सिपाही और जमादार के वाहन जांच करने पर रोक, सिर्फ जाम फ्री रखेंगे सड़क; चेकिंग में दारोगा जरूरी
बिहार पुलिस ने जमादार और सिपाही स्तर के पुलिसकर्मियों के सड़क पर गाड़ियों की चेकिंग करने पर रोक लगा दी है। अब वाहन जांच का काम सिर्फ दारोगा या उससे ऊपर के अधिकारी ही करेंगे। अगर एएसआई या सिपाही गाड़ी चेक करता पाया गया, तो उस पर कार्रवाई होगी।

बिहार में अब सिपाही और जमादार (एएसआई) रैंक के पुलिसकर्मी वाहन जांच नहीं करेंगे। दारोगा से नीचे के पुलिसकर्मियों के गाड़ी चेकिंग पर रोक लगा दी गई है। सिपाही और जमादार का काम सिर्फ सड़कों को जाम से मुक्त रखना होगा। वे सिर्फ ट्रैफिक को रेगुलेट करेंगे। किसी भी परिस्थिति में दारोगा से नीचे के पुलिसकर्मी वाहन चालकों को रोक कर गाड़ी की चेकिंग नहीं करेंगे। बिहार पुलिस के एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने शुक्रवार को पटना में प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय के स्तर पर इससे संबंधित कड़ाई से निर्देश जारी किया गया है। जांच दल बनाकर इसकी जांच कराई जाएगी। शिकायत मिलने पर कार्रवाई भी होगी। अगर कोई सिपाही या एएसआई गाड़ी चेकिंग करते पाया गया, तो उस पर ऐक्शन लिया जाएगा।
बॉडी वार्न कैमरा ऑन नहीं, तो पुलिसकर्मी ही जिम्मेदार
एडीजी ने कहा कि ट्रैफिक या चेकिंग ड्यूटी में लगे सभी पुलिसकर्मियों को अपना बॉडी वार्न कैमरा अनिवार्य रूप से ऑन रखना होगा। कैमरा बंद रहने पर अगर राहगीर या वाहन चालक से किसी तरह का विवाद होता है, तो उस स्थिति में पुलिसकर्मी को ही जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने कहा कि पीक आवर में सभी पर्यवेक्षी पदाधिकारी अनिवार्य रूप से सड़क पर मौजूद रहेंगे।
पटना में ट्रैफिक जाम से निपटने पर अहम फैसले
बिहार पुलिस ने राजधानी पटना में यातायात को सुचारू रखने और ट्रैफिक जाम की स्थिति से निपटने के लिए भी कई अहम फैसले लिए हैं। एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु ने बताया कि पटना में अब निर्धारित एक प्वाइंट की जगह स्ट्रेच बना कर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। निर्धारित स्ट्रेच में ट्रैफिक को सुगम रखने की जिम्मेदारी संबंधित पुलिसकर्मियों पर होगी।
उन्होंने कहा कि ट्रैफिक सुगम बनाए रखने, सड़कों को वन-वे निर्धारित करने, अतिक्रमण हटाने और नो पार्किंग जोन आदि निर्धारित करने को लेकर ट्रैफिक पुलिस के द्वारा संबंधित एजेंसियों को सुझाव दिया जाएगा।


