कल पंचायतों और सचिवालय में लेकर जाएं फरियाद, अफसर सुनेंगे; बिहार में नई व्यवस्था
सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ के तहत यह व्यवस्था लागू हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं सोशल मीडिया एक्स पर 19 जनवरी से यह व्यवस्था शुरू करने की जानकारी दी थी। उसके बाद मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी पदाधिकारियों को आदेश का पालन करने का निर्देश दिया है।

बिहार में पंचायत से लेकर सचिवालय तक के अधिकारी लोगों की समस्याएं सुनने के लिए सोमवार को दफ्तरों में मौजूद रहेंगे। कार्यालय अवधि में लोगों की समस्याएं सुनेंगे। छोटी-मोटी समस्याओं का तत्काल समाधान निकालेंगे। सोमवार से राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में लोगों की समस्याएं सुनने और उसका निदान सुनिश्चित करने की नई व्यवस्था शुरू हो रही है। हरेक सप्ताह सोमवार के अलावा शुक्रवार को भी अधिकारी दफ्तर में लोगों से मिलेंगे।
सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ के तहत यह व्यवस्था लागू हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं सोशल मीडिया एक्स पर 19 जनवरी से यह व्यवस्था शुरू करने की जानकारी दी थी। उसके बाद मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी पदाधिकारियों को आदेश का पालन करने का निर्देश दिया है। हर सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला, प्रमंडल एवं राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में आमलोग अपनी शिकायतों के निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारी से उनके निर्धारित कार्यस्थल या कार्यालय कक्ष में मिलेंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने ट्वीट में कहा था कि कई बार ऐसा देखा गया है कि आम लोग जब अपनी समस्याओं को लेकर सरकारी कार्यालय पहुंचते हैं तो अधिकारी उपस्थित नहीं रहते हैं, जिसके कारण उन्हें असुविधा होती है। अब इन दोनों दिन अधिकारी अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। इसे देखते हुए अब राज्य के आमजनों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसे लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
तत्काल निराकरण होगा
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने निर्देश दिया है कि अधिकारी सोमवार और शुक्रवार को अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित होकर लोगों से सम्मानपूर्वक मिलेंगे। जनता की शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनेंगे और उसका तत्काल निराकरण करेंगे। आवेदकों को सम्मानपूर्वक बैठाने एवं मिलने की व्यवस्था करने को कहा गया है। उनके लिए जरूरी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही सोमवार और शुक्रवार को शिकायतें सुनने की इस व्यवस्था का प्रचार-प्रसार भी करेंगे, ताकि जन-जन तक यह जानकारी पहुंचे।
शिकायतों की निगरानी होगी
लोगों से प्राप्त शिकायतों की पंजी का संधारण किया जाएगा। किन शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी भी मॉनिटरिंग उच्च स्तर पर की जाएगी। मुख्य सचिव ने यह भी कहा है कि अगर विभाग के प्रमुख पदाधिकारी किसी कारणवश कार्यालय में नहीं होंगे तो उनके ठीक निचले स्तर के अधिकारी उनकी जगह पर लोगों की शिकायतें सुनेंगे। शिकायतें सुनने के बाद उसके निदान को लेकर विधिवत रूप से आदेश भी जारी करेंगे। विभाग के प्रमुख भी संबंधित शिकायतों के निष्पादन कार्य की नियमित रूप से समीक्षा करेंगे।
क्या है उद्देश्य
इस व्यवस्था को लागू करने का उद्देश्य है कि आमलोग सरकार तक अपनी शिकायतें आसानी से पहुंचा सकें। साथ ही उनकी समस्याओं का तत्काल निदान निकले। इसके लिए सरकार ने दिन भी तय कर दिये हैं। ताकि, वह सीधे पदाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपनी शिकायत-समस्या रखें। वहीं, पदाधिकारियों को भी निर्देश है कि हर हाल में इस दिन अपने कार्यालय कक्ष में रहें। विभाग अपने-अपने अनुसार लोगों की शिकायतें सुनने का समय निर्धारित कर रहे हैं। इसके लागू होने से आमजनों को काफी सुविधा होगी। उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा।





