बिहार में लैंड सर्वे का काम कब होगा पूरा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बताई डेडलाइन

Nishant Nandan हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
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भूमि सर्वेक्षण पूरा होने से राज्य में भूमि अभिलेख पूरी तरह अपडेट और पारदर्शी हो जाएंगे, जिससे आम लोगों को जमीन से जुड़े विवादों से काफी राहत मिलेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वेक्षण के कार्य को गति प्रदान करने के उद्देश्य से 13 मार्च को समीक्षा बैठक बुलाई गई है।

बिहार में लैंड सर्वे का काम कब होगा पूरा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बताई डेडलाइन

बिहार में जमीन सर्वे का काम चल रहा है। राज्य सरकार का मकसद इस सर्वे के जरिए राज्य में जमीन से जुड़े विवादों को खत्म कर जमीन से जुड़े सही मालिकों को उनका हक दिलाना है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

दिसंबर 2027 तक बिहार में भूमि सर्वेक्षण का कार्य हर हाल में पूरा किया जाएगा। भूमि सर्वेक्षण पूरा होने से राज्य में भूमि अभिलेख पूरी तरह अपडेट और पारदर्शी हो जाएंगे, जिससे आम लोगों को जमीन से जुड़े विवादों से काफी राहत मिलेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वेक्षण के कार्य को गति प्रदान करने के उद्देश्य से 13 मार्च को समीक्षा बैठक बुलाई गई है। इस दौरान हरेक मुद्दे की समीक्षा कर तय समय सीमा में कार्य पूरा कराना उद्देश्य है। बैठक राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर के सभाकक्ष में होगी। भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत ने बैठक को लेकर पत्र जारी किया है।

आपको बता दें कि फिलहाल बिहार राजस्व सेवा महासंघ के आह्वान पर अंचलाधिकारियों और राजस्व अधिकारियों की हड़ताल का राज्य के 22 जिलों में व्यापक असर है। हालांकि करीब 30 फीसदी अंचलाधिकारी हड़ताल पर नहीं हैं। ये नए अंचलाधिकारी हैं और दफ्तर में नियमित रूप से बैठकर कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं। सात जिलों के सभी अंचलाधिकारी ड्यूटी पर हैं, जबकि नौ जिलों में हड़ताल का आंशिक असर है। जिन अंचलों में अंचलाधिकारी हड़ताल पर हैं वहां जमीन के म्यूटेशन, परिमार्जन, ई-मापी, एलपीसी, अभियान बसेरा आदि का काम ठप है।

मुजफ्फरपुर व समस्तीपुर में सभी अंचल कार्यालयों में सीओ काम कर रहे हैं। हालांकि राजस्व कर्मियों की हड़ताल के कारण परिमार्जन और दाखिल-खारिज जैसे जमीन से जुड़े काम प्रभावित हैं। मधुबनी जिले में पांच अंचलों को छोड़कर बाकी सभी अंचलाधिकारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल पर नहीं जाने वाले सीओ में पंडौल, खजौली, राजनगर, रहिका और बेनीपट्टी शामिल हैं। इनमें से चार अंचलों में पुराने सीओ हैं, जबकि पंडौल अंचल में पदस्थापित नए सीओ हड़ताल पर नहीं हैं। यहाँ राजस्व कर्मी पहले से ही हड़ताल पर हैं। नालंदा जिले के 20 अंचलों में से दस में कामकाज सुचारु रूप से जारी है। पटना जिले में बिहटा और मोकामा प्रखंड के सीओ भी हड़ताल पर नहीं हैं। नालंदा जिले में 20 अंचल हैं, जिनमें से दस सीओ हड़ताल पर नहीं हैं। पुराने दस सीओ हड़ताल पर हैं।

इन जिलों में हड़ताल का ज्यादा असर

बक्सर, जहानाबाद, बेगूसराय, वैशाली, मधेपुरा, खगड़िया, पूर्णिया, लखीसराय, बांका, भागलपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, दरभंगा, शिवहर, औरंगाबाद, गोपालगंज, नवादा, शेखपुरा, सारण, भोजपुर, गया, अरवल

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Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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