Hindi NewsBihar NewsBihar Jeevika Didi number one in country surpassing Andhra Pradesh in Company operation
बिहार की जीविका दीदी देश में नंबर वन, आंध्र प्रदेश को पछाड़ा; अपनी कंपनी खोल छू रहीं आसमान

बिहार की जीविका दीदी देश में नंबर वन, आंध्र प्रदेश को पछाड़ा; अपनी कंपनी खोल छू रहीं आसमान

संक्षेप:

बिहार की जीविका दीदियां राज्यभर में 70 कंपिनयां चला रही हैं। शुरुआत भले दस हजार लोन लेकर करती हैं, लेकिन उनकी कड़ी मेहनत से आज वो अपनी कंपनी खड़ी की है।

Mon, 1 Sep 2025 01:09 PMSudhir Kumar हिन्दुस्तान, पटना, मुख्य संवाददाता।
share Share
Follow Us on

महज पांच वर्षों में बिहार की जीविका दीदियों ने आंध्र प्रदेश की आजीविका दीदियों को पीछे छोड़ दिया है। जीविका प्रशासन की मानें तो खुद की कंपनी चलाने में बिहार की जीविका दीदी देशभर में पहले स्थान पर हैं। दूसरे स्थान पर आंध्र प्रदेश की आजीविका दीदियों का स्थान है। आंध्र की आजीविका दीदियां 15 कंपनियां चला कर स्वरोजगार कर रही हैं। सबसे ज्यादा 70 कंपनियां बिहार की ही जीविका दीदी चला रही हैं।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

मालूम हो कि महज दस से तीस हजार की पूंजी लगाकर कारोबार को बढ़ाया। जब कारोबार बेहतर होने लगा तो दीदियों ने मिलकर अपनी कंपनी ही खोल ली। ऐसा करने वाली कोई एक या दो जीविका दीदी नहीं है, बल्कि राज्यभर में 30 लाख से ज्यादा दीदियां हैं। इन दीदियों ने कड़ी मेहनत से पांच सालों में 70 कंपनियां चला रही हैं। इसमें केवल कृषि क्षेत्र में ही 61 कंपनी कार्यरत हैं। इसके अलावा गैर कृषि क्षेत्र में छह और पशु धन से संबंधित तीन कंपनियां हैं।

ये भी पढ़ें:बिहार के वोटर लिस्ट में कई नेपाली नागरिकों के नाम प्रशासन ने भेजा नोटिस
बिहार चुनाव 2025 की ताज़ा ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें।

10 करोड़ से ज्यादा है कारोबार

शहद, दूध उत्पादन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, शिल्प कला आदि के क्षेत्र के माध्यम से जीविका दीदियों का कारोबार काफी आगे बढ़ा है। शहद को डाबर कंपनी खरीदती हैं। दूध उत्पादन में कई दूध कंपनियों के साथ करार हुआ है। जीविका प्रशासन की मानें तो कंपनियों का दस करोड़ का सालाना कारोबार है। इसमें दस लाख से ज्यादा जीविका दीदी तो लखपति की श्रेणी में आ चुकी है।

ये भी पढ़ें:बिहार के इस जिले में धार्मिक झंडा उखाड़ने पर बवाल, पुलिस ने संभाला मोर्चा; तनाव

दीदी की रसोई से जुड़ी हैं दस हजार दीदियां

राज्यभर में दस हजार जीविका दीदी की रसोई चला रही है। अब दीदी की रसोई भी जानकी अन्नपूर्णा कंपनी लिमिटेड चला रही है। सदर अस्पताल समेत अन्य सरकारी संस्थानों में बीस रुपए में ताजा और गर्म भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

ये भी पढ़ें:लव-सेक्स-धोखा, प्राइवेट पार्ट में मिर्च डालने का आरोप;बिहार में युवती से दरिंदगी

कहते हैं अधिकारी

जीविका दीदियां राज्यभर में 70 कंपिनयां चला रही हैं। शुरुआत भले दस हजार लोन लेकर करती हैं, लेकिन उनकी कड़ी मेहनत से आज वो अपनी कंपनी खड़ी की है। खुद की कंपनी चलाने में बिहार की जीविका दीदी देशभर में अव्वल है। -हिमाशु शर्मा, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका

ये भी पढ़ें:पिता का रिकॉर्ड तोड़ने उतरेंगे नितिन नवीन, बांकीपुर सीट पर महागठबंधन भी तैयार
ये भी पढ़ें:बिहार में 2 दिन से गायब शिक्षिका की मिली लाश, बीएलओ के काम से था तनाव
ये भी पढ़ें:बिहार के नए CS प्रत्यय अमृत ने संभाला पदभार; अमृतलाल मीणा ने कुर्सी पर बैठाया

शहद के कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए जीविका दीदियों ने कौशिकी प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बनाया। इस कंपनी से 30 हजार 135 दीदियां जुड़ी है। वर्तमान में पांच करोड़ से अधिक का कारोबार हैं। गोट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से वर्तमान में 20 हजार 956 जीविका दीदी जुड़ी है। 2023 में बकरी पालन से महज 20 दीदियां जुड़ी थीं। इस कंपनी से सालाना दो करोड़ 60 लाख का व्यवसाय कर रही हैं।

Sudhir Kumar

लेखक के बारे में

Sudhir Kumar
टीवी मीडिया और डिजिटल जर्नलिज्म में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। क्राइम, पॉलिटिक्स, सामाजिक और प्रशासनिक मामलों की समझ रखते हैं। फिलहाल लाइव हिन्दु्स्तान में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर बिहार के लिए काम करते हैं। इससे पहले ईटीवी न्यूज/News18 में बिहार और झारखंड की पत्रकारिता कर चुके हैं। इंदिरा गांधी नेशनल ओेपन यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में पीजी किया है। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Bihar Shapath Grahan, Bihar Election Result 2025, Bihar Chunav Result, बिहार चुनाव 2025 , Bihar vidhan sabha seats , बिहार चुनाव एग्जिट पोल्स और बिहार चुनाव 2025 की खबरें पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।