचित जाति की किशोरी के साथ गैंगरेप के मामले में दर्ज एफआईआर में पुलिस एससी-एसटी एक्ट की धारा लगाना ही भूल गई। अब इसको लेकर विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या-तीन में बुधवार को पुलिस शुद्धि पत्र दाखिल करेगी।

इसमें एससी-एसटी की धारा जोड़ने व इसके तहत जांच करने की अनुमति देने की विशेष कोर्ट से प्रार्थना की जाएगी। विशेष कोर्ट की अनुमति मिलने पर एफआईआर में एससी-एसटी एक्ट की धारा जोड़कर जांच की जाएगी। वहीं, मामले में नामजद पांचों आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
उधर, पीड़ित किशोरी को मामले के आईओ ने मंगलवार को विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या-तीन में पेश किया। प्रभारी विशेष कोर्ट के आदेश पर न्यायिक दंडाधिकारी अमृतांशा के कोर्ट में किशोरी का बयान दर्ज किया। पुलिस इस मामले में पीड़िता व आरोपितों के कपड़े एवं घटनास्थल जब्त साक्ष्यों को कोर्ट में पेश करेगी। इसका एफएसएल व डीएनए जांच के लिए विशेष कोर्ट से अनुमति देने की प्रार्थना की जाएगी।
दो अन्य आरोपितों को पुलिस ने दबोचा
मामले में पांच युवकों को आरोपित बनाया गया था। इसमें से तीन को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दो आरोपित मंजय कुमार व मिथिलेश कुमार को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों को विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या-तीन के समक्ष पेश किया गया। विशेष कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।





