बिहार में बनेगा धर्मांतरण विरोधी कानून? विधानसभा स्पीकर ने नीतीश सरकार को दिए निर्देश
बिहार में लव जिहाद और धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाया जा सकता है। विधानसभा स्पीकर ने ऐसे मामलों की समीक्षा कर कानून बनाने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है।

Bihar News: बिहार में धर्मांतरण विरोधी कानून बनाया जा सकता है। विधानसभा के स्पीकर प्रेम कुमार ने शुक्रवार को सदन में नीतीश सरकार को इस संबंध में निर्देश दिए। स्पीकर ने सरकार से कहा कि वह विभिन्न इलाकों में चल रहे धर्मांतरण के मामलों की समीक्षा करे और जरूरी हो तो इस समस्या के निदान के लिए आवश्यक कानून बनाए। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक बीरेंद्र कुमार के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सरकार की तरफ से मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के जवाब और कई विधायकों को सुनने के बाद स्पीकर ने यह निर्देश दिए।
इससे पहले विधायक बीरेंद्र कुमार ने सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि बिहार में ईसाई और मुस्लिम धर्मगुरु गरीब तबके की हिंदू आबादी को भड़का रहे हैं। उन्हें अच्छी जिंदगी का लालच देकर शादी के जरिए उनका धर्म परिवर्तन (कथित तौर पर लव जिहाद) कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस वजह से बिहार में ईसाई और मुस्लिम आबादी में असामान्य बढ़ोतरी हो रही है।
‘बिहार में ईसाइयों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी’
विधायक ने यह भी कहा कि प्रदेश में चर्च की संख्या 5000 से भी ज्यादा हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस समय देश में ईसाईयों की वृद्धि दर 15.52 प्रतिशत है, वहीं बिहार में यह 143.23 प्रतिशत है।
यूपी जैसे राज्यों में है कानून
भाजपा विधायक ने सदन में कहा कि बिहार के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात,उत्तराखंड और हिमाचल में धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कानून है। इस तरह के मामले सामने आने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार भी इस समस्या से खुद निपटने के लिए प्रदेश में कठोर कानून बनाए।
बिहार का बजट सत्र खत्म
बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों को शुक्रवार को बजट सत्र की समाप्ति के साथ अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। वहीं, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने भी परिषद की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा की। 2 फरवरी से शुरू हुए बजट सत्र के दौरान नीतीश सरकार ने सदन में 3.47 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था।
सदन ने 19 दिनों तक चले बजट सत्र में 12 विधेयक भी पारित किए। इनमें बिहार तकनीकी सेवा आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार कर्मचारी चयन आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार नगर पालिका (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार सिविल न्यायालय विधेयक, 2026 तथा बिहार निजी व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थान (प्रवेश विनियमन एवं शुल्क निर्धारण) विधेयक, 2026 प्रमुख रहे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
कृपया अपने अनुभव को रेट करें
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


