बिहार में पुलों पर नहीं चलेगी लापरवाही, डैमेज हुआ ब्रिज तो नपेंगे इंजीनियर और अधिकारी
Bihar News Today: बिहार में लापरवाही से पुल डैमेज होने पर अब एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से लेकर मुख्यालय तक के अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होगी। सरकार ने मानसून से पहले सभी पुलों के सेफ्टी ऑडिट के सख्त निर्देश दिए हैं।

Bihar News Today: बिहार में पुलों के क्षतिग्रस्त होने या उनके रखरखाव में लापरवाही बरतने की घटनाओं को लेकर राज्य सरकार ने अब बेहद सख्त और 'जीरो टॉलरेंस' का रुख अख्तियार कर लिया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलों के निर्माण और सुरक्षा में किसी भी स्तर पर कोताही अब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की है कि यदि अब किसी भी पुल में लापरवाही के कारण क्षति होती है, तो इसके लिए सिर्फ जमीनी कर्मचारी नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्र के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और मुख्यालय स्तर के बड़े अधिकारी भी समान रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
शनिवार को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में पुलों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य भर में मौजूद सभी पुलों की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा उपायों की समीक्षा और उनका 'सुरक्षा ऑडिट' करना था। सचिव ने बैठक में दो टूक स्पष्ट कर दिया कि विभाग का मुख्य लक्ष्य राज्य के हर हिस्से में सुगम और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करना है। इसलिए, पुलों की सुरक्षा और गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगा।
मानसून को लेकर विशेष अलर्ट जारी
बैठक में आगामी मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए विशेष निर्देश दिए गए हैं। बारिश के दौरान नदियों के जलस्तर बढ़ने से पुलों पर दबाव और खतरा बढ़ जाता है, इसे देखते हुए सभी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर्स को अभी से हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। सभी पुलों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि समय रहते किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोका जा सके।
NH विंग को भी सेफ्टी ऑडिट के सख्त निर्देश
पथ निर्माण सचिव ने नेशनल हाईवे विंग को भी निर्देशित किया है कि वे राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित अपने सभी पुलों का तुरंत सेफ्टी ऑडिट करें। उन्होंने साफ किया कि हर हाल में अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस अहम बैठक में पथ निर्माण विभाग, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, बिहार राज्य सड़क विकास निगम और NH के वरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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